इसी फैसले के बाद से संभल की अदालत और CJM का नाम लगातार चर्चा में रहा। फिर मंगलवार शाम इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से 14 जजों के तबादलों की सूची जारी हुई कुछ जगहों पर अदला-बदली भी हुई, लेकिन सबसे ज्यादा नजर संभल के CJM के ट्रांसफर पर टिक गई।

UP News : उत्तर प्रदेश के संभल में न्यायिक महकमे से जुड़ी बड़ी हलचल सामने आई है। जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर का तबादला कर उन्हें सुल्तानपुर भेज दिया गया है, जबकि चंदौसी कोर्ट के सीनियर सिविल जज आदित्य सिंह को प्रमोशन के साथ संभल का नया CJM नियुक्त किया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की तबादला सूची में यह बदलाव आते ही संभल की फिज़ा में फिर चर्चा तेज हो गई है। क्योंकि यह जिला पहले से ही कई संवेदनशील मामलों और प्रशासनिक कार्रवाइयों के चलते लगातार सुर्खियों में रहा है। ऐसे में अदालत की कमान बदलने को सिर्फ रूटीन ट्रांसफर नहीं, बल्कि जिले की न्यायिक-प्रशासनिक दिशा से जुड़े अहम संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
संभल के CJM विभांशु सुधीर वही न्यायिक अधिकारी हैं, जिनके 9 जनवरी के आदेश ने उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी थी। सुनवाई के दौरान उन्होंने ASP अनुज चौधरी समेत करीब 20 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। आरोपों के मुताबिक, संभल हिंसा के दौरान एक युवक को गोली लगने की घटना में पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के मद्देनजर यह आदेश सामने आया। इसी फैसले के बाद से संभल की अदालत और CJM का नाम लगातार चर्चा में रहा। फिर मंगलवार शाम इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से 14 जजों के तबादलों की सूची जारी हुई कुछ जगहों पर अदला-बदली भी हुई, लेकिन सबसे ज्यादा नजर संभल के CJM के ट्रांसफर पर टिक गई। वजह यही कि FIR वाले आदेश के बाद यह प्रकरण सिर्फ एक केस नहीं रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश में न्यायिक फैसलों, पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक जवाबदेही पर चल रही बहस का अहम हिस्सा बन चुका था।
विभांशु सुधीर को उत्तर प्रदेश की न्यायिक सेवा के उन अधिकारियों में गिना जाता है, जिनका करियर लगातार मैदानी जिलों की चुनौतियों के बीच निखरा है। मूल रूप से भदोही के रहने वाले विभांशु का जन्म 20 अगस्त 1990 को हुआ और उन्होंने 2011 में LLB पूरी करने के बाद न्यायिक सेवा में कदम रखा। उनकी पहली तैनाती 2013 में सुल्तानपुर में हुई, जहां वे एडिशनल सिविल जज के तौर पर नियुक्त रहे। इसके बाद उनका अनुभव-ग्राफ यूपी के कई अहम जिलों एटा, मुरादाबाद, चंदौली, गाजियाबाद, ललितपुर, आगरा और संभल तक फैला, जहां अलग-अलग भूमिकाओं में उन्होंने अदालत की जिम्मेदारियां संभालीं। अब उसी प्रशासनिक क्रम में उन्हें सीनियर सिविल डिवीजन जज के पद पर दोबारा सुल्तानपुर भेजा गया है।
उधर, आदित्य सिंह को प्रमोशन के साथ संभल का नया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे चंदौसी कोर्ट में सीनियर डिवीजन सिविल जज के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे। न्यायिक हलकों में उनका नाम पहले भी चर्चा में आया, जब श्री हरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद विवाद से जुड़े दावे में सर्वे आदेश को लेकर उनकी भूमिका पर नजरें टिक गई थीं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से जुड़े बताए जाने वाले आदित्य सिंह का जन्म 11 नवंबर 1988 को हुआ और उनकी सेवा की शुरुआत सहारनपुर में बतौर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हुई थी। अब उन्हें संभल जैसे संवेदनशील और लगातार सुर्खियों में रहने वाले जिले में CJM की कमान सौंपी गई है। UP News