यूपी के इस शहर के बाहरी इलाकों के किसानों की किस्मत चमकी, पॉश इलाके के बराबर पहुंचा सर्किल रेट
Uttar Pradesh samachar
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 07:11 AM
Uttar Pradesh samachar : संगमनगरी में गंगा और यमुना के किनारे बसे क्षेत्रों के लिए बड़ी खबर है। झूंसी, नैनी और फाफामऊ जैसे इलाके अब रियल एस्टेट की नई धुरी बनने को तैयार हैं। जिलाधिकारी की मंजूरी के बाद प्रयागराज जिले में नए सर्किल रेट 1 अगस्त 2025 से लागू होंगे, जिससे इन क्षेत्रों की जमीनें अब सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाकों के समकक्ष मानी जाएंगी।
30% से 40% तक की बढ़ोतरी, इन इलाकों में रजिस्ट्रियों का खर्च बढ़ेगा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रयागराज के अलग-अलग क्षेत्रों में सर्किल रेट में 5% से लेकर 40% तक की वृद्धि की गई है। सिविल लाइंस में जहां सर्किल रेट में 30% से 40% तक इजाफा हुआ है, वहीं मम्फोर्डगंज, टैगोर टाउन और जॉर्ज टाउन जैसे क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 25% से 35% के बीच दर्ज की गई है। झूंसी, नैनी और फाफामऊ जैसे उपेक्षित माने जाने वाले विस्तारित इलाकों में भी अब 25% से 35% तक सर्किल रेट बढ़ा दिए गए हैं, जो संकेत है कि अब ये इलाके रियल एस्टेट के नये हॉटस्पॉट बनने जा रहे हैं। शांतिपुरम में सर्किल रेट में सर्वाधिक 35% की वृद्धि की गई है।
कोरांव में मामूली बढ़ोतरी, 5% से 15% तक
दूसरी ओर, कोरांव तहसील में न्यूनतम 5% से लेकर अधिकतम 15% तक सर्किल रेट में बढ़ोतरी की गई है। प्रस्तावित दरों की सूची जिले की सभी तहसीलों में सार्वजनिक कर दी गई है। 23 जुलाई से 29 जुलाई तक नागरिकों से आपत्तियां मांगी गई हैं, जिनका निस्तारण 30 जुलाई को दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच किया जाएगा। अंतिम संशोधन के बाद 31 जुलाई को अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी और 1 अगस्त से नया सर्किल रेट प्रभाव में आ जाएगा।
नई दरों में अपार्टमेंट, पेट्रोल पंप और लॉन भी बने आधार
नए सर्किल रेट में पहली बार अपार्टमेंट्स, बारात घर, लॉन और पेट्रोल पंप जैसे व्यावसायिक परिसरों को भी दर निर्धारण का आधार बनाया गया है। अब अपार्टमेंट के कारपेट एरिया की बजाय पूरी इकाई का मूल्यांकन कर सर्किल रेट तय होगा। इसके अतिरिक्त, सुविधाओं के आधार पर अलग-अलग दरें निर्धारित की जाएंगी। खेती योग्य जमीन के सर्किल रेट में भी इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। स्लॉट व्यवस्था को समाप्त कर अब भूमि का आकार चाहे जो हो, एक समान सर्किल रेट के आधार पर स्टांप शुल्क तय किया जाएगा। इन दरों में भी औसतन 20% तक की बढ़ोतरी की गई है।