उत्तर प्रदेश में चल रही 594 किलोमीटर लंबी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना का निर्माण तेजी से प्रगति पर है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने हाल ही में इसका ताजा काम पूरा होने का ब्योरा जारी किया है। अगर कुल काम के बारे में बात करें तो अभी 88% काम हुआ है। अर्थ वर्क 99% हो चुका है। Uttar Pradesh Samachar :
निर्माण प्रगति :
* कुल काम का 88% पूरा हो चुका है।
* अर्थ वर्क (मिट्टी का काम) मुख्य कैरिजवे में लगभग 99% हो चुका है।
* कर्ब और गटर का काम 100% पूरा हो चुका है।
* ग्रेन्युलर सब-बेस का 96% काम पूरा हो चुका है।
* वेट मिक्स मैकडम का 96% काम पूरा हो चुका है।
* डेंस बिटुमिनस मैकडम का काम 95% पूरा हो चुका है।
* कुल 1500 में से 1487 स्ट्रक्चर का निर्माण भी पूरा हो चुका है।
एक्सप्रेसवे का रूट और तकनीकी जानकारी
एक्सप्रेसवे मेरठ के एनएच-334 से शुरू होकर प्रयागराज के एनएच-2 बाइपास तक जाएगा। कुल 594 किलोमीटर लंबाई है। यह 6 लेन का होगा, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। साथ ही, दोनों ओर 3.75 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी, ताकि स्थानीय आवागमन आसान हो सके।
किन जिलों को होगा फायदा :
* मेरठ
* हापुड़
* बुलंदशहर
* अमरोहा
* संभल
* बदायूं
* शाहजहांपुर
* हरदोई
* उन्नाव
* रायबरेली
* प्रतापगढ़
* प्रयागराज
कुल 12 जिले इस एक्सप्रेसवे से लाभान्वित होंगे।
कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना ही मकसद
इस परियोजना की नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर में रखी थी। इसका उद्देश्य पूर्वी और पश्चिमी यूपी के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। गंगा एक्सप्रेसवे लगभग पूरा होने के कगार पर है, जहां ज्यादातर निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। जल्द ही यह प्रदेश में यात्रा को आसान, तेज और सुरक्षित बनाएगा, साथ ही क्षेत्रीय विकास को भी बल देगा। Uttar Pradesh Samachar :