RSS के विराट सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पूरे आयोजन का केन्द्र बिन्दु बनाया जाएगा। इसका सीधा सा अर्थ है कि RSS का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऊपर रहेगा।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) का बहुत बड़ा आयोजन होगा। उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाले RSS के आयोजन का नाम विराट हिन्दू सम्मेलन रखा गया है। RSS का यह आयोजन उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की जीत को पक्का करने के मकसद से रखा गया है। RSS के विराट सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पूरे आयोजन का केन्द्र बिन्दु बनाया जाएगा। इसका सीधा सा अर्थ है कि RSS का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऊपर रहेगा।
आपको बता दें कि RSS ने उत्तर प्रदेश में विराट सम्मेलन करने की योजना तैयार कर ली है। RSS जल्दी ही इस सम्मेलन की तारीख तथा विवरण की घोषणा करेगा। इस विषय में मंगलवार को हुई RSS तथा भाजपा की समन्वय समिति में सहमति बना ली गई है। RSS का यह सम्मेलन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़ी तैयारी के साथ किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में RSS के विराट सम्मेलन आयोजन के पीछे वर्ष-2027 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को मुख्य कारण माना जा रहा है। RSS तथा भाजपा उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत की हैट्रिक बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इस रणनीति के तहत ही RSS के विराट सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुख्य रूप से फोकस में रखने की रणनीति तैयार की गई है।
आपको बता दें कि समय-समय पर भाजपा तथा RSS के बीच समन्वय बैठक होती रहती है। उत्तर प्रदेश में सवा साल से RSS तथा भाजपा के बीच समन्वय बैठक नहीं हुई थी। मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश में सवा साल के बाद सोमवार को सरकार, संगठन और RSS की समन्वय बैठक हुई। पहली बैठक RSS के भारती भवन के बंद कमरे में हुई, जिसमें संघ के सरकार्यवाह अरुण कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, अतुल लिमये, पश्चिम क्षेत्र प्रचारक महेंद्र शर्मा, पूर्वी क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह और यूपी बीजेपी के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह मौजूद रहे। यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली। इसके बाद RSS की सरकार और बीजेपी संगठन के साथ दूसरी मीटिंग हुई। यह बैठक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर हुई। इस बैठक में CM योगी, बीएल संतोष, अरुण कुमार, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी सहित संघ के क्षेत्रीय प्रचारक मौजूद रहे। इस बैठक में मिशन-2027 को लेकर रणनीति बनी और अब उसे अमलीजामा पहनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में वर्ष-2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले RSS के शताब्दी वर्ष के मद्देनजर राज्यभर में बड़े पैमाने पर हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसी क्रम में लखनऊ में होने वाले 'विराट हिंदू सम्मेलन' को शक्तिशाली राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है. बीजेपी और संघ की साझा रणनीति से एक बात साफ है कि उत्तर प्रदेश में विकास को आधार बनाकर हिंदुत्व के भावनात्मक मुद्दों को भुनाने की तैयारी है। लखनऊ में होने वाला विराट हिंदू सम्मेलन इस रोडमैप का केंद्र बिंदु माना जा रहा है। जनवरी में राम मंदिर के कैलेंडर और तस्वीर के साथ RSS और भाजपा के कार्यकर्ता लोगों से जनसंपर्क करते हुए घर-घर पहुंचने की कोशिश करेंगे। इसके बाद 20 फरवरी तक हिंदू सम्मेलन शुरू होंगे, जिसमें हिंदू समाज को एकजुट करने, खासकर दलित, अति पिछड़े और पिछड़े वर्गों तक पहुंच कर संघ और हिंदुत्व को लेकर सभी शहरों में कार्यक्रम करेंगे। सबसे बड़ा कार्यक्रम उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्लान किया जा रहा है जो विराट हिंदू सम्मेलन के तौर पर होगा। इसमें भाजपा और संघ के कार्यकर्ता जुड़ेंगे और उनकी कोशिश पिछड़े और दलित परिवारों तक पहुंचने की होगी। इस समीक्षा में विराट हिंदू सम्मेलन की तैयारियां और विभिन्न समूहों से मिले फीडबैक शामिल रहे. यूपी में भाजपा-संघ ने राजनीतिक समीकरणों को साधने की कवायद शुरू कर दी है। UP News