अखिलेश यादव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले एक सोची-समझी रणनीति के तहत PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश की जा रही है। अखिलेश ने चेतावनी देते हुए कहा, “PDA वाले कयामत तक लड़ेंगे… क्योंकि वोट छिना तो सब छिन जाएगा।”

UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर नया सियासी तूफान खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए है। अखिलेश यादव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले एक सोची-समझी रणनीति के तहत PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश की जा रही है। अखिलेश ने चेतावनी देते हुए कहा, “PDA वाले कयामत तक लड़ेंगे… क्योंकि वोट छिना तो सब छिन जाएगा।”
अखिलेश यादव का आरोप है कि उत्तर प्रदेश में SIR के दौरान फॉर्म-7 के दुरुपयोग के जरिए खासतौर पर समाजवादी पार्टी समर्थक मतदाताओं के नाम कटवाने का “गंभीर षड्यंत्र” चल रहा है। सपा प्रमुख के मुताबिक, भाजपा की ओर से करीब 1.28 लाख ‘अज्ञात’ फॉर्म-7 जमा किए गए हैं, जिनके जरिए PDA वर्ग के अलग-अलग समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि इस कथित गड़बड़ी के खिलाफ मंगलवार को सपा विधायक चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपेंगे और उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा। अखिलेश ने दावा किया कि जिन नामों पर आपत्तियां लगाकर कटौती की कोशिश हो रही है, उनमें कुर्मी, मौर्य, पाल, यादव, पासी, निषाद, अंसारी समेत कई पिछड़ी और दलित जातियां शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “वर्चस्ववादी सोच” रखने वाले लोग प्रशासन की मदद से फर्जी फॉर्म-7 भरकर वोटरों को सूची से बाहर कराने की कोशिश कर रहे हैं। सपा प्रमुख ने आरोपों को मजबूत करने के लिए अयोध्या का जिक्र किया और कहा कि वहां “छह बच्चे होने” जैसे अजीब तर्कों के आधार पर भी वोट कटने की बातें सामने आई हैं। अखिलेश यादव ने मांग की कि फॉर्म-7 भरने/सत्यापन की प्रक्रिया केवल सरकारी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के जरिए ही कराई जाए, ताकि किसी राजनीतिक हस्तक्षेप या फर्जीवाड़े की गुंजाइश न बचे।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उसे बंद कबूतरी आंख जैसा करार दिया। उनका कहना है कि अज्ञात नामों से भरे गए फॉर्म असल में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के जरिए दाखिल कराए जा रहे हैं। उन्होंने कन्नौज के जिलाधिकारी को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सपा प्रमुख ने मांग की कि डेटा सार्वजनिक किया जाए किस बूथ पर किसने फॉर्म भरा, किस आधार पर आपत्ति लगी और किस स्तर पर जांच हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक भी जिलाधिकारी पर कार्रवाई हो जाए, तो पूरी प्रक्रिया सही लाइन पर आ जाएगी। अखिलेश ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जनगणना और जातिगत गणना से बच रही है। उनका आरोप है कि पंचायत चुनावों को भी आरक्षण के नाम पर उलझाकर टाला जा रहा है। सोमवार की पत्रकार वार्ता में उन्होंने ‘दबदबा’ शीर्षक वाला एक वीडियो गीत भी दिखाने का दावा किया, जिसे हथियारों के साथ फिल्माया गया बताया गया। सपा प्रमुख ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि उत्तर प्रदेश में एक भी वोट गलत तरीके से न कटे। UP News