उत्तर प्रदेश के इस जिले में सड़कें होगी चौड़ी, राज्यपाल ने दी मंजूरी

यह कदम उत्तर प्रदेश के सीमा क्षेत्र में आवागमन को आसान बनाने के साथ-साथ गांवों की कनेक्टिविटी, स्थानीय कारोबार और रोजमर्रा के सफर को नई गति देने वाला माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Jan 2026 05:04 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में ग्रामीण इलाकों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ने की कवायद को बड़ी मंजूरी मिल गई है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जनपद के रौजागांव और पड़ोसी बाराबंकी के अलियाबाद को जोड़ने वाले मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण को राज्यपाल स्तर पर प्रशासनिक–वित्तीय हरी झंडी दे दी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए कुल 24 करोड़ 60 लाख 68 हजार रुपये स्वीकृत किए हैं, वहीं निर्माण कार्य को तुरंत रफ्तार देने के लिए 2 करोड़ 40 लाख 33 हजार रुपये की शुरुआती राशि भी जारी कर दी गई है। यह कदम उत्तर प्रदेश के सीमा क्षेत्र में आवागमन को आसान बनाने के साथ-साथ गांवों की कनेक्टिविटी, स्थानीय कारोबार और रोजमर्रा के सफर को नई गति देने वाला माना जा रहा है।

PWD की प्लानिंग को मिली राज्यपाल की मंजूरी

उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) के निर्माण खंड-4 ने अलियाबाद–रौजागांव मार्ग को अपग्रेड करने के लिए 10.300 किलोमीटर लंबे हिस्से का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण प्रस्ताव तैयार कर लखनऊ मुख्यालय भेजा था। लागत का आकलन पूरा होने के बाद विभागाध्यक्ष स्तर से यह प्रस्ताव 8 दिसंबर 2025 को शासन के पास स्वीकृति के लिए अग्रसारित किया गया, जिसे अब राज्यपाल स्तर पर मंजूरी मिल चुकी है। मंजूरी के साथ ही वर्षों से जर्जर हालत में चल रही सिंगल लेन सड़क को चौड़ा कर नया रूप दिया जाएगा, जिससे इस रूट पर ट्रैफिक क्षमता बढ़ेगी और हादसों का खतरा भी कम होगा। इस परियोजना का सीधा फायदा उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती गांवों अलियाबाद, पटरंगा, दरियाबाद, नियामतगंज समेत आसपास के कई इलाकों को मिलेगा, जहां अब तक संकरी सड़क के कारण लोगों को रोजाना आवाजाही में परेशानी, समय की बर्बादी और जोखिम उठाना पड़ता था। चौड़ीकरण के बाद न सिर्फ दैनिक सफर आसान होगा, बल्कि कृषि उपज की ढुलाई, स्थानीय व्यापार और एम्बुलेंस/आपातकालीन सेवाओं की गति भी बेहतर होगी। खास बात यह है कि शासनादेश के मुताबिक इस मंजूरी में पांच साल की मेंटेनेंस लागत 57.31 लाख रुपये भी शामिल है, जिससे उत्तर प्रदेश में सड़क निर्माण के साथ-साथ उसके रखरखाव और गुणवत्ता पर भी मजबूत फोकस सुनिश्चित होगा।

सीमा क्षेत्र के गांवों को सीधी राहत

उत्तर प्रदेश सरकार ने इससे पहले रुदौली–रौजागांव संपर्क मार्ग के लिए करीब 9 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था। लगभग 5 किमी लंबे इस मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कराया गया, जिसके बाद यह सड़क डेढ़ लेन (करीब 5.5 मीटर चौड़ाई) की हो गई। यह मार्ग नगर को सीधे नेशनल हाईवे से जोड़ता है और 84 कोसी परिक्रमा के दौरान साधु-संतों की आवाजाही में भी अहम भूमिका निभाता है। अब अलियाबाद–रौजागांव मार्ग का चौड़ीकरण होने से अयोध्या–बाराबंकी सीमा पर पूरा रोड नेटवर्क और अधिक सुगम व मजबूत हो जाएगा। UP News

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क्यूँ जवानी याद आ गई… मजाज़ के 5 शेर, जो आपको रोक लेंगे

शुरुआती दौर में उन्हें वह तवज्जो नहीं मिली, जिसके वे हक़दार थे, मगर वक्त के साथ उनकी शायरी ने अपनी जगह खुद बनाई और देखते ही देखते मजाज़ का नाम उर्दू अदब के यादगार हस्ताक्षरों में शुमार हो गया।

मजाज़ के शेर
मजाज़ के शेर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Jan 2026 02:47 PM
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Asrarul Haq Majaz : असरारुल हक़ “मजाज़” (1911–1955) उर्दू की प्रगतिशील धारा से जुड़े उन रोमानी शायरों में गिने जाते हैं, जिनकी पहचान कम लिखकर भी गहरी छाप छोड़ने वालों में होती है। लखनऊ से उनका भावनात्मक और साहित्यिक रिश्ता इतना मजबूत रहा कि वे “मजाज़ लखनवी” के नाम से भी पहचाने गए। शुरुआती दौर में उन्हें वह तवज्जो नहीं मिली, जिसके वे हक़दार थे, मगर वक्त के साथ उनकी शायरी ने अपनी जगह खुद बनाई और देखते ही देखते मजाज़ का नाम उर्दू अदब के यादगार हस्ताक्षरों में शुमार हो गया।

जीवन-परिचय

मजाज़ का असली नाम असरारुल हक़ था। आगरा में रहते हुए उन्होंने कुछ समय के लिए “शहीद” उपनाम अपनाया, लेकिन बाद में उन्होंने अपने नाम के साथ वह तख़ल्लुस जोड़ा, जिसने उन्हें अदब की दुनिया में स्थायी पहचान दिलाई—“मजाज़”। उनका जन्म 19 अक्टूबर 1911 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रुदौली में हुआ माना जाता है। हालांकि, कुछ साहित्यिक स्रोतों में उनकी जन्म-तिथि को लेकर मतभेद भी मिलता है फ़िराक़ गोरखपुरी के अनुसार यह 2 फरवरी 1909 बताई जाती है, और प्रकाश पंडित ने भी इसी तिथि को स्वीकार किया है।

असरारुल हक़ “मजाज़” टॉप 5 शेर

1 - हिन्दू चला गया न मुसलमाँ चला गया,    

इंसाँ की जुस्तुजू में इक इंसाँ चला गया। 

2 - फिर मिरी आँख हो गई नमनाक,

फिर किसी ने मिज़ाज पूछा है। 

3 - क्यूँ जवानी की मुझे याद आई,

मैं ने इक ख़्वाब सा देखा क्या था। 

4 - इज़्न-ए-ख़िराम लेते हुए आसमाँ से हम,

हट कर चले हैं रहगुज़र-ए-कारवाँ से हम। 

5 - हिज्र में कैफ़-ए-इज़्तिराब न पूछ,

ख़ून-ए-दिल भी शराब होना था। 


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SIR का वार, टिकट का तुरुप… सांसदों संग जीत की स्क्रिप्ट लिखेंगे अखिलेश

अखिलेश यादव ने सांसदों से कहा है कि वे अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में आने वाली विधानसभा सीटों की पूरी रिपोर्ट लेकर आएं। इन रिपोर्टों में स्थानीय मुद्दों, संगठन की ताकत, जनता के मूड, बूथ स्तर की स्थिति और चुनावी चुनौतियों का विस्तृत आकलन शामिल होगा।

अखिलेश यादव
अखिलेश यादव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Jan 2026 12:26 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 की बिसात बिछनी शुरू हो गई है और मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी अब चुनावी मोड में साफ नजर आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में सांसदों की अहम बैठक बुलाकर संकेत दे दिया कि उत्तर प्रदेश की अगली लड़ाई के लिए पार्टी अब सीट-दर-सीट रणनीति पर उतरेगी। बैठक में लोकसभा के 37 और राज्यसभा के 4 सांसदों के साथ वरिष्ठ नेतृत्व मौजूद रहेगा, जहां संगठन की जमीनी पकड़, संभावित प्रत्याशी, बूथ मैनेजमेंट और चुनावी रोडमैप पर गहन मंथन होगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इसे उत्तर प्रदेश में 2027 की सियासी जंग का पहला बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है। अखिलेश यादव ने सांसदों से कहा है कि वे अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में आने वाली विधानसभा सीटों की पूरी रिपोर्ट लेकर आएं। इन रिपोर्टों में स्थानीय मुद्दों, संगठन की ताकत, जनता के मूड, बूथ स्तर की स्थिति और चुनावी चुनौतियों का विस्तृत आकलन शामिल होगा।

सांसदों का रिपोर्ट कार्ड भी होगा चर्चा का विषय

बैठक के एजेंडे में सिर्फ रणनीति नहीं, बल्कि सांसदों की परफॉर्मेंस ऑडिट भी प्रमुख रूप से शामिल है। सपा नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश के सांसदों का एक विस्तृत रिपोर्ट-कार्ड तैयार किया है, जिस पर बंद कमरे में साफ-साफ और खुलकर चर्चा होने के संकेत हैं। मकसद यह समझना है कि लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में जो बढ़त मिली, उसे विधानसभा की सीट-दर-सीट जीत में कैसे बदला जाए। साथ ही जिन जिलों और क्षेत्रों में संगठन की पकड़ ढीली पड़ी है या बूथ स्तर पर मशीनरी कमजोर दिख रही है, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम तय किए जाएंगे ताकि 2027 तक उत्तर प्रदेश के हर हिस्से में पार्टी का नेटवर्क एक समान मजबूती के साथ खड़ा हो सके।

SIR पर भी रहेगा खास फोकस

इस बैठक में विशेष गहन संशोधन (SIR) से जुड़ी रिपोर्ट को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। सपा का मानना है कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे आने वाले चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इसी वजह से अखिलेश यादव ने सांसदों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में SIR की स्थिति, संभावित शिकायतें और जमीनी फीडबैक लेकर आएं, ताकि पार्टी आगे की रणनीति तय कर सके।

बजट सत्र की रणनीति और यूपी सरकार पर हमले की तैयारी

सपा अध्यक्ष ने सांसदों को संसद के आगामी बजट सत्र के लिए भी रणनीति बनाने को कहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव चाहते हैं कि सांसद उत्तर प्रदेश सरकार की उन नीतियों और फैसलों को केंद्र में रखकर आक्रामक रुख अपनाएं, जिन्हें जनता के हितों के खिलाफ माना जा रहा है। योजना यह भी है कि इन मुद्दों को सिर्फ सदन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उत्तर प्रदेश के गांव-शहर तक ले जाकर जनजागरण का अभियान बनाया जाए। अखिलेश यादव पहले ही साफ कर चुके हैं कि समाजवादी पार्टी 2027 में उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। बैठक में सांसदों को संदेश दिया जाएगा कि वे लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहें, बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करें और जनता से सीधे संवाद बढ़ाएं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन की जमीन तैयार हो चुकी है, जरूरत सिर्फ उसे सही दिशा में संगठित करने की है।

प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया भी हो सकती है तेज

बैठक के जरिए सपा संकेत दे रही है कि उत्तर प्रदेश में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू हो सकती है। पार्टी का फोकस इस बार “जीताऊ चेहरों” और मजबूत सामाजिक समीकरणों पर रहेगा। सूत्रों का कहना है कि संगठन को नए सिरे से धार देने के लिए सीटवार रणनीति बनाई जाएगी, ताकि चुनाव के वक्त कोई ढील न रह जाए। सपा का लक्ष्य PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्गों के साथ-साथ अन्य सामाजिक समूहों को जोड़कर उत्तर प्रदेश में बड़ा गठबंधन तैयार करने का है। पार्टी मान रही है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में सामाजिक संतुलन और स्थानीय मुद्दों का मेल ही जीत का रास्ता खोलता है। UP News

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