उत्तर प्रदेश के इस शहर के एक ही थाने के 11 पुलिसकर्मी सहित 21 लाइनहाजिर
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:17 AM
Uttar Pradesh Samachar : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा ने हाल ही में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के आरोपों में 21 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया है। इसमें ट्रैफिक पुलिस के 10 और परतापुर थाने के 11 पुलिसकर्मी शामिल हैं, जिनमें चार दरोगा भी हैं। इन पुलिसकर्मियों पर वसूली, जनता और जनप्रतिनिधियों से अभद्रता जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। यह कार्रवाई एक अज्ञात शिकायत पत्र के आधार पर की गई है, जिसमें इन पुलिसकर्मियों की शिकायत की गई थी।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय से ट्रैफिक पुलिस पर आदेशों की अवहेलना कर गैर जिलों और गैर राज्यों की गाड़ियों को रोककर वसूली करने के आरोप लगे थे। हाल में कई जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं ने सार्वजनिक मंचों से आरोप लगाया था कि ट्रैफिक पुलिस, एसएसपी के स्पष्ट निर्देश के बावजूद बाहरी नंबर की गाड़ियों को रोककर मनमानी वसूली कर रही है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने आदेश दिया था कि बिना विशेष अनुमति और वरिष्ठ अफसरों की परमिशन के किसी भी बाहरी वाहन को रोका नहीं जाएगा, लेकिन शिकायतों के आधार पर ट्रैफिक पुलिस के कुछ कर्मचारी इस आदेश की खुली अवहेलना कर रहे थे।
जनप्रतिनिधियों को कानूनी कार्रवाई की धमकी भी दी
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि चेकिंग के दौरान कई पुलिसकर्मियों ने जनप्रतिनिधियों से न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि विरोध करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने त्वरित और कठोर कदम उठाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। यह कदम पुलिस विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह कार्रवाई एसएसपी डॉ. विपिन ताडा की ओर से की गई है, जो पहले सहारनपुर में एसएसपी के पद पर कार्यरत थे और हाल ही में मेरठ में तैनात हुए हैं। उनकी इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति के रूप में देखा जा रहा है। Uttar Pradesh Samachar