अयोध्या के कथावाचक देवेंद्र पाठक पर एक महिला ने विवाह, धोखे और साथ रहने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने 2014 में शादी और एक बेटे का दावा करते हुए अधिकारियों से शिकायत की है।अयोध्या के कथावाचक देवेंद्र पाठक पर एक महिला ने विवाह, धोखे और साथ रहने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

UP News : यह बेहद कड़वा सच उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या में एक तथाकति संत का कला चेहरा उस वक्त उजागर हुआ जब रामनगरी अयोध्या मे संत के रूप में कथावाचन करने वाले देवेंद्र पाठक पर इलाहाबाद की रहने वाली एक महिला ने विवाह और धोखे के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि वर्ष 2014 में उसने देवेंद्र पाठक से विवाह किया था और दोनों से एक बेटा भी है। महिला के आरोप सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। UP News
महिला का आरोप है कि विवाह के बाद वैवाहिक संबंध कायम रहने के बावजूद देवेंद्र पाठक वर्तमान में किसी दूसरी महिला के साथ रह रहे हैं। महिला ने दावा किया कि कथावाचक की संत वाली सार्वजनिक छवि के पीछे उनके निजी वैवाहिक जीवन से जुड़ा गंभीर विवाद चल रहा है। महिला के मुताबिक उसने इस मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल के साथ-साथ अयोध्या के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच तथा कार्रवाई की मांग की है। महिला ने यह भी दावा किया कि देवेंद्र पाठक पर पूर्व में यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी लगाए जा चुके हैं। हालांकि, इन सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। UP News
महिला द्वारा सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोपों के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आया। सबसे बड़ा सवाल यही है कि महिला द्वारा बताए जा रहे वर्ष 2014 के विवाह का वास्तविक तथ्य क्या है और उनके द्वारा बताए गए बच्चे से संबंधित दावे की सच्चाई क्या है? मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि महिला ने अधिकारियों से शिकायत कर जांच की मांग की है। ऐसे में अब प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई और न्यायालय में चल रहे मामलों के परिणाम पर सबकी नजर रहेगी। UP News
दूसरी ओर, कथावाचक देवेंद्र पाठक ने महिला के आरोपों को पूरी तरह गलत और निराधार बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने टेलीफोन पर बातचीत में कहा कि वर्ष 2016 से पारिवारिक विवाद न्यायालय में लंबित है और इलाहाबाद न्यायालय में तीन अलग-अलग पारिवारिक वाद चल रहे हैं। देवेंद्र पाठक का कहना है कि महिला ने स्वयं न्यायालय में वाद दायर किया है और ऐसे में उसे न्यायालय के फैसले की प्रतीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने की मानसिकता से इस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालय जो भी फैसला देगा, वह उसका सम्मान करेंगे और उसका पालन करेंगे। UP News
इस पूरे मामले में फिलहाल एक पक्ष की ओर से गंभीर आरोप हैं तो दूसरे पक्ष की ओर से उनका स्पष्ट खंडन किया गया है। इसलिए आरोपों को अंतिम सत्य मानना जल्दबाजी होगी। अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि महिला द्वारा 2014 में विवाह किए जाने का दावा कितना सही है, दोनों के बीच वैवाहिक संबंध की वास्तविक कानूनी स्थिति क्या है और बच्चे से संबंधित दावे का तथ्य क्या है। सबसे अहम बात यह है कि यदि महिला के आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला गंभीर कानूनी और सामाजिक प्रश्न खड़े कर सकता है। वहीं यदि आरोपों में तथ्य नहीं पाए जाते हैं तो कथावाचक देवेंद्र पाठक की ओर से लगाए जा रहे छवि खराब करने के आरोप भी जांच के दायरे में आएंगे। फिलहाल इस सनसनीखेज मामले की सच्चाई जांच और न्यायालय के फैसले के बाद ही पूरी तरह सामने आएगी। UP News
इस समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित महिला के दावे और उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। कथावाचक देवेंद्र पाठक ने इन आरोपों को गलत और निराधार बताया है। UP News
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