यूपी ब्यूरोक्रेसी के सुपर पावर बनकर उभरे संजय प्रसाद, योगी सरकार के सबसे भरोसेमंद अफसर
Uttar Pradesh Samachar
उत्तर प्रदेश
चेतना मंच
04 Aug 2025 01:01 AM
Uttar Pradesh Samachar : उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक शक्ति का संतुलन अब एक नाम के इर्द-गिर्द केंद्रित होता दिख रहा है, संजय प्रसाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे करीबी माने जाने वाले इस वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को एक साथ प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह, सूचना, गोपन और सतर्कता जैसे सबसे संवेदनशील विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। यह पहली बार है जब यूपी की नौकरशाही में किसी एक अफसर के हाथ में इतनी अहम कुर्सियाँ सौंपी गई हैं। पंचम तल (सीएम आफिस) में अब अगर कोई सबसे ताकतवर नौकरशाह है, तो वो हैं 1995 बैच के आईएएस अधिकारी संजय प्रसाद।
25 साल पुराना भरोसा, आज चरम पर
संजय प्रसाद और योगी आदित्यनाथ की साझी प्रशासनिक यात्रा की शुरुआत 1999 में गोरखपुर से हुई, जब संजय प्रसाद वहाँ मुख्य विकास अधिकारी के पद पर थे और योगी हाल ही में सांसद बने थे। तब से यह रिश्ता केवल मजबूत हुआ है। 2019 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें पहले सचिव बनाया और अब यूपी की नौकरशाही में तीसरे सबसे ताकतवर अफसर की हैसियत दे दी।
मुख्य सचिव से भी ज्यादा असरदार?
तकनीकी रूप से मुख्य सचिव एसपी गोयल प्रदेश के सबसे वरिष्ठ अफसर हैं, और उनके बाद आते हैं (कृषि उत्पादन आयुक्त) दीपक कुमार। लेकिन संजय प्रसाद की पावर न सिर्फ उनके पदों में दिखती है, बल्कि मुख्यमंत्री के करीबी सर्कल में उनके प्रभाव से भी समझी जाती है। एक वरिष्ठ अधिकारी के शब्दों में, "जिन विभागों की जिम्मेदारी संजय प्रसाद के पास है, वे मुख्यमंत्री के निर्णयों की धुरी हैं। व्यवहार में वही सरकार के सबसे प्रभावशाली अफसर बन चुके हैं।"
सभी सरकारों में रहा है दबदबा
संजय प्रसाद ने बसपा, सपा और अब भाजपा तीनों ही सरकारों में बड़ी जिम्मेदारियाँ संभाली हैं। मायावती के कार्यकाल में गृह विभाग के विशेष सचिव बने, अखिलेश यादव के शासन में भी गृह सचिव रहे। उन्होंने जेल, स्वास्थ्य, आईटी, और उद्योग जैसे अहम विभाग भी देखे। 2015 से 2019 के बीच उन्होंने केंद्र में भी *रक्षा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में अपनी छवि मजबूत की।
पावरफुल परफॉर्मर की पहचान
संजय प्रसाद को लेकर यूपी के प्रशासनिक गलियारों में आम राय है कि वे न केवल दक्ष अफसर हैं, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण को भी बारीकी से समझते हैं। वे फैसले लेने में तेज हैं, और हालात की नब्ज पकड़ने में माहिर। सूत्रों के मुताबिक, उनकी सधी हुई संवाद शैली, साफ-सुथरी छवि, और हर स्तर पर बनाकर चलने की काबिलियत ने उन्हें सीएम योगी का पूर्ण विश्वास दिलाया है।
प्रशासन के व्हील्स एक ही छत के नीचे
वर्तमान परिदृश्य में मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह विभाग, सूचना, गोपन और सतर्कता यानी शासन के व्हील्स एक ही अफसर के अधीन हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि सीएम योगी किसी और पर नहीं, सिर्फ संजय प्रसाद पर भरोसा कर रहे हैं। "तकनीकी रूप से मुख्य सचिव बेशक सबसे ऊंचा ओहदा है, लेकिन जिनके पास फैसले की असली चाबी है, वो ही असली बॉस है। इस वक्त वो हैं संजय प्रसाद।" Uttar Pradesh Samachar