अखिलेश ने सरकार पर तीखा हमला बोला, भाजपा शंकराचार्य का कर रही अपमान

लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियाँ पूंजीपतियों के हित में बनाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बड़े उद्योगपतियों और व्यापारिक घरानों को बढ़ावा दे रही है, जिससे देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई लगातार गहरी होती जा रही है।

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अखिलेश यादव और शंकराचार्य
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Jan 2026 02:07 PM
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UP News : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के स्नान को लेकर हुए विवाद पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जैसे प्रतिष्ठित धार्मिक पद पर आसीन व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार का रवैया इसके विपरीत है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा अधर्म के रास्ते पर चल रही है।

भाजपा बड़े उद्योगपतियों और व्यापारिक घरानों को बढ़ावा दे रही

लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियाँ पूंजीपतियों के हित में बनाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बड़े उद्योगपतियों और व्यापारिक घरानों को बढ़ावा दे रही है, जिससे देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई लगातार गहरी होती जा रही है। ऐसे हालात में समाजवादी विचारधारा और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है। उन्होंने कहा कि जब सरकार सांप्रदायिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में लगी हुई है, तब समाजवादी आंदोलन के मूल्यों को याद करना जरूरी है। अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र, मुलायम सिंह यादव और अन्य समाजवादी नेताओं के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा उन्हीं विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।

किसानों को आज भी अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा

किसानों की समस्याओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को आज भी अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। सरकार की योजनाएँ और कानून आम जनता के बजाय पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने के लिए बनाए जा रहे हैं। वहीं, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के मुसलमानों और समाजवादी पार्टी को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि किसी ने दिखावे के लिए ऐसा किया है, तो उन्हें जनता से सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिस सरकार में वे उपमुख्यमंत्री हैं, वहीं उन्हें बार-बार फटकार लगाई जाती है।

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UP Weather : अगले 5 दिन सावधान! ओले-बारिश, तेज हवा से बढ़ेगी कंपकंपी

25 जनवरी को कुछ इलाकों में राहत मिल सकती है, लेकिन गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के आसपास फिर से बारिश का नया दौर दस्तक दे सकता है, जो 1 से 2 दिन तक मौसम को प्रभावित करेगा।

वेस्ट यूपी से शुरू होगा असर
वेस्ट यूपी से शुरू होगा असर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar22 Jan 2026 01:30 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से 22 से 27 जनवरी के दौरान प्रदेश के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए 15 जिलों/शहरों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी है। अनुमान है कि 22 जनवरी की रात से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की शुरुआत होगी और 23 जनवरी तक इसका असर पूर्वांचल तक फैल सकता है। 25 जनवरी को कुछ इलाकों में राहत मिल सकती है, लेकिन गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के आसपास फिर से बारिश का नया दौर दस्तक दे सकता है, जो 1 से 2 दिन तक मौसम को प्रभावित करेगा।

30–50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मध्य यूपी और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवा चलने का अनुमान है। लखनऊ, कानपुर, बरेली और मेरठ समेत कई जिलों में मेघगर्जन और बिजली गिरने का जोखिम भी बना हुआ है। बारिश के कारण अगले 2–3 दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। हालांकि ओले और तेज हवाओं की वजह से दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे उत्तर प्रदेश में ठिठुरन और कंपकंपी बढ़ने के आसार हैं।

23 जनवरी को इन जिलों में ओलावृष्टि की प्रबल संभावना

मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक 23 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रह सकता है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, जिससे खासकर खेतिहर इलाकों और खुले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ गई है। संभावित रूप से प्रभावित जिलों में बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल और बदायूं शामिल हैं।

इन जिलों में झोंकेदार हवा के साथ मेघगर्जन का यलो अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में झोंकेदार हवा और मेघगर्जन की संभावना के चलते यलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं और आसपास के इलाके शामिल हैं। UP News

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‘ओवैसी-ओवैसी’ बंद करो! अखिलेश अपने दम पर काफी हैं - शिवपाल यादव

इसी टिप्पणी के बाद यूपी की राजनीति में यह चर्चा तेज हुई कि क्या सपा, चुनावी गणित के लिहाज से AIMIM जैसे दलों के साथ नए समीकरण तलाश रही है खासकर तब, जब अतीत में सपा कई बार ओवैसी की पार्टी को वोट-कटवा कहकर निशाने पर लेती रही है।

शिवपाल सिंह यादव
शिवपाल सिंह यादव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar22 Jan 2026 12:48 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच समाजवादी पार्टी ने AIMIM के साथ संभावित गठबंधन की अटकलों पर सख्त रुख अपनाया है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने साफ शब्दों में कहा कि अखिलेश यादव को असदुद्दीन ओवैसी की जरूरत नहीं है और समाजवादी पार्टी को AIMIM से किसी तरह के गठबंधन की आवश्यकता नहीं। शिवपाल ने स्पष्ट किया कि 2027 को लेकर AIMIM से न तो कोई बातचीत हुई है, न ही कोई प्रस्ताव सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तैर रही अफवाहों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सपा यूपी की जमीन पर अपनी संगठनात्मक पकड़ और जनता के भरोसे चुनाव लड़ती है। उनका दावा है कि पार्टी पहले भी जनसमर्थन के दम पर सत्ता तक पहुंची है और इस बार भी उत्तर प्रदेश की जनता के साथ अपने बलबूते मैदान में उतरकर सरकार बनाने का माद्दा रखती है।

सांसद के बयान से उड़ी थीं चर्चाओं की धूल

दरअसल, हाल में सपा ने आगामी चुनावी रणनीति को लेकर उत्तर प्रदेश के मोर्चे पर अपने सांसदों के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर से जब मीडिया ने ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना पर सवाल किया, तो उन्होंने सीधे किसी दल का नाम लिए बिना यह संकेत दिया कि भाजपा को हराने के लिए जो भी साथ आना चाहे, उसका स्वागत है। इसी टिप्पणी के बाद यूपी की राजनीति में यह चर्चा तेज हुई कि क्या सपा, चुनावी गणित के लिहाज से AIMIM जैसे दलों के साथ नए समीकरण तलाश रही है खासकर तब, जब अतीत में सपा कई बार ओवैसी की पार्टी को वोट-कटवा कहकर निशाने पर लेती रही है।

2027 की तैयारियों में UP बना केंद्र

शिवपाल के ताजा बयान को उत्तर प्रदेश में सपा की चुनावी लाइन का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि पार्टी अपने मुख्य सामाजिक गठजोड़ को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना चाहती है। पार्टी के भीतर 2027 को लेकर रणनीतिक मंथन जारी है और अखिलेश यादव की ओर से PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को और धार देने की कवायद भी तेज बताई जा रही है। हालांकि, गठबंधन को लेकर चर्चाएं समय-समय पर उठती रही हैं, लेकिन शिवपाल यादव के इस बयान के बाद यूपी में AIMIM के साथ संभावित तालमेल की बातें फिलहाल ठंडी पड़ती दिख रही हैं। शिवपाल यादव ने दो टूक कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा किसी भ्रम या अफवाह के सहारे नहीं, बल्कि संगठन और जनाधार के दम पर चुनाव लड़ेगी। उनके मुताबिक पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट है 2027 में यूपी की सत्ता के लिए मजबूत दावेदारी और इसी दिशा में पार्टी जमीन पर काम कर रही है। UP News

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