यूपी का कौन सा शहर है भिखारियों की राजधानी? आंकड़े जानकर चौंक जाएंगे आप
भारत
चेतना मंच
17 Aug 2025 02:52 PM
भारत में गरीबी और मजबूरी की तस्वीर दिखाने वाले भिखारी हर शहर और कस्बे में आसानी से नजर आ जाते हैं। इनमें कुछ लोग सचमुच हालात से हारकर भीख मांगने को मजबूर होते हैं, तो वहीं बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जिन्होंने इसे अपना पेशा बना लिया है। सवाल है कि यूपी में सबसे ज्यादा भिखारी किस शहर में हैं? जवाब जानकर आप भी माथा पकड़ लेंगे। Uttar Pradesh Samachar :
भारत में भिखारियों का हाल
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 4 लाख 13 हजार से ज्यादा भिखारी हैं। इनमें करीब दो लाख पुरुष और दो लाख महिलाएं शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चों को भी भीख मांगने के काम में झोंक दिया जाता है। इनमें पश्चिम बंगाल सबसे आगे है, जहां करीब 89 हजार भिखारी हैं।
यूपी का नंबर और कानपुर की तस्वीर
उत्तर प्रदेश इस सूची में दूसरे स्थान पर है। यहां करीब 65 हजार से ज्यादा लोग भीख मांगकर गुजर-बसर करते हैं। अगर जिलों की बात करें तो कानपुर भिखारियों का गढ़ माना जाता है। शहरी इलाकों में अकेले कानपुर जिले में ही 460 से ज्यादा भिखारी दर्ज हैं। इसके बाद आगरा और सहारनपुर आते हैं, जहां भी 100 से ऊपर भिखारियों की मौजूदगी है। वहीं मथुरा और वृंदावन तो भिखारियों की बड़ी शरणस्थली के रूप में जाने जाते हैं।
जहां पश्चिम बंगाल और यूपी जैसे बड़े राज्यों में सबसे ज्यादा भिखारी हैं, वहीं लक्षदीप में सबसे कम भिखारी हैं। यहां मात्र दो भिखारी हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ में केवल 121 भिखारी हैं। Uttar Pradesh Samachar