ड्राफ्ट रोल जारी होते ही उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को 6 फरवरी तक दावे-आपत्तियां दर्ज कराने का मौका मिलेगा, ताकि जिनका नाम छूटा है वे समय रहते दस्तावेज देकर उसे फिर से शामिल करा सकें। आपत्तियों के निस्तारण और सत्यापन के बाद ही चुनाव आयोग फाइनल वोटर लिस्ट जारी करेगा

UP News : उत्तर प्रदेश में SIR (Special Intensive Revision) के पहले चरण के बाद आज दोपहर 3 बजे प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची सार्वजनिक होने जा रही है। इस सूची को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज है और आम मतदाता भी अपने नाम को लेकर सतर्क हैं, क्योंकि शुरुआती संकेतों में करीब 2.89 करोड़ नाम हटने की चर्चा सामने आई है। ड्राफ्ट रोल जारी होते ही उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को 6 फरवरी तक दावे-आपत्तियां दर्ज कराने का मौका मिलेगा, ताकि जिनका नाम छूटा है वे समय रहते दस्तावेज देकर उसे फिर से शामिल करा सकें। आपत्तियों के निस्तारण और सत्यापन के बाद ही चुनाव आयोग फाइनल वोटर लिस्ट जारी करेगा
उत्तर प्रदेश में SIR अभियान के तहत उन मतदाताओं के रिकॉर्ड को खंगाला गया है, जो पलायन कर चुके हैं, दुनिया से विदा हो गए हैं या फिर लापता बताए जा रहे हैं। इसी व्यापक सत्यापन के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने आयोग से अतिरिक्त दो हफ्ते का समय मांगा था, ताकि कोई भी वैध मतदाता अनजाने में सूची से बाहर न रह जाए। इस दौरान यूपी के जिलों में आईं शिकायतों और आपत्तियों का निस्तारण भी समानांतर रूप से चलता रहा। अब इसी पूरी कवायद के बाद उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची सार्वजनिक की जा रही है,जिसे आने वाले दिनों में दावे-आपत्तियों के जरिए और अधिक सटीक बनाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने साफ कहा है कि ड्राफ्ट सूची में नाम न दिखे तो घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आप वैध मतदाता हैं, तो जरूरी दस्तावेज जमा करके अपना नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस प्रक्रिया को लेकर बयानबाजी भी तेज है,विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के नाम पर गरीबों और अल्पसंख्यकों के नाम काटे जा रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद शुरू होने वाला दावा-आपत्ति का दौर निर्णायक माना जा रहा है, क्योंकि इसी चरण में तय होगा कि वास्तविक मतदाताओं का अधिकार सुरक्षित रहता है या नहीं।
उत्तर प्रदेश में SIR के बाद जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची के शुरुआती आंकड़े बड़ी तस्वीर दिखा रहे हैं। ड्राफ्ट के मुताबिक यूपी में अब 12.55 करोड़ मतदाता दर्ज हैं, जबकि करीब 2.89 करोड़ नाम हटाए जाने की चर्चा है। सूची सार्वजनिक होते ही मतदाताओं को लगभग एक महीने की राहत अवधि मिलेगी, जिसमें वे जरूरी औपचारिकताएं और दस्तावेज पूरे कर अपना नाम फिर से जुड़वा सकते हैं। चुनाव आयोग का स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश में जो भी वैध मतदाता हैं, उन्हें दावे-आपत्ति की प्रक्रिया के जरिए पूरा मौका दिया जाएगा।
अगर आप उत्तर प्रदेश के मतदाता हैं और SIR के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो यह काम कुछ ही मिनटों में हो जाएगा। सबसे पहले चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और वहां “Search your name in E-roll” विकल्प पर क्लिक करें। अब अपना EPIC नंबर (वोटर आईडी नंबर) दर्ज करें और राज्य के विकल्प में उत्तर प्रदेश चुनें। इसके बाद स्क्रीन पर आपकी मतदाता जानकारी सामने आ जाएगी, जहां आप अपना नाम, विधानसभा क्षेत्र और अन्य विवरण आसानी से सत्यापित कर सकते हैं।
अगर उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची में आपका नाम दिखाई नहीं देता, तो उसे दोबारा जुड़वाने के लिए आपको Form-6 भरना होगा। उत्तर प्रदेश के मतदाताओं के लिए यह प्रक्रिया पूरी तरह सरल रखी गई है। आप चाहें तो ऑनलाइन आवेदन करके दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं, या फिर अपने इलाके के BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) से संपर्क कर फॉर्म सीधे जमा कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम जोड़ने या सुधार कराने के लिए दस्तावेजों की सूची भी साफ तय है। जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर आप मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट में से कोई एक लगा सकते हैं। वहीं पते के सत्यापन के लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड या बैंक पासबुक मान्य है। इसके अलावा पहचान प्रमाण के लिए पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज स्वीकार किए जाते हैं। मतलब, यूपी के मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे अपने पास उपलब्ध सही दस्तावेज समय रहते तैयार रखें, ताकि दावा-आपत्ति के दौरान नाम जोड़ने की प्रक्रिया बिना रुकावट पूरी हो सके।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 होने हैं। इसलिए मतदाता सूची पर हर दल की नजर है। SIR की प्रक्रिया इससे पहले बिहार सहित मध्य प्रदेश, केरल, छत्तीसगढ़ और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी होने की बात भी सामने आई है। वहीं यूपी में SIR के दौरान कई BLO की मौत से जुड़े आरोप भी चर्चा में रहे हैं, जिस पर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। UP News