यूपी में है एशिया का सबसे बड़ा पार्क, 376 एकड़ में जन्नत जैसा नजारा

लखनऊ अपने ऐतिहासिक स्मारकों, नवाबी संस्कृति और आधुनिक विकास के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इसी शहर के गोमती नगर विस्तार क्षेत्र में स्थित जनेश्वर मिश्रा पार्क को एशिया के सबसे बड़े शहरी पार्कों में गिना जाता है।

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गोमती नगर विस्तार क्षेत्र में स्थित जनेश्वर मिश्रा पार्क
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Mar 2026 06:44 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अपने ऐतिहासिक स्मारकों, नवाबी संस्कृति और आधुनिक विकास के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इसी शहर के गोमती नगर विस्तार क्षेत्र में स्थित जनेश्वर मिश्रा पार्क को एशिया के सबसे बड़े शहरी पार्कों में गिना जाता है। करीब 376 एकड़ क्षेत्र में फैला यह विशाल पार्क हर दिन हजारों लोगों को प्रकृति के करीब आने का मौका देता है। यह पार्क हरियाली, झील, साइकिल ट्रैक और मनोरंजन सुविधाओं के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है।

2014 में जनता को समर्पित हुआ था विशाल पार्क

इस पार्क का निर्माण उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सरकार के दौरान कराया गया था और इसे वर्ष 2014 में आम लोगों के लिए खोला गया। यह परियोजना समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्रा की स्मृति में विकसित की गई थी। पार्क का डिजाइन लंदन के प्रसिद्ध हाइड पार्क से प्रेरित माना जाता है। आज यह पार्क शहर के सबसे बड़े पर्यटन और मनोरंजन स्थलों में शामिल है, जहां हर उम्र के लोग घूमने आते हैं।

376 एकड़ में फैला हरियाली का विशाल संसार

करीब 1.52 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस पार्क में हजारों पेड़-पौधे, फूलों की क्यारियां और बड़े-बड़े लॉन बनाए गए हैं। यहां कई तरह के पक्षी भी दिखाई देते हैं, जिससे यह जगह बर्ड वॉचिंग के लिए भी पसंदीदा बन गई है। पार्क के बीचों-बीच बड़ी कृत्रिम झील और जलाशय बनाए गए हैं, जो पूरे इलाके की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं।

साइकिल ट्रैक, जॉगिंग ट्रैक और बोटिंग का आनंद

पार्क में करीब 6 किलोमीटर से ज्यादा लंबा साइकिल ट्रैक और जॉगिंग ट्रैक बनाया गया है, जहां सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग दौड़ने और साइकिल चलाने आते हैं। इसके अलावा यहां बोटिंग, बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, खेल मैदान और ओपन जिम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। झील में गोंडोला नाव की सवारी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण है, जो पार्क को और भी रोमांचक बनाती है।

हर साल रखरखाव पर खर्च होते हैं करोड़ों रुपये

इतने बड़े पार्क की देखभाल करना आसान नहीं है। इसके रखरखाव, सफाई और सुरक्षा पर सरकार को हर साल लगभग 20 करोड़ रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। पार्क में सोलर ऊर्जा का उपयोग, म्यूजिकल फाउंटेन, लेजर शो और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह जगह केवल घूमने का स्थल ही नहीं बल्कि शहर की शान भी बन चुकी है। आज जनेश्वर मिश्रा पार्क लखनऊ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। सुबह-शाम यहां परिवार, छात्र, पर्यटक और फिटनेस प्रेमियों की भीड़ देखने को मिलती है। हरियाली, झील और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह पार्क शहर के बीचों-बीच प्रकृति की एक अनोखी दुनिया जैसा अनुभव देता है।


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जाति-पंथ पर अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीं, दरोगा भर्ती सवाल पर सीएम योगी सख्त

दरोगा भर्ती परीक्षा के एक विवादित सवाल को लेकर सियासत और सामाजिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Mar 2026 06:15 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा के एक विवादित सवाल को लेकर सियासत और सामाजिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।

पेपर के सवाल पर मचा विवाद

दरोगा भर्ती परीक्षा का एक प्रश्न सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। सवाल था अवसर के अनुसार बदल जाने वाले व्यक्ति को एक शब्द में क्या कहेंगे? इसके जवाब में दिए गए विकल्पों में एक विकल्प पंडित भी शामिल था। इस विकल्प को लेकर ब्राह्मण समाज के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया।

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

सीएम योगी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करते समय पूरी सावधानी बरती जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी जाति, धर्म या आस्था से जुड़े विषय पर अपमानजनक टिप्पणी बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई पेपर सेटर बार-बार ऐसी गलती करता है तो उसे तुरंत प्रतिबंधित किया जाए।

पेपर सेटर्स के लिए नियम सख्त होंगे 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए पेपर सेटर्स के साथ होने वाले एमओयू में भी स्पष्ट नियम जोड़े जाएं। इसके तहत उन्हें पहले से ही यह निर्देश दिया जाए कि प्रश्नों में किसी भी समुदाय या आस्था का अपमान न हो। विवाद बढ़ने के बाद कई जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस सवाल पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि ऐसे प्रश्न समाज में अनावश्यक विवाद पैदा कर सकते हैं, इसलिए परीक्षा प्रक्रिया में ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई बारिश को लेकर भी अधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में जाकर किसानों से संवाद करने और नुकसान का आकलन कर जल्द राहत दिलाने के निर्देश दिए हैं।


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ईद पर जश्न नहीं, मातम मनाने की अपील; जेल से आजम खान का संदेश

सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने ईद के मौके पर मुसलमानों से जश्न न मनाने और मातम करने की अपील की है। उनका यह संदेश उनके करीबी यूसुफ मलिक के माध्यम से बाहर आया है।

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वरिष्ठ नेता आजम खान
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Mar 2026 05:54 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने ईद के मौके पर मुसलमानों से जश्न न मनाने और मातम करने की अपील की है। उनका यह संदेश उनके करीबी यूसुफ मलिक के माध्यम से बाहर आया है। आजम खान ने कहा है कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और उसमें मासूमों की मौत को देखते हुए मुसलमानों को इस बार ईद सादगी और शोक के साथ मनानी चाहिए।

ईरान-इजरायल युद्ध का किया जिक्र

युसूफ मलिक ने जेल से बाहर आकर मीडिया को बताया कि आजम खान वैश्विक हालात को लेकर बेहद चिंतित हैं। उन्होंने विशेष रूप से ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि इस युद्ध में कई मासूम बच्चों की जान गई है। इसी वजह से उन्होंने मुसलमानों से अपील की है कि वे ईद के दिन जश्न से दूरी बनाकर विरोध का संदेश दें।

काले कपड़े पहनकर नमाज पढ़ने की अपील

आजम खान ने अपने संदेश में कहा है कि विरोध के तौर पर मुसलमान इस बार ईद पर नए कपड़े न पहनें। उन्होंने लोगों से काले कपड़े पहनकर या काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करने की अपील की है, ताकि युद्ध में मारे गए बच्चों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा सके। 

आजम खान की इस अपील को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। लंबे समय से जेल में रहने के कारण वह सक्रिय राजनीति से दूर थे, लेकिन उनके इस संदेश को आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उनकी राजनीतिक सक्रियता का संकेत माना जा रहा है। खासकर रामपुर और मुरादाबाद के इलाके में उनकी पकड़ को फिर मजबूत करने की कोशिश के तौर पर भी इसे देखा जा रहा है। 

युसूफ मलिक के अनुसार आजम खान ने कहा कि दुनिया में कहीं भी मुसलमानों पर होने वाले अत्याचार को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी समुदाय के लोगों से शांति और इंसानियत के पक्ष में खड़े होने की अपील भी की है।