यूपी के इस जिले को वंदे भारत का तोहफा! मेरठ-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस का नया स्टॉपेज तय
Uttar Pradesh Samachar
उत्तर प्रदेश
चेतना मंच
29 Nov 2025 06:45 PM
Uttar Pradesh Samachar : यूपी के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मेरठ से लखनऊ के बीच चलने वाली अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस अब हापुड़ में भी रुकेगी। रेलवे बोर्ड ने ट्रेन के इस नए स्टॉपेज को हरी झंडी दे दी है, जिससे न सिर्फ यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि मुरादाबाद-मेरठ रेलखंड के यात्रियों को भी तेज और आरामदायक सफर का नया विकल्प मिलेगा।
27 जुलाई से हापुड़ में होगा ठहराव
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, वंदे भारत एक्सप्रेस 27 जुलाई, रविवार से हापुड़ स्टेशन पर ठहरने लगेगी। मेरठ से लखनऊ के बीच अभी तक ट्रेन सीधे बिना रुके चलती थी, लेकिन यात्री संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी न होने के कारण रेलवे ने यह बड़ा फैसला लिया है। नया ठहराव हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर और आसपास के यात्रियों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है, जिन्हें अब सीधे वंदे भारत से राजधानी लखनऊ तक का सफर मिलेगा, बिना किसी इंटरचेंज या लंबी प्रतीक्षा के। यह ट्रेन मेरठ से सुबह 6:35 बजे चलकर लखनऊ दोपहर 1:45 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन (एक दिन रखरखाव अवकाश) चलेगी।
वाराणसी तक विस्तार की तैयारी
रेलवे वंदे भारत सेवा को पूर्वांचल तक विस्तार देने की दिशा में भी काम कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, 27 अगस्त से इस ट्रेन का विस्तार वाराणसी तक किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो पश्चिम यूपी से वाराणसी तक का सफर पहली बार वंदे भारत के जरिए संभव हो सकेगा। जो कि पर्यटन, कारोबार और शैक्षणिक यात्राओं के लिहाज से बड़ा बदलाव होगा।
किराया कितना? जानिए पूरा ब्रेकअप
मार्ग चेयर कार एग्जीक्यूटिव चेयर कार
लखनऊ - मेरठ 1300 2365
मेरठ - लखनऊ 1355 2415
बेस फेयर (लखनऊ से): 859
कैटरिंग चार्ज : 308
रिजर्वेशन, सुपरफास्ट शुल्क भी शामिल
यात्रियों की संख्या बढ़ाने की रणनीति
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, वंदे भारत की रफ्तार और तकनीक तो शानदार है, लेकिन अगर ट्रेन खाली चल रही हो तो राजस्व को नुकसान होता है। हापुड़ जैसे व्यस्त स्टेशन को जोड़ने से न केवल स्टॉपेज व्यावसायिक रूप से सफल होंगे, बल्कि वंदे भारत को जनता के और करीब लाया जा सकेगा। वंदे भारत का हापुड़ में ठहराव न सिर्फ पूर्व और पश्चिम उत्तर प्रदेश के बीच एक नई रेल-सेतु का निर्माण करेगा, बल्कि भविष्य में इसे अन्य प्रमुख स्टेशनों तक जोड़ने की संभावनाओं को भी बढ़ाएगा।