जानकारों का दावा है कि UGC के मुद्दे पर नौकरी छोडक़र अलंकार अग्निहोत्री ने बहुत बड़ा काम किया है। UGC के मुद्दे पर PCS जैसे महत्वपूर्ण नौकरी को छोडक़र अलंकार अग्निहोत्री केवल ब्राह्मण समाज का ही नहीं बल्कि पूरे सवर्ण समाज का बड़ा चेहरा बन गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली शहर के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री की खूब चर्चा हो रही है। उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश में अलंकार अग्निहोत्री का नाम प्रसिद्ध हो गया है। जानकारों का दावा है कि UGC के मुद्दे पर नौकरी छोडक़र अलंकार अग्निहोत्री ने बहुत बड़ा काम किया है। UGC के मुद्दे पर PCS जैसे महत्वपूर्ण नौकरी को छोडक़र अलंकार अग्निहोत्री केवल ब्राह्मण समाज का ही नहीं बल्कि पूरे सवर्ण समाज का बड़ा चेहरा बन गया है।
पीसीएस(PCS) की नौकरी भारत में आईएएस (IAS) तथा आईपीएस(IPS) के बाद सबसे प्रतिष्ठित नौकरी मानी जाती है। यूजीसी(UGC) के मुद्दे पर अलंकार अग्निहोत्री ने इतनी प्रतिष्ठित नौकरी से त्याग-पत्र देकर बड़ा इतिहास बना दिया है। हर कोई यह मान रहा है कि पीसीएस(PCS) जैसी प्रतिष्ठित नौकरी को छोडऩा कोई आसान काम नहीं है। उत्तर प्रदेश के पीसीएस (PCS) अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के द्वारा इतनी प्रतिष्ठित नौकरी को छोडऩा आगे क्या रंग दिखाएगा यह देखना तो अभी शेष है। इतना तय है कि बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के त्याग-पत्र ने उन्हें रातोंरात एक बड़े समाज का हीरो बना दिया है। उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण समाज के हीरो बने अलंकार अग्निहोत्री धीरे-धीरे पूरे सवर्ण समाज के हीरो बनते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के सवर्ण समाज में अलंकार अग्निहोत्री के त्याग की खूब तारीफ हो रही है।
उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में सिटी मजिस्ट्रेट रहते हुए अलंकार अग्निहोत्री को बहुत कम लोग जानते थे। वर्तमान में अलंकार अग्निहोत्री की पहचान राष्ट्रवादी पहचान बन गई है। ऐसे में हर कोई अलंकार अग्निहोत्री के विषय में अधिक से अधिक जानना चाहता है। आपको बता दें कि अलंकार अग्निहोत्री उत्तर प्रदेश में वर्ष-2019 बैच के पीसीएस (PCS) अधिकारी हैं। हाल ही में अलंकार अग्निहोत्री उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध शहर बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे। यूजीसी (UGC) द्वारा बनाए गए नए नियमों से दु:खी होकर अलंकार अग्निहोत्री ने पीसीएस (PCS) की नौकरी से त्याग-पत्र दे दिया है। त्याग-पत्र देने से पहले अलंकार अग्निहोत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें वह एक पोस्टर पकड़े हुए हैं। इस पोस्टर में लिखा है- 'काला कानून वापस लो' और 'बायकॉट बीजेपी।'
अलंकार अग्निहोत्री मूलरूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं। बरेली से पहले वह बलरामपुर, उन्नाव और लखनऊ में एसडीएम पद पर तैनात रह चुके हैं। वह प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी स्पष्टवादिता और सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। अलंकार अग्निहोत्री मई, 2025 में बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद पर तैनात हुए थे। इससे पहले वह लखनऊ में सहायक नगर आयुक्त थे। अलंकार ने पहले प्रयास में पीसीएस परीक्षा पास की थी। सरकारी नौकरी की तैयारी से पहले उन्होंने 10 साल तक आईटी सेक्टर में कंसल्टेंसी की नौकरी की थी। उन्होंने 1998 में 12वीं कक्षा में उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश भर में 21वीं स्थान पाया था। इसके बाद बीएचयू (BHU) से बीटेक किया था। एक पुराने इंटरव्यू में अलंकार अग्निहोत्री ने बताया है कि उनके ऊपर परिवार की जिम्मेदारियां थीं। छोटे भाइयों के नौकरी में लगने और बहन की शादी के बाद उन्होंने यूपीएससी(UPSC) परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में ही उनका चयन यूपी पीसीएस (PCS) में हो गया था। UP News