यूपी में आईजी पिता ने किया कांस्टेबल को सस्पेंड, वकील बेटी ने कोर्ट से करवाई वर्दी वापसी
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 04:05 PM
उत्तर प्रदेश के बरेली में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे और कानूनी जगत दोनों में हलचल मचा दी है। उत्तर प्रदेश के बरेली में यहां जीआरपी के तत्कालीन आईजी डॉ. राकेश सिंह ने एक हेड कांस्टेबल को छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में सेवा से बर्खास्त कर दिया था। लेकिन विडंबना यह रही कि उसी कांस्टेबल की बहाली आईजी की वकील बेटी अनुरा सिंह ने हाईकोर्ट में मुकदमा लड़कर करवा दी। Uttar Pradesh Samachar :
मामला कैसे शुरू हुआ?
घटना 12 जनवरी 2023 की है। पीलीभीत की एक छात्रा प्रयागराज में पढ़ाई कर रही थी और 15073 त्रिवेणी एक्सप्रेस से बरेली लौट रही थी। 13 जनवरी को दोपहर 2:11 बजे ट्रेन बरेली जंक्शन पहुंची। आरोप है कि ज्यादातर यात्री उतर जाने के बाद हेड कांस्टेबल तौफीक अहमद कोच में चढ़ा और छात्रा के पास बैठकर छेड़छाड़ करने लगा। डरी-सहमी छात्रा ने जीआरपी जंक्शन थाने में शिकायत दर्ज कराई। तौफीक पर पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
आईजी पिता का सख्त एक्शन
विभागीय जांच में तौफीक को दोषी पाया गया। तत्कालीन आईजी जीआरपी डॉ. राकेश सिंह ने बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया। तौफीक ने बर्खास्तगी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका लगाई। उनकी पैरवी के लिए सामने आईं अधिवक्ता अनुरा सिंह, जो डॉ. राकेश सिंह की बेटी हैं। अनुरा सिंह ने कोर्ट में दलील दी कि विभागीय जांच में गंभीर खामियां हैं और बर्खास्तगी कानूनी रूप से गलत है। हाईकोर्ट ने यह आदेश रद कर तौफीक को फिर से पुलिस सेवा में बहाल करने के निर्देश दिए। हालांकि, छेड़छाड़ के मामले में आपराधिक ट्रायल अभी भी जारी रहेगा।
शहर में चर्चा का विषय
बरेली में यह मामला चर्चा का केंद्र बन गया है। लोग इसे वर्दी में वापसी का अनोखा किस्सा कह रहे हैं। जहां एक ओर पिता ने सख्ती दिखाई, वहीं बेटी ने कानून के जरिए उसी फैसले को पलट दिया। अब सबकी नजरें आपराधिक केस के फैसले पर टिकी हैं, जो तौफीक के भविष्य का असली निर्धारण करेगा। Uttar Pradesh Samachar