उत्तर प्रदेश के सभी नागरिक जानते हैं कि IPS अधिकारी रहते हुए अमिताभ ठाकुर का विवादों के साथ सम्बंध रहा है। सरकारी नौकरी से जबरन रिटायर किए गए अमिताभ ठाकुर लगातार बड़े-बड़े विवादों से जुड़े रहे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के रिटायर IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर एक बार फिर चर्चा में हैं। उत्तर प्रदेश ने IPS अधिकारी रहे अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। उत्तर प्रदेश में शायद ही कोई ऐसा नागरिक हो जो IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर का नाम नहीं जानता हो। अमिताभ ठाकुर को उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक औद्योगिक भूखंड की खरीद-फरोख्त में हुए घोटाले के आरोप में पकड़ा गया है। उत्तर प्रदेश के सभी नागरिक जानते हैं कि IPS अधिकारी रहते हुए अमिताभ ठाकुर का विवादों के साथ सम्बंध रहा है। सरकारी नौकरी से जबरन रिटायर किए गए अमिताभ ठाकुर लगातार बड़े-बड़े विवादों से जुड़े रहे हैं।
अमिताभ ठाकुर के इतिहास की बात करें तो अमिताभ ठाकुर वर्ष-1993 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी रहे हैं। वर्ष-2021 में सरकार ने अमिताभ ठाकुर को जबरन रिटायर कर दिया है। अमिताभ ठाकुर को जबरन रिटायर करने के मामले में खूब बवाल मचा था। तमाम बवाल के बावजूद केन्द्र सरकार ने IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर की नौकरी की स्क्रीनिंग कराई थी। स्क्रीनिंग की रिपोर्ट में कहा गया था कि अमिताभ ठाकुर सरकारी नौकरी में रहने के योग्य नहीं हैं। इसी स्क्रीनिंग रिपोर्ट के आधार पर अमिताभ ठाकुर को जबरन रिटायरमेंट दे दिया गया था। अमिताभ ठाकुर की पत्नी का नाम नूतन ठाकुर है। नूतन ठाकुर NGO चलाती हैं। अमिताभ ठाकुर की तरह से ही नूतन ठाकुर भी खूब चर्चाओं में रहती हैं। अमिताभ ठाकुर तथा उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने एक राजनीतिक पार्टी भी बना रखी है। उनकी पार्टी का नाम आजाद अधिकार सेना है।
यह बात वर्ष-2015 की है जब IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ भिड़ गए थे। वर्ष-2015 के जुलाई के महीने में अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उन्हें फोन करके डराया, धमकाया तथा बेइज्जत करने का काम किया है। अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश के उस समय के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पिता पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के विरूद्ध लखनऊ के हजरतगंज थाने में FIR दर्ज कराने की तहरीर दी थी। जब उत्तर प्रदेश पुलिस ने FIR नहीं लिखी तो IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट के आदेश पर मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश यादव के पिता पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के विरूद्ध FIR दर्ज की गई थी। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने अमिताभ ठाकुर को सस्पेंड भी कर दिया था।
उत्तर प्रदेश के चर्चित IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर का नाम चर्चित माफिया अतीक अहमद के साथी भी जुड़ा था। उत्तर प्रदेश में हुए चर्चित माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के मर्डर के मामले में भी अमिताभ ठाकुर कोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने कोर्ट से मांग की थी कि इस मामले की जांच CBI को सौंपी जाए। उन्होंने कहा था कि इस मर्डर की सही जांच होनी चाहिए, इसलिए इस केस को CBI को सौंप दिया जाए। बता दें, अतीक अहमद और उनके भाई की प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अमिताभ ठाकुर पर अपनी संपत्ति का सही ब्योरा ना देने का भी आरोप लगा था। आरोप हैं कि जब उन्होंने 1993 में अपनी नौकरी शुरू की तो उन्होंने सरकार को अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया था। इसके बाद उन्होंने 1993 से 1999 तक का संपत्ति का ब्योरा एकमुश्त दिया था। उस जानकारी में भी कई खामियां पाई गई थीं। UP News