यूपी का वो सीएम, जिसने जेल में काटे 20 महीने, हिंदुत्व की राजनीति का नायक कहलाए
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 07:41 PM
Uttar Pradesh Samachar : उत्तर प्रदेश की राजनीति में कल्याण सिंह का नाम सिर्फ एक पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि हिंदुत्व की राजनीति के नायक के रूप में लिया जाता है। उनकी चौथी पुण्यतिथि (21 अगस्त) पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इसे हिंदू गौरव दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में होने वाला यह भव्य कार्यक्रम बीजेपी के लिए भी खास राजनीतिक संदेश देगा।
साधारण परिवार से राजनीति के शिखर तक सफर
5 जनवरी 1932 को अलीगढ़ के मढौली गांव में जन्मे कल्याण सिंह एक साधारण किसान परिवार से थे। पिता तेजपाल सिंह लोधी और माता सीता देवी ने उन्हें संस्कार दिए। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने शिक्षक के रूप में करियर शुरू किया और समाजसेवा की राह पकड़ी। जनसंघ से राजनीति में कदम रखा और 1967 में पहली बार अतरौली सीट से विधायक बने। इसके बाद 2002 तक लगातार 10 बार विधानसभा पहुंचे।
आपातकाल की जेल से लेकर राम मंदिर आंदोलन तक
आपातकाल के दौरान कल्याण सिंह को 20 महीने जेल में रहना पड़ा। यही दौर उनके राजनीतिक जीवन का टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ। 1990 के दशक में वे राम मंदिर आंदोलन के अग्रणी नेता बनकर उभरे। 1991 में जब बीजेपी ने यूपी में बहुमत हासिल किया, तो उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी गई। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शपथ उन्होंने सार्वजनिक मंच से ली थी।
बाबरी विध्वंस और इस्तीफा
6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहने के बाद कल्याण सिंह ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उस समय उनका बयान सुर्खियों में रहा। राम मंदिर के लिए सत्ता कुर्बान करना मेरा धर्म है। बाद में पार्टी नेतृत्व से मतभेद के चलते उन्होंने दो बार बीजेपी से दूरी भी बनाई। 2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद कल्याण सिंह को राजस्थान का राज्यपाल नियुक्त किया गया। 2020 में सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें बाबरी विध्वंस मामले में निर्दोष करार दिया।
शिक्षा सुधार और सांस्कृतिक पहचान
कल्याण सिंह की सरकार में यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने का सख्त कानून लागू हुआ। नतीजा यह रहा कि 1992 की परीक्षाओं में पास होने का प्रतिशत रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया। हाईस्कूल में 14.70 और इंटर में 30.30 फीसदी पास हुए छात्र। स्कूलों में भारत माता की प्रार्थना और वंदे मातरम अनिवार्य कराने का श्रेय भी उन्हें ही जाता है।
परिवार की राजनीतिक विरासत
21 अगस्त 2021 को लखनऊ के एसजीपीजीआई में कल्याण सिंह का निधन हुआ। परिवार में पत्नी रामवती देवी, बेटे राजवीर सिंह और पोते संदीप सिंह हैं। राजवीर सिंह बीजेपी से एटा से सांसद रह चुके हैं, जबकि संदीप सिंह वर्तमान योगी सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री हैं। Uttar Pradesh Samachar