चित्रकूट से दिल्ली तक सुपरफास्ट रोड : योगी सरकार बनाएगी 4 लेन लिंक एक्सप्रेसवे, खर्च होंगे 940 करोड़
Uttar Pradesh Samachar
उत्तर प्रदेश
चेतना मंच
02 Dec 2025 05:24 AM
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Uttar Pradesh Samachar : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब यह सड़क चार लेन में बनेगी, जिसे भविष्य में छह लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव पारित हुआ और इसकी जानकारी खुद उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
940 करोड़ की लागत, EPC मॉडल पर होगा निर्माण
15 किलोमीटर लंबे चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को EPC मॉडल (इंजीनियरिंग प्राक्योरमेंट एण्ड कन्सट्रक्शन) पर बनाया जाएगा, यानी डिजाइन से लेकर निर्माण तक की पूरी जिम्मेदारी एक ही ठेकेदार को दी जाएगी। इस परियोजना में लगभग 939.67 करोड़ की लागत आएगी। इस पर सख्त क्वालिटी कंट्रोल मैकेनिज्म भी लागू किया जाएगा।
कहां से कहां तक होगा मार्ग?
यह एक्सप्रेसवे वाराणसी-बांदा नेशनल हाइवे (NH 35/76) के किमी 267 पर चित्रकूट के भरतकूप से शुरू होकर किमी 135 पर अहमदगंज गांव तक जाएगा, जो बिहार और मध्य प्रदेश बॉर्डर के करीब है। इसे बनाने की डेडलाइन 548 दिन यानी करीब 18 महीने तय की गई है। एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद यह मार्ग गंगा एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जैसे हाईवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे चित्रकूट से दिल्ली तक का सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा। साथ ही जबलपुर, रीवा, सतना और कटनी जैसे मध्य प्रदेश के शहरों से आने-जाने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। भगवान राम की तपोभूमि माने जाने वाले चित्रकूट में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन अब तक इसकी कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस नए लिंक रोड के जरिए जहां ट्रैफिक लोड कम होगा, वहीं धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी।
केंद्र से कोई मदद नहीं, UP सरकार अकेले करेगी फंडिंग
सरकार के मुताबिक, इस परियोजना में केंद्र की कोई आर्थिक भागीदारी नहीं होगी। पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार खुद वहन करेगी। यह इस बात का संकेत है कि योगी सरकार बुंदेलखंड और धार्मिक पर्यटन क्षेत्रों में निवेश को लेकर प्रतिबद्ध है। योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश ने बताया कि "हम चित्रकूट को राष्ट्रीय राजधानी और बाकी यूपी से जोड़ने के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं। इससे न सिर्फ तीर्थाटन को बल मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार और निवेश को भी नई रफ्तार मिलेगी।"