चुनाव आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के तहत उत्तर प्रदेश के 6 नेताओं को चुनाव लडऩे से अयोग्य घोषित कर दिया है। उत्तर प्रदेश के इन 6 नेताओं के विरूद्ध यह कार्यवाही भारत चुनाव आयोग ने की है।

UP News : उत्तर प्रदेश के आधा दर्जन नेताओं के ऊपर चुनाव आयोग ने कानून का डंडा चलाया है। चुनाव आयोग ने वर्ष-2022 में विधानसभा का चुनाव लडऩे वाले आधा दर्जन नेताओं को चुनाव लड़न के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। चुनाव आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के तहत उत्तर प्रदेश के 6 नेताओं को चुनाव लडऩे से अयोग्य घोषित कर दिया है। उत्तर प्रदेश के इन 6 नेताओं के विरूद्ध यह कार्यवाही भारत चुनाव आयोग ने की है।
उत्तर प्रदेश के 6 नेताओं के विरूद्ध भारत निर्वाचन आयोग ने बड़ी कार्यवाही कर दी है। भारत निर्वाचन आयोग के फैसले की जानकारी उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने पत्रकारों को दी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष-2022 में विधानसभा के चुनाव हुए थे। वर्ष-2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव लडऩे वाले 6 नेताओं को अगले तीन वर्ष के लिए कोई भी चुनाव लडऩे के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। चुनाव आयोग के इस फैसले का सीधा सा मतलब यह है कि अयोग्य घोषित किए गए नेता उत्तर प्रदेश विधानसभा-2027 का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
उत्तर प्रदेश के जिन 6 नेताओं को अयोग्य घोषित किया गया है। उन्होंने वर्ष-2022 में लड़े चुनाव के खर्च का हिसाब चुनाव आयोग को नहीं दिया है। चुनाव आयोग को हिसाब ना देने के कारण ही उत्तर प्रदेश के इन 6 नेताओं के ऊपर कानून का डंडा चलाया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इस विषय में बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 78 के तहत प्रत्येक अभ्यर्थी को निर्वाचन परिणाम घोषित होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर अपने निर्वाचन खर्च का पूरा लेखा और संबंधित वाउचर नियमानुसार जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष जमा करना अनिवार्य है। आयोग की ओर से नोटिस दिए जाने के बावजूद संबंधित अभ्यर्थियों ने न तो कोई कारण बताया और न ही कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। इसके बाद आयोग ने विधिक प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की है।
उत्तर प्रदेश के जिन 6 नेताओं को चुनाव लडऩे के लिए अयोग्य घोषित किया गया है उनमें उत्तर प्रदेश की बिसौली विधासनसभा सीट से 2022 का चुनाव लडऩे वाली महिला नेता प्रज्ञा यशोदा का नाम सबसे ऊपर है। प्रज्ञा यशोदा बदायूँ जिले की बिसौली तहसील के गाँव पिसनहारी की रहने वाली हैं। इस सूची में दूसरा नाम उत्तर प्रदेश की बिसौली विधानसभा से चुनाव लडऩे वाले सुरेन््रद कुमार का है। सुरेन्द्र कुमार बदायूँ जिले की बिसौली तहसील के गाँव लभारी के रहने वाले हैं। तीसरे नेता का नाम उत्तर प्रदेश की सहसवान सीट से चुनाव लडऩे वाले अनिल कुमार का है। अनिल कुमार संभल जिले के चंदौसी कस्बे के रहने वाले हैं। सूची में चौथा नाम उत्तर प्रदेश की शेखपुरा विधानसभा सीट से चुनाव लडऩे वाली श्रीमती ममता देवी का है। ममता देवी बदायूँ जिले की दातागंज तहसील के सराय गाँव की रहने वाली हैं। अयोग्य घोषित होने वाले नेताओं की सूची में पांचवाँ नाम उत्तर प्रदेश की दातागंज विधानसभा सीट से चुनाव लडऩे वाले ओमवीर का है। ओमवीर बदायूँ जिले के खजुरारा गाँव के रहने वाले हैं। इस सूची में छठाँ नाम उत्तर प्रदेश की दातागंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले नेता मुन्ना लाल का है। मुन्ना लाल लखनऊ जिले के हसनपुर खेवली गाँव के रहने वाले हैं।UP New
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