यूपी में एक और जिले का नाम बदलने की सुगबुगाहट, उमा भारती ने उठाई मांग
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 12:44 PM
Uttar Pradesh Samachar : उत्तर प्रदेश में जगहों और जिलों के नाम बदलने की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला शाहजहांपुर का है। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी मांग की है। उन्होंने कहा कि मुगलों के नाम पर बसाए गए शहरों के नाम अब बदलने चाहिए।
इतिहास और सियासत का टकराव
इतिहासकारों के मुताबिक, शाहजहांपुर का नाम मुगल बादशाह शाहजहां के सैनिक सालार नबाव बहादुर खां ने शाहजहां के शासनकाल में रखा था। इससे पहले इस जगह का कोई अलग नाम दर्ज नहीं मिलता। इतिहासकारों का तर्क है कि शाहजहांपुर का उदय मुगलकाल में हुआ, लिहाजा इसे बदलना ऐतिहासिक दृष्टि से सही नहीं ठहराया जा सकता।
जनता की राय बंटी
नाम बदलने से कुछ हासिल नहीं होगा, विकास पर ध्यान देना चाहिए। नाम बदलने में सरकार को करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ेंगे, जिसका बोझ जनता पर आएगा। यह राजनीति सिर्फ हमें अलग-थलग करने के लिए है। अगर यही तर्क है तो देश के तमाम मुगलकालीन स्मारकों के नाम भी बदलने चाहिए। क्या सरकार ऐसा कर पाएगी? दूसरी ओर हिंदू संगठनों का कहना है कि हम उमा भारती की मांग का समर्थन करते हैं। शाहजहांपुर का नाम बदलकर शाहीजीपुर या शहीदों के नाम पर रखा जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम आंदोलन करेंगे।
राजनीतिक पेंच
विश्लेषकों का मानना है कि नाम बदलने की मांग अक्सर चुनावी मौसम में उठती रही है। इससे एक तरफ हिंदू संगठनों को साधने का मौका मिलता है, वहीं दूसरी तरफ अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना बढ़ती है। यूपी में इससे पहले इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद का नाम अयोध्या किया जा चुका है। ऐसे में शाहजहांपुर को लेकर उठी मांग इस बहस को और गर्मा सकती है।
फिलहाल सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन स्थानीय स्तर पर माहौल गरमा चुका है। सवाल यह है कि क्या शाहजहांपुर का नाम भी इतिहास से हटकर एक नई पहचान पाएगा या यह सिर्फ चुनावी एजेंडा बनकर रह जाएगा। Uttar Pradesh Samachar