काशी विश्वनाथ मंदिर में कड़ा फैसला : अब शिव भक्त नहीं ले जा सकेंगे ये सामग्री
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 08:06 PM
उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ धाम को सोमवार, 11 अगस्त 2025 से पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त घोषित कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने परिसर में प्लास्टिक सामग्री ले जाने और बेचने पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। अगर कोई इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला पर्यावरण संरक्षण और परिसर की स्वच्छता को ध्यान में रखकर लिया गया है। Uttar Pradesh samachar :
मंदिर प्रशासन ने उठाया बड़ा कदम
मंदिर न्यास ने पिछले एक महीने से काशी विश्वनाथ धाम को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया। सोमवार को इस पर अंतिम मुहर लगाते हुए परिसर में प्लास्टिक की हर प्रकार की सामग्री पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया। मंदिर के गेट नंबर 4 के पास फूल-माला बेचने वाले विक्रेताओं को भी प्लास्टिक के प्रयोग से बचने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए जागरूक किया गया। 7 अगस्त को मंदिर न्यास ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पार्षदों के साथ मिलकर दुकानदारों को बांस की टोकरियां, स्टील के लोटे जैसी पर्यावरण-मित्र सामग्री अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इससे न केवल धाम की स्वच्छता बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान से बचाया जा सकेगा।
शिव भक्तों और स्थानीय लोगों से अपील
मंदिर न्यास ने सभी श्रद्धालुओं, विक्रेताओं और काशीवासियों से सहयोग की अपील की है ताकि यह पारिस्थितिक अभियान सफल हो सके। 12 जुलाई से शुरू हुए जन-जागरूकता कार्यक्रमों और नगर निगम की प्लास्टिक मुक्त अभियान यात्राओं के साथ मिलकर यह पहल और मजबूत हुई है। महापौर और नगर आयुक्त भी इस मुहिम का समर्थन कर चुके हैं। अब काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालु और दुकानदार प्लास्टिक सामग्री नहीं ले जा सकेंगे, जो मंदिर की पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। Uttar Pradesh samachar