मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश के जिन बूथों और इलाकों में पात्र मतदाताओं के नाम छूटे हैं, उन्हें बिना देर किए दावा-आपत्ति के जरिए जोड़वाया जाए, जबकि अपात्र नामों को नियमों के मुताबिक हटाने की कार्रवाई भी तेज की जाए।

UP News : उत्तर प्रदेश में SIR (Special Intensive Revision) की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों और विधायकों को सख्त लहजे में साफ संकेत दे दिया कि इस प्रक्रिया में जरा-सी ढिलाई भी सीधे उनकी राजनीतिक पकड़ पर भारी पड़ सकती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश के जिन बूथों और इलाकों में पात्र मतदाताओं के नाम छूटे हैं, उन्हें बिना देर किए दावा-आपत्ति के जरिए जोड़वाया जाए, जबकि अपात्र नामों को नियमों के मुताबिक हटाने की कार्रवाई भी तेज की जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को साफ शब्दों में कहा कि यह वक्त फाइलों की औपचारिकता में उलझने का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जमीन पर उतरकर हर कदम की निगरानी करने का है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में कैंप करें, स्थानीय प्रशासन और चुनावी अमले के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी कीमत पर पात्र मतदाता का नाम सूची से न कटे।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर उत्तर प्रदेश में यह चर्चा तेज है कि लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटे/हटे दिख रहे हैं। सबसे ज्यादा असर जिन जिलों में बताया जा रहा है, उनमें लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज, कानपुर, आगरा, बरेली, गोरखपुर, मेरठ, सीतापुर और जौनपुर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। राजनीतिक गलियारों में यह आशंका भी व्यक्त की जा रही है कि इन कटे नामों में कई परंपरागत वोट-बेस से जुड़े मतदाता भी हो सकते हैं, इसलिए सरकार और संगठन दोनों स्तर पर अलर्ट मोड में हैं।
यह पहली बार नहीं है जब SIR को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्ती दिखाई हो। इससे पहले भी वह सार्वजनिक तौर पर यह बात कह चुके हैं कि कटे नामों में बड़ी संख्या उन मतदाताओं की हो सकती है जो परंपरागत रूप से पार्टी के समर्थन में माने जाते हैं। इसी वजह से अब निर्देश दिए गए हैं कि विधायक, मंत्री और संगठन के पदाधिकारी सब मिलकर SIR अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा के अनुसार, SIR के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में जिन लोगों का नाम नहीं दिख रहा है या जो पहली बार मतदाता बनना चाहते हैं उनके लिए तय समय-सीमा के भीतर आवेदन का विकल्प खुला है। उन्होंने बताया कि नाम जोड़ने के लिए मतदाता जरूरी दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 भर सकते हैं, जबकि नाम, उम्र या पते में गलती होने पर सुधार प्रक्रिया के तहत आवेदन देकर विवरण ठीक कराया जा सकता है। इसके अलावा, मतदाता अपने क्षेत्र के चुनाव कार्यालय में या उपलब्ध ऑनलाइन माध्यम से दावा-आपत्ति भी दर्ज करा सकते हैं। UP News