प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल का उद्घाटन किया, अब 55 मिनट में सफर तय

यह अत्याधुनिक क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) देश के तेज और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन ढांचे की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। लगभग 82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के पूरी तरह चालू हो जाने से रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

pm
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के पूरे हिस्से को राष्ट्र को समर्पित कर दिया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Feb 2026 01:47 PM
bookmark

Delhi-Meerut-Rapid-Rail : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के पूरे हिस्से को राष्ट्र को समर्पित कर दिया। इस ऐतिहासिक पहल के साथ अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से मेरठ तक की दूरी महज लगभग 55 मिनट में तय की जा सकेगी। यह अत्याधुनिक क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) देश के तेज और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन ढांचे की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। लगभग 82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के पूरी तरह चालू हो जाने से रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

सराय काले खां स्टेशन मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया गया

इस परियोजना को नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन द्वारा विकसित किया गया है। ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम हैं और इनमें स्वचालित दरवाजे, आरामदायक सीटें, डिजिटल सूचना प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी और स्मार्ट टिकटिंग जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन को एक मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया गया है, जहां से मेट्रो, बस और रेलवे सेवाओं का सहज समन्वय संभव होगा। 

दिल्ली-मेरठ मार्ग पर यातायात दबाव कम होने की उम्मीद

इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली-मेरठ मार्ग पर यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही, एनसीआर क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और रियल एस्टेट गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह परियोजना न केवल समय की बचत करेगी बल्कि सुरक्षित, तेज और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का नया विकल्प भी प्रदान करेगी। रास्ते में गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ साउथ जैसे प्रमुख स्टेशन भी शामिल हैं, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।


संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

शिक्षकों की लापरवाही पर प्रशासन सख्त, 600 शिक्षकों पर गिरेगी गाज!

UP Board: यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर अनुपस्थित करीब 600 शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय समय तक ड्यूटी ज्वाइन न करने वाले शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।

Board Exam
600 शिक्षकों को नोटिस
locationभारत
userअसमीना
calendar22 Feb 2026 06:53 AM
bookmark

परीक्षा केवल छात्रों की नहीं होती यह पूरे शिक्षा तंत्र की परीक्षा भी होती है। जब जिम्मेदारी निभाने वाले ही अपने कर्तव्य से पीछे हटने लगें तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं के बीच ड्यूटी में लापरवाही का मामला सामने आया है। करीब 600 शिक्षक अब तक परीक्षा ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी किया है और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

600 शिक्षकों पर कार्रवाई की तैयारी

जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) राकेश कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा ड्यूटी में लगाया जाना शिक्षकों के लिए अनिवार्य है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षकों का ड्यूटी पर न पहुंचना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। जारी निर्देश में कहा गया है कि सोमवार तक यदि संबंधित शिक्षक अपने नामित परीक्षा केंद्र पर उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। साथ ही, संबंधित विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। अनुपस्थिति की स्थिति में विद्यालय और शिक्षक दोनों के विरुद्ध कार्रवाई संभव है।

एफआईआर का प्रावधान और संभावित सजा

बोर्ड परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में लापरवाही को गंभीर अपराध माना जाता है। नियमों के अनुसार, परीक्षा ड्यूटी में मनमानी करने पर एफआईआर दर्ज की जा सकती है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर दो से सात वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।

डीआईओएस ने यह भी कहा कि जिन विद्यालयों के शिक्षक लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहेंगे उनकी मान्यता निरस्त करने की संस्तुति माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजी जाएगी।

तीन परीक्षा केंद्रों पर पाई गई गंभीर खामियां

निरीक्षण के दौरान तीन परीक्षा केंद्रों बप्पा श्री नरायण वोकेशनल इंटर कॉलेज, नारी शिक्षा निकेतन बालिका इंटर कॉलेज, क्वींस एंग्लो संस्कृत इंटर कॉलेज पर कई प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं। सीट प्लान पर सम्मिलित विद्यालयों के नाम और पंजीकृत संख्या अंकित नहीं थे। केंद्र व्यवस्थापक के हस्ताक्षर और मुहर भी नहीं लगाए गए थे। परीक्षा से संबंधित रजिस्टरों पर भी आवश्यक हस्ताक्षर नहीं मिले।

इसके अलावा, केंद्रों पर ब्लैकबोर्ड तक ढके नहीं गए थे जबकि यह परीक्षा नियमों का हिस्सा है। सीसी कैमरों की दृश्यता बेहद खराब पाई गई और कंप्यूटर व माउस जैसे उपकरण भी सही ढंग से कार्य नहीं कर रहे थे। विशेष रूप से नारी शिक्षा निकेतन बालिका इंटर कॉलेज में माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्थान पर बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक ड्यूटी करते मिले जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है।

केंद्र व्यवस्थापकों को कड़ी चेतावनी

उक्त तीनों केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त चेतावनी दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने दो टूक कहा है कि यदि दोबारा ऐसी लापरवाही पाई गई तो विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

अखिलेश यादव ने जताई एआई समिट के दौरान हुए यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन पर नाराजगी

अखिलेश यादव ने प्रदर्शन को गलत ठहराते हुए कहा कि विदेशी मेहमानों की मौजूदगी में इस तरह का हंगामा देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भारत की प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाना चाहिए।

ai akhilesh
अखिलेश यादव ने निशाना साधा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar21 Feb 2026 06:42 PM
bookmark

UP News : भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर अलग-अलग दलों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रियाएं दी हैं। अखिलेश यादव ने प्रदर्शन को गलत ठहराते हुए कहा कि विदेशी मेहमानों की मौजूदगी में इस तरह का हंगामा देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भारत की प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने मेड इन चाइना रोबोट विवाद पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि मेक इन इंडिया के प्रतीकात्मक संदेश के बीच चीनी रोबोट लाना उचित नहीं था।

बटुकों की शिखा खींचने का विवाद

उत्तर प्रदेश में बटुकों की शिखा खींचने की घटना को लेकर भी अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे निंदनीय बताया और कहा कि गलती होने पर माफी मांगना साहस का काम है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस प्रदर्शन को शर्मनाक और देश के खिलाफ बड़ा पाप बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सुनियोजित तरीके से अपनी यूथ विंग को समिट में विरोध के लिए भेजा।

रिजिजू ने कहा कि जब देश तकनीकी प्रगति कर रहा है, तब ऐसे प्रदर्शन भारत की छवि को धूमिल करते हैं, और कांग्रेस को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

पूरा मामला क्या है?

भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट में कथित तौर पर यूथ कांग्रेस कार्यकतार्ओं ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा और अन्य नेताओं ने इसे विदेशी प्रतिनिधियों के सामने भारत की छवि खराब करने वाला कदम बताया, जबकि कांग्रेस की ओर से इस पर अलग रुख सामने आ सकता है। यह मुद्दा अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन चुका है, जहां एक ओर देश की छवि और मर्यादा की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार की बहस भी उठ रही है। UP News


संबंधित खबरें