फोन पर दुल्हन ने साफ-साफ कह दिया “बारात मत लाना, मैं किसी और से प्यार करती हूं और उसी से शादी करूंगी।” दूल्हे के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं थी। उसने तुरंत यह बात अपने परिवार और फिर दुल्हन के परिजनों को बताई। उत्तर प्रदेश के इस शांत से इलाके में देखते ही देखते यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गई।

UP News : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे उत्तर प्रदेश में बहस छेड़ दी है। यहां एक युवती ने लव मैरिज करने के लिए ऐसा दांव चल दिया कि चलती बारात बीच रास्ते से ही लौट गई और उसी सजाए गए मंडप में दुल्हन ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ सात फेरे ले लिए। जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के ललपुरा थाना क्षेत्र की एक युवती की शादी महोबा जिले के एक गांव के युवक से तय हुई थी, जो उत्तर प्रदेश पीएसी में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है। 27 नवंबर को उत्तर प्रदेश की परंपरा के अनुसार दुल्हन पक्ष ने धूमधाम से तिलक चढ़ाया था। वर पक्ष को लाखों रुपये के उपहार और सामान दिए गए थे। 29 नवंबर को बारात छानी गांव के एक गेस्ट हाउस पहुंचने वाली थी। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से बारात गाजे-बाजे के साथ निकली, लेकिन जैसे ही बारात आधे रास्ते तक पहुंची, दूल्हे के मोबाइल पर होने वाली दुल्हन का फोन आता है। फोन पर दुल्हन ने साफ-साफ कह दिया “बारात मत लाना, मैं किसी और से प्यार करती हूं और उसी से शादी करूंगी।” दूल्हे के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं थी। उसने तुरंत यह बात अपने परिवार और फिर दुल्हन के परिजनों को बताई। उत्तर प्रदेश के इस शांत से इलाके में देखते ही देखते यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गई।
दुल्हन के परिवार को जैसे ही यह बात पता चली, वो भी सन्न रह गए। उत्तर प्रदेश के पारंपरिक सामाजिक ढांचे में जहां शादी को इज्जत और मान–प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता है, वहां अचानक बेटी के इस फैसले ने माता–पिता की चिंता बढ़ा दी। परिजनों ने युवती को काफी समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि शादी की तैयारियों पर बहुत खर्च हो चुका है,गेस्ट हाउस बुक है,मेहमान बुलाए जा चुके हैं, बारात रास्ते में है, इंकार करने पर पूरे इलाके में बदनामी होगी। लेकिन उत्तर प्रदेश की इस जिद्दी दुल्हन ने साफ इंकार कर दिया। उसने कहा कि वह अपने प्रेमी के अलावा किसी और से शादी नहीं करेगी।
मामला जब तूल पकड़ने लगा तो दूल्हे पक्ष ने भी एक ‘समाधान’ सुझाने की कोशिश की। उन्होंने दुल्हन के पिता से कहा कि अगर बड़ी बेटी शादी के लिए तैयार नहीं है, तो छोटी बेटी से ही रिश्ता कर दिया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश के इस परिवार की भी इज्जत बच जाए और बारात भी खाली हाथ न लौटे। लेकिन दुल्हन के पिता ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उनका कहना था कि बिना तैयारी, बिना बातचीत छोटी बेटी की जिंदगी पर इतना बड़ा फैसला नहीं लिया जा सकता। इधर, जहां उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में दुल्हन पक्ष ने शादी का इंतजाम किया था, वहीं दुल्हन ने अपने प्रेमी को बुला लिया। प्रेमी के गेस्ट हाउस पहुंचने के बाद दोनों परिवारों के बीच काफी देर तक बातचीत और बहस चली। आखिरकार, बहुत सोच–समझकर दुल्हन के माता–पिता ने भी बेटी के फैसले के आगे हथियार डाल दिए। यह तय हुआ कि चूंकि उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के इस गेस्ट हाउस में सारा इंतजाम पहले से हो चुका है, तो अब उसी मंडप में दुल्हन की शादी उसके प्रेमी से कर दी जाए। फिर क्या था, दुल्हन ने उसी स्टेज पर अपने प्रेमी के गले में वरमाला डाली, जहां कुछ घंटों बाद उसे मूल दूल्हे के साथ बैठना था। इसी गेस्ट हाउस से वह अपने प्रेमी के साथ विदा हो गई।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर और आसपास के इलाकों में यह मामला अब चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। एक तरफ लोग दुल्हन की हिम्मत और साफगोई की बात कर रहे हैं कि उसने शादी के बाद धोखा देने के बजाय पहले ही सच बता दिया। वहीं दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के सामाजिक ताने–बाने में इस तरह बारात को रास्ते से लौटाने और लाखों रुपये के खर्च के बाद शादी तोड़ने पर भी कई लोग सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल, उत्तर प्रदेश के इस अनोखे प्रकरण ने प्यार, जिम्मेदारी, पारिवारिक इज्जत और व्यक्तिगत फैसला – इन चारों के बीच चलने वाली जंग को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। UP News