25 साल का ब्रह्मचर्य, अग्नि परीक्षा और इंस्टाग्राम पोस्ट, साध्वी प्रेम बाईसा केस की कहानी

साध्वी प्रेम बाईसा के निधन से ठीक पहले उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट सामने आई थी। इस पोस्ट में 25 वर्षों के ब्रह्मचर्य, चरित्र पर लगाए गए आरोपों और अग्नि परीक्षा जैसे शब्दों का जिक्र था। बाद में खुलासा हुआ कि यह पोस्ट खुद बाईसा ने नहीं लिखी थी, बल्कि उनके अकाउंट से किसी और ने डाली थी।

prem baisa
साध्वी प्रेम बाईसा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar08 Feb 2026 01:51 PM
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Sadhvi Prem Baisa Case : राजस्थान के जोधपुर से जुड़ा साध्वी प्रेम बाईसा का मामला अब सिर्फ एक रहस्यमयी मौत नहीं रह गया है, बल्कि इसमें धार्मिक आस्था, सोशल मीडिया, परिवार के बयान और पुलिस जांच सब कुछ आपस में उलझ चुका है। साध्वी प्रेम बाईसा के निधन से ठीक पहले उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट सामने आई थी। इस पोस्ट में 25 वर्षों के ब्रह्मचर्य, चरित्र पर लगाए गए आरोपों और अग्नि परीक्षा जैसे शब्दों का जिक्र था। बाद में खुलासा हुआ कि यह पोस्ट खुद बाईसा ने नहीं लिखी थी, बल्कि उनके अकाउंट से किसी और ने डाली थी।

किसने डाली पोस्ट और क्यों?

एक व्यक्ति, जो बाईसा के नजदीकी संपर्क में था, सामने आया और उसने बताया कि पोस्ट उसने खुद डाली थी। शब्द उसके अपने नहीं थे, उसे यह पोस्ट डालने के लिए परिवार की ओर से कहा गया था। यहीं से मामला और उलझ गया, क्योंकि इस पोस्ट के बाद ही आश्रम के बाहर भीड़ जुटनी शुरू हुई, नारेबाजी हुई और पूरे मामले ने राजनीतिक व सामाजिक रंग ले लिया।

मौत से पहले क्या हुआ था?

परिवार का दावा है कि साध्वी प्रेम बाईसा को सिर्फ हल्की तबीयत खराब थी। डॉक्टर द्वारा एक इंजेक्शन दिया गया और उसके तुरंत बाद हालत बिगड़ गई। अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। यही इंजेक्शन अब जांच का सबसे संवेदनशील बिंदु बन चुका है। पोस्टमार्टम के दौरान कुछ ऐसे शारीरिक संकेत मिले, जिनसे मौत को पूरी तरह प्राकृतिक मानने पर सवाल उठे। हालाँकि, अभी तक किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

एसआईटी जांच और डिजिटल सबूत

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाई है। दर्जनों लोगों से पूछताछ हो चुकी है। कई मोबाइल फोन, सोशल मीडिया लॉग्स और मेडिकल रिपोर्ट्स की जांच जारी है। यह भी देखा जा रहा है कि इंस्टाग्राम पोस्ट किस समय, किस डिवाइस और किस नेटवर्क से डाली गई। क्या यह एक सामान्य चिकित्सकीय चूक थी? सोशल मीडिया के जरिये बनाया गया दबाव? या किसी गहरी साजिश का हिस्सा? फिलहाल, हर एंगल से जांच चल रही है और अंतिम सच सामने आना बाकी है।

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UP Board Exam 2026: 52 लाख छात्र-छात्राओं के लिए बड़ा अपडेट

UP Board Admit Card 2026 जल्द ही स्कूलों में जारी किए जा सकते हैं। सभी 10वीं और 12वीं के छात्र अपने एडमिट कार्ड अपने स्कूल से प्राप्त कर सकेंगे। एडमिट कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड नहीं किया जा सकता। परीक्षा 18 फरवरी 2026 से शुरू होगी और 12 मार्च 2026 तक चलेगी।

Board Exam 2026
UP Board Admit Card 2026
locationभारत
userअसमीना
calendar08 Feb 2026 12:36 PM
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यूपी बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है। UP Board Admit Card 2026 को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (UPMSP), प्रयागराज की ओर से बोर्ड परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड जल्द ही स्कूलों को जारी किए जा सकते हैं। इस साल करीब 52 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं ऐसे में प्रवेश पत्र को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है।

UP Board Admit Card 2026 कब जारी होंगे?

यूपी बोर्ड द्वारा अभी तक एडमिट कार्ड की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है लेकिन बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू होनी हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि UP Board 10th 12th Admit Card 2026 परीक्षा से कुछ हफ्ते पहले स्कूलों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

स्टूडेंट्स को ऑनलाइन नहीं मिलेगा एडमिट कार्ड

छात्रों को यह ध्यान रखना जरूरी है कि यूपी बोर्ड एडमिट कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड करने की सुविधा नहीं देगा। सभी छात्र अपने-अपने स्कूल जाकर ही प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए क्लास टीचर या स्कूल प्रिंसिपल से संपर्क करना होगा। इस साल यूपी बोर्ड हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए कुल 52,30,297 छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। हाई स्कूल में 27,50,945 छात्र पंजीकृत हैं जिनमें 14,38,683 छात्र और 13,12,263 छात्राएं शामिल हैं। वहीं इंटरमीडिएट यानी 12वीं कक्षा में 24,79,352 छात्र-छात्राएं रजिस्टर्ड हैं जिनमें 13,03,012 छात्र और 11,76,340 छात्राएं हैं।

परीक्षा केंद्र पहले ही किए जा चुके हैं जारी

यूपी बोर्ड ने सभी छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र पहले ही जारी कर दिए हैं। राज्य के 75 जिलों में कुल 8033 परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। छात्रों को अपने एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र से जुड़ी पूरी जानकारी मिलेगी। यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। दोनों कक्षाओं का आखिरी पेपर 12 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा। परीक्षाएं दो शिफ्ट में कराई जाएंगी।

परीक्षा की शिफ्ट और टाइमिंग

पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक होगी।

दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी।

छात्रों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।

बोर्ड परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड है जरूरी

यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड होना अनिवार्य है। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसलिए जैसे ही एडमिट कार्ड स्कूल से मिले उस पर दी गई सभी जानकारी जरूर जांच लें। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से अपने स्कूल से संपर्क बनाए रखें। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल स्कूल से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। एडमिट कार्ड मिलने के बाद उसे सुरक्षित रखें।

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पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर ने सर्वोच्च न्यायालय का खटखटाया दरवाजा

पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले में जमानत पाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को सुनवाई करने का निर्णय लिया है।

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पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Feb 2026 06:42 PM
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UP News : उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जा चुके पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले में जमानत पाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। यह याचिका ऐसे समय दाखिल की गई है जब दिल्ली उच्च न्यायालय पहले ही इस मामले में सेंगर को जमानत देने से इनकार कर चुका है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सेंगर ने सर्वोच्च अदालत से राहत की उम्मीद लगाई है।

पुलिस हिरासत में हुई थी पीड़िता के पिता की मौत

पीड़िता के पिता की मौत उन्नाव दुष्कर्म प्रकरण के दौरान पुलिस हिरासत में हुई थी, जिसने पूरे मामले को और अधिक गंभीर और संवेदनशील बना दिया था। इस मामले में सेंगर के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दलील दी है कि उनके मुवक्किल को साजिश के तहत फंसाया गया है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। इसी आधार पर उन्होंने जमानत की मांग की है।

सेंगर पहले से ही उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषसिद्धि के बाद जेल की सजा काट रहे 

गौरतलब है कि कुलदीप सिंह सेंगर पहले से ही उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषसिद्धि के बाद जेल की सजा काट रहे हैं। हालांकि, दुष्कर्म मामले में उन्हें उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी, लेकिन उस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा रखी है। अब पीड़िता के पिता की मौत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। 9 फरवरी को होने वाली सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि सेंगर को इस मामले में कोई राहत मिलती है या नहीं।

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