सोशल मीडिया पर वायरल हो गया उत्तर प्रदेश के IPS अधिकारी का डांस

उत्तर प्रदेश के इस IPS अधिकारी ने होली के मौके पर प्रसिद्ध लोक कलाकार सपना चौधरी के गाने पर जमकर डांस किया। उत्तर प्रदेश के IPS अधिकारी का यह अनोखा डांस सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया के यूजर्स IPS अधिकारी के वायरल डांस वीडियो के खूब मजे ले रहे हैं।

सपना चौधरी के गाने पर थिरकते बरेली SSP अनुराग आर्य
सपना चौधरी के गाने पर थिरकते बरेली SSP अनुराग आर्य
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Mar 2026 06:16 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के एक IPS अधिकारी का डांंस सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। उत्तर प्रदेश के इस IPS अधिकारी ने होली के मौके पर प्रसिद्ध लोक कलाकार सपना चौधरी के गाने पर जमकर डांस किया। उत्तर प्रदेश के IPS अधिकारी का यह अनोखा डांस सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया के यूजर्स IPS अधिकारी के वायरल डांस वीडियो के खूब मजे ले रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में तैनात हैं IPS अधिकारी

उत्तर प्रदेश के जिस IPS अधिकारी के डांस का वीडियो वायरल हो रहा है वह IPS अधिकारी उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में तैनात हैं। इस IPS अधिकारी का नाम अनुराग आर्य है। अनुराग आर्य इन दिनों बरेली में SSP के पद पर तैनात हैं। होली के मौके पर बरेली की पुलिस लाइन में अनुराग आर्य ने अनोखा डांस किया। उनके इस अनोखे डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। देश के बड़े-बड़े न्यूज चैनलों ने भी इस अनोखे डांस पर समाचार प्रसारित किए हैं।

बरेली पुलिस लाइन में SSP ने मचाया धमाल

दरअसल बरेली में होली के त्यौहार के बाद पांच मार्च को पुलिस ने होली खेली। बरेली की पुलिस लाइन में होली का यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पूरे कार्यक्रम का सबसे खास पल तब आया जब बरेली पुलिस लाइन में संगीत की धुन तेज हुई और अधिकारी भी खुद को डांस करने से रोक नहीं पाए। SSP  अनुराग आर्य ने सिर पर बिग लगाकर सपना चौधरी के लोकप्रिय गाने "मेरी आख्या का काजल" पर डांस किया। उनका यह अंदाज वहां मौजूद सभी लोगों के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं था। जैसे ही उन्होंने डांस शुरू किया, आसपास मौजूद पुलिसकर्मी और अधिकारी भी उत्साह से झूमने लगे। कई लोगों ने मोबाइल फोन से इस पल को रिकॉर्ड कर लिया। कुछ ही समय में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

महिला अधिकारी का भी डांस वायरल

होली के इस रंगीन जश्न में महिला अधिकारियों ने भी बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने पंजाबी गाने लंदन ठुमकदा पर डांस किया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग तालियां बजाते नजर आए। उनका यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है और लोग इसे पसंद कर रहे हैं। होली के इस जश्न में एक और दिलचस्प पल देखने को मिला, जब फरीदपुर के सीओ संदीप सिंह ने अपने सिर पर पानी से भरा गिलास रखकर डांस किया। उन्होंने फिल्म एनिमल के गाने पर सिर पर गिलास का बैलेंस बनाए रखते हुए डांस किया। उनका यह अंदाज देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए और जोरदार तालियां बजाने लगे। सीओ संदीप सिंह का यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।

आप भी देख सकते हैं IPS अधिकारी का डांस

उत्तर प्रदेश के IPS अधिकारी के वायरल डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है। कुछ यूजर्स ने अपने अलग-अलग अंदाज में वायरल वीडियो को पोस्ट किया है। नीचे आप भी देख सकते हैं उत्तर प्रदेश के IPS अधिकारी के डांस का वायरल वीडियो।




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उत्तर प्रदेश के तीन शहरों को कहा जाता है राजधानी

उत्तर प्रदेश की अधिकारिक राजधानी लखनऊ के अलावा भी प्रदेश के तीन अलग-अलग शहरों को प्रदेश की राजधानी कहा जाता है। इनमें से एक शहर उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी है। एक शहर उत्तर प्रदेश की न्यायिक राजधानी है तो एक शहर उत्तर प्रदेश की धार्मिक राजधानी है।

लखनऊ के अलावा भी हैं यूपी की खास राजधानियां
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locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Mar 2026 05:54 PM
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UP News : आबादी की दृष्टि से उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा प्रदेश है। उत्तर प्रदेश का इतिहास बहुत ही शानदार इतिहास है। उत्तर प्रदेश की अधिकारिक राजधानी लखनऊ है। उत्तर प्रदेश की अधिकारिक राजधानी लखनऊ के अलावा भी प्रदेश के तीन अलग-अलग शहरों को प्रदेश की राजधानी कहा जाता है। इनमें से एक शहर उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी है। एक शहर उत्तर प्रदेश की न्यायिक राजधानी है तो एक शहर उत्तर प्रदेश की धार्मिक राजधानी है।

उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी

उत्तर प्रदेश की अधिकारिक तथा कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त राजधानी लखनऊ है। लखनऊ से ही पूरे उत्तर प्रदेश का संचालन किया जाता है। लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी तो जरूर है किन्तु उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी नोएडा शहर को कहा जाता है। दरअसल नोएडा शहर उत्तर प्रदेश का सबसे अमीर शहर है। साथ ही नोएडा शहर में सबसे ज्यादा उद्योग तथा व्यापारिक प्रतिष्ठान स्थापित हैं। इसी कारण नोएडा को उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है। नोएडा में उत्तर प्रदेश के ही नहीं पूरे उत्तर भारत के सर्वाधिक अमीर नागरिक भी रहते हैं।

उत्तर प्रदेश की न्यायिक राजधानी

उत्तर प्रदेश की अधिकारिक राजधानी लखनऊ भले ही हो किन्तु उत्तर प्रदेश की न्यायिक राजधानी प्रयागराज में है। प्रयागराज का नाम पहले इलाहाबाद था। उत्तर प्रदेश का प्रयागराज शहर अपने यहां मौजूद प्राचीन विश्वविद्यालय के साथ-साथ ऐतिहासिक इलाहबाद हाई कोर्ट के लिए भी जाना जाता है, जिसकी नींव अंग्रेजों द्वारा डाली गई थी। 1859 में ब्रिटिश क्राउन ने उत्तर-पश्चिम प्रांतों के लिए उच्च न्यायालय की सीट को आगरा से इलाहाबाद स्थानांतरित कर दिया था, जिसके बाद 1919 में इसे इलाहाबाद हाई कोर्ट नाम दिया गया। प्रदेश में ऐतिहासिक और बड़ा हाई कोर्ट होने के नाते प्रयागराज को उत्तर प्रदेश की न्यायिक राजधानी भी कहा जाता है।

उत्तर प्रदेश की धार्मिक राजधानी

उत्तर प्रदेश का वाराणसी शहर उत्तर प्रदेश की धार्मिक राजधानी के तौर पर भी जाना जाता है। धर्म, ज्ञान, संस्कृति और पंरपराओं का यह शहर भारत के सबसे प्राचीन शहरों में शामिल है। वाराणसी में मुख्य रूप से गंगा किनारे धार्मिक अनुष्ठान किये जाते हैं। वहीं, यहां अमूमन अधिकांश गलियों में आपको मंदिर देखने को मिल जाएंगे। यहां मौजूद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर विश्व विख्यात है। इन सभी कारणों की वजह से वाराणसी को उत्तर प्रदेश की धार्मिक राजधानी भी कहा जाता है। अब आप उत्तर प्रदेश की तीन राजधानी जान गए हैं। UP News

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भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी की जीरो टॉलरेंस, बड़े अधिकारी पर गिरी गाज

इसी के आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का फैसला लिया। इतना ही नहीं, उन्हें भविष्य में उत्तर प्रदेश सरकार या किसी अन्य सरकारी सेवा में नियुक्ति के लिए भी स्थायी रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar06 Mar 2026 12:06 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर बड़ा और सख्त कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में उन पर लगे गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों, प्रशासनिक लापरवाही और सेवा नियमों के उल्लंघन के आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। इस फैसले को उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के ठोस और प्रभावी अमल के तौर पर देखा जा रहा है।

विभागीय जांच के बाद हुई कड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश शासन से जारी आदेश के अनुसार, शेषनाथ पांडेय के खिलाफ चल रही विभागीय जांच में कई गंभीर आरोप प्रमाणित पाए गए। जांच में वित्तीय अनियमितताओं के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर गंभीर चूक और सेवा नियमों की अनदेखी सामने आई। इसी के आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का फैसला लिया। इतना ही नहीं, उन्हें भविष्य में उत्तर प्रदेश सरकार या किसी अन्य सरकारी सेवा में नियुक्ति के लिए भी स्थायी रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

लंबे समय से उठ रहे थे सवाल

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में संयुक्त निदेशक के रूप में कार्यरत रहते हुए शेषनाथ पांडेय के खिलाफ लंबे समय से अलग-अलग स्तरों पर शिकायतें सामने आ रही थीं। इन शिकायतों में मदरसा शिक्षा से जुड़े प्रकरण, छात्रवृत्ति वितरण में कथित गड़बड़ियां, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता और वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे प्रमुख बताए गए। उत्तर प्रदेश सरकार ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और जांच प्रक्रिया को तेज करते हुए पूरे मामले की पड़ताल कराई।

योगी सरकार ने दिया स्पष्ट संदेश

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी कई मंचों से साफ कर चुके हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी। सरकार की नीति साफ है कि पद बड़ा हो या छोटा, यदि कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है। शेषनाथ पांडेय की बर्खास्तगी को भी उत्तर प्रदेश में उसी प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही आधारित शासन व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है।

विभागीय व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी

इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में कार्यप्रणाली को और पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाने की कवायद तेज होने की संभावना है। माना जा रहा है कि सरकार अब विभागीय स्तर पर निगरानी तंत्र को और मजबूत करेगी, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक बिना किसी गड़बड़ी के पहुंच सके। साथ ही, उत्तर प्रदेश के अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी यह कार्रवाई साफ संदेश है कि नियमों की अनदेखी और लापरवाही अब महंगी पड़ सकती है। UP News

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