कानपुर में दर्जनों पुलिसकर्मी 'गायब'! छुट्टी पर गए जवान नहीं लौटे, मची हलचल
Uttar Pradesh Samachar
भारत
चेतना मंच
21 Jul 2025 04:41 PM
Uttar Pradesh Samachar : उत्तर प्रदेश के कानपुर कमिश्नरेट से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। दर्जनों पुलिसकर्मी छुट्टी पर गए... और फिर कभी लौटे ही नहीं! न ड्यूटी जॉइन की, न कोई सूचना दी। अब ये जवान गायब माने जा रहे हैं, और प्रशासन इनकी तलाश में जुट गया है। डीसीपी मुख्यालय कासिम आब्दी के अनुसार, यह गंभीर मामला है और ऐसे पुलिसकर्मियों की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। थानों और पुलिस लाइनों से रिपोर्ट मंगाई जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि कौन-कौन अधिकारी या जवान ड्यूटी से नदारद हैं।
छुट्टी पर गए लेकिन तस्करा में वापसी दर्ज नहीं!
प्रोटोकॉल के अनुसार, किसी भी पुलिसकर्मी को छुट्टी पर जाते वक्त जीडी (जनरल डायरी) में तस्करा करना होता है। यानी रजिस्टर में उल्लेख करना होता है। ड्यूटी पर लौटने पर फिर से तस्करा डालना होता है। लेकिन बहुत से जवान ऐसे हैं जिन्होंने वापसी दर्ज ही नहीं करवाई। डीसीपी कासिम आब्दी का कहना है, कई बार छुट्टी पर गए पुलिसकर्मी एक्सीडेंट, बीमारी या पारिवारिक समस्याओं के कारण लौट नहीं पाते। लेकिन ऐसे मामलों की सूचना देना अनिवार्य होता है। यदि कोई गलत कारण या अनुशासनहीनता सामने आती है, तो कार्रवाई की जाती है।
अभी सही संख्या साफ नहीं, दर्जनों के लापता होने की आशंका
फिलहाल कितने पुलिसकर्मी लापता हैं, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन अनुमान है कि यह संख्या दर्जनों में हो सकती है। कुछ मामलों में यह भी आशंका है कि छुट्टी को बहाना बनाकर कुछ जवान जानबूझकर ड्यूटी से बच रहे हैं। यह मामला सिर्फ ड्यूटी में लापरवाही का नहीं, बल्कि पूरे पुलिस महकमे की अनुशासन प्रणाली पर सवाल उठा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह किसी संगठित चूक या लापरवाही का नतीजा है, या केवल व्यक्तिगत मामलों की श्रृंखला।
सवाल कई, जवाब अभी अधूरे
क्या ये जवान वास्तव में बीमार हैं या जानबूझकर ड्यूटी से बच रहे हैं? क्या पुलिस महकमे में हाजिरी प्रणाली इतनी कमजोर है कि दर्जनों जवान गायब हो जाएं और पता ही न चले? और अगर ये लापता जवान अब तक सामने नहीं आए, तो उनके स्थान पर काम कौन कर रहा है? फिलहाल जांच जारी है। लेकिन एक बात तय है कानून के रखवाले खुद ही अगर कानून से लुका-छिपी खेलें, तो व्यवस्था की साख खतरे में पड़ जाती है।