केशव प्रसाद का तीखा हमला- विपक्षी नेता राम जी के नाम से चिढ़ते हैं
मौर्य ने कांग्रेस को भ्रष्टाचार की जननी बताते हुए यह भी दावा किया कि पहले की सरकारों में भ्रष्टाचार इतना गहरा था कि लाभार्थियों तक केवल 15 पैसे पहुंचते थे, बाकी पैसे रास्ते में गायब हो जाते थे। लेकिन जब से भाजपा सत्ता में आई है, तब से पूरा पैसा सीधे लाभार्थी तक पहुंचता है।

UP News : डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बरेली में एक प्रेस वार्ता के दौरान विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा), पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता राम जी के नाम से चिढ़ते हैं, और इसका मुख्य कारण भाजपा सरकार का विकास और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता है। मौर्य ने कांग्रेस को भ्रष्टाचार की जननी बताते हुए यह भी दावा किया कि पहले की सरकारों में भ्रष्टाचार इतना गहरा था कि लाभार्थियों तक केवल 15 पैसे पहुंचते थे, बाकी पैसे रास्ते में गायब हो जाते थे। लेकिन जब से भाजपा सत्ता में आई है, तब से पूरा पैसा सीधे लाभार्थी तक पहुंचता है।
कांग्रेस और सपा जैसे विपक्षी दलों को राम जी के नाम से समस्या
उनका यह भी कहना था कि कांग्रेस और सपा जैसे विपक्षी दलों को राम जी के नाम से समस्या है, और यही कारण है कि ये दल 'विकसित भारत-जी-राम-जी' अधिनियम का विरोध कर रहे हैं। मौर्य के अनुसार, यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, रोजगार सृजन और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए है, और यह योजना उन विरोधी पार्टियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है क्योंकि इसका नाम राम जी से जुड़ा हुआ है। उनका आरोप था कि इन पार्टियों को धर्म से कोई विशेष प्रेम नहीं है, बल्कि उनका विरोध सिर्फ राजनीति तक ही सीमित है।
मौर्य ने सपा के प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला बोला
इसके अलावा, मौर्य ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला बोला। उनका कहना था कि अखिलेश यादव का मानसिक संतुलन 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद बिगड़ गया है, और उन्हें इलाज की आवश्यकता है। मौर्य ने यह भी भविष्यवाणी की कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की स्थिति और भी खराब हो जाएगी, क्योंकि वे लोगों को गुमराह करने के बावजूद बार-बार चुनाव नहीं जीत सकते।
उत्तर प्रदेश में भाजपा फिर से भारी बहुमत से सरकार बनाएगी
उपमुख्यमंत्री ने भाजपा की आगामी योजनाओं और चुनावी दृष्टिकोण पर भी बात की। उनका कहना था कि 2024 में भाजपा की भारी जीत के बाद अन्य राज्यों में भी पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार में भाजपा की जीत का हवाला देते हुए दावा किया कि अब पश्चिम बंगाल में भी पार्टी अपना परचम लहराएगी। उनका यह विश्वास था कि 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा फिर से भारी बहुमत से सरकार बनाएगी। इस तरह के बयान राजनीतिक रूप से काफी तीखे और आक्रामक हैं, जो न केवल विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हैं, बल्कि भाजपा सरकार की नीतियों और विकास को प्रमुखता से प्रस्तुत करने की कोशिश भी करते हैं। मौर्य के इस भाषण में यह स्पष्ट था कि भाजपा अपनी सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए विपक्ष की आलोचना करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। क्या आपको लगता है कि इस प्रकार के बयानों से भाजपा को चुनावी लाभ मिल सकता है, या ये केवल एक राजनीतिक रणनीति हैं?
UP News : डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बरेली में एक प्रेस वार्ता के दौरान विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा), पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता राम जी के नाम से चिढ़ते हैं, और इसका मुख्य कारण भाजपा सरकार का विकास और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता है। मौर्य ने कांग्रेस को भ्रष्टाचार की जननी बताते हुए यह भी दावा किया कि पहले की सरकारों में भ्रष्टाचार इतना गहरा था कि लाभार्थियों तक केवल 15 पैसे पहुंचते थे, बाकी पैसे रास्ते में गायब हो जाते थे। लेकिन जब से भाजपा सत्ता में आई है, तब से पूरा पैसा सीधे लाभार्थी तक पहुंचता है।
कांग्रेस और सपा जैसे विपक्षी दलों को राम जी के नाम से समस्या
उनका यह भी कहना था कि कांग्रेस और सपा जैसे विपक्षी दलों को राम जी के नाम से समस्या है, और यही कारण है कि ये दल 'विकसित भारत-जी-राम-जी' अधिनियम का विरोध कर रहे हैं। मौर्य के अनुसार, यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, रोजगार सृजन और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए है, और यह योजना उन विरोधी पार्टियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है क्योंकि इसका नाम राम जी से जुड़ा हुआ है। उनका आरोप था कि इन पार्टियों को धर्म से कोई विशेष प्रेम नहीं है, बल्कि उनका विरोध सिर्फ राजनीति तक ही सीमित है।
मौर्य ने सपा के प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला बोला
इसके अलावा, मौर्य ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला बोला। उनका कहना था कि अखिलेश यादव का मानसिक संतुलन 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद बिगड़ गया है, और उन्हें इलाज की आवश्यकता है। मौर्य ने यह भी भविष्यवाणी की कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की स्थिति और भी खराब हो जाएगी, क्योंकि वे लोगों को गुमराह करने के बावजूद बार-बार चुनाव नहीं जीत सकते।
उत्तर प्रदेश में भाजपा फिर से भारी बहुमत से सरकार बनाएगी
उपमुख्यमंत्री ने भाजपा की आगामी योजनाओं और चुनावी दृष्टिकोण पर भी बात की। उनका कहना था कि 2024 में भाजपा की भारी जीत के बाद अन्य राज्यों में भी पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार में भाजपा की जीत का हवाला देते हुए दावा किया कि अब पश्चिम बंगाल में भी पार्टी अपना परचम लहराएगी। उनका यह विश्वास था कि 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा फिर से भारी बहुमत से सरकार बनाएगी। इस तरह के बयान राजनीतिक रूप से काफी तीखे और आक्रामक हैं, जो न केवल विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हैं, बल्कि भाजपा सरकार की नीतियों और विकास को प्रमुखता से प्रस्तुत करने की कोशिश भी करते हैं। मौर्य के इस भाषण में यह स्पष्ट था कि भाजपा अपनी सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए विपक्ष की आलोचना करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। क्या आपको लगता है कि इस प्रकार के बयानों से भाजपा को चुनावी लाभ मिल सकता है, या ये केवल एक राजनीतिक रणनीति हैं?












