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उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश में प्रीपेड से पोस्टपेड किए गए स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर यूपीपीसीएल ने बड़ा फैसला लिया है। अब उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी मनी एकमुश्त नहीं ली जाएगी, बल्कि इसे चार आसान किस्तों में बिजली बिल के साथ वसूला जाएगा।

UP News : उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश में प्रीपेड से पोस्टपेड किए गए स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर यूपीपीसीएल ने बड़ा फैसला लिया है। अब उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी मनी एकमुश्त नहीं ली जाएगी, बल्कि इसे चार आसान किस्तों में बिजली बिल के साथ वसूला जाएगा। इससे लाखों उपभोक्ताओं पर अचानक अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। दरअसल, उत्तर प्रदेश में जब स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड से प्रीपेड प्रणाली में बदला गया था, तब उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी राशि वापस कर दी गई थी। यह रकम सीधे उनके बिजली उपभोग बैलेंस में एडजस्ट कर दी गई थी। अब प्रदेश में दोबारा कई स्मार्ट मीटर कनेक्शनों को पोस्टपेड सिस्टम में बदला जा रहा है। ऐसे में बिजली विभाग ने तय किया है कि सिक्योरिटी मनी फिर से जमा कराई जाएगी, लेकिन उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसे चार किस्तों में लिया जाएगा। UP News
उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी मनी की पहली किस्त जुलाई में आने वाले बिजली बिल के साथ ली जाएगी। वहीं अंतिम किस्त अक्टूबर के बिल में शामिल होगी। बिजली विभाग का कहना है कि एकमुश्त भुगतान की बजाय किस्तों की व्यवस्था से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और बिल का दबाव भी कम रहेगा। UP News
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट पोस्टपेड बिजली मीटरों के लिए सिक्योरिटी मनी की नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। यह राशि उपभोक्ता के कनेक्शन लोड और श्रेणी के अनुसार तय होगी। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दो किलोवाट तक के कनेक्शन पर 300 रुपये प्रति किलोवाट और उससे अधिक लोड पर 400 रुपये प्रति किलोवाट की दर निर्धारित की गई है। वहीं, व्यावसायिक कनेक्शन धारकों को 1000 रुपये प्रति किलोवाट और लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को 2000 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। हालांकि बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए इस रकम को एकमुश्त लेने के बजाय चार आसान किस्तों में वसूलने का फैसला किया है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी घर में दो किलोवाट का कनेक्शन है, तो कुल 600 रुपये की सिक्योरिटी मनी बनेगी, जिसे चार महीनों तक हर बिल में सिर्फ 150 रुपये जोड़कर लिया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं पर अचानक अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और भुगतान करना भी आसान हो जाएगा। इस संबंध में केस्को के मीडिया प्रभारी और एक्सईएन देवेंद्र वर्मा ने बताया कि जिन स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी राशि पहले वापस की गई थी, अब उसे दोबारा जमा कराया जाएगा। यूपीपीसीएल ने इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से लागू की जाएगी ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। UP News
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली व्यवस्था अब पूरी तरह नए अंदाज में नजर आने वाली है। फोर-जी तकनीक से लैस स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड सिस्टम से जोड़ दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार रीचार्ज कराने की झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। अब बिजली इस्तेमाल करने के बाद हर महीने तय तारीख पर बिल जारी होगा, ठीक वैसे ही जैसे मोबाइल का पोस्टपेड कनेक्शन चलता है। नई व्यवस्था के तहत हर महीने 10 तारीख तक उपभोक्ताओं को बिजली बिल भेज दिया जाएगा, जबकि 25 तारीख तक भुगतान करना अनिवार्य होगा। यदि तय समय सीमा में बिल जमा नहीं किया गया, तो सात दिन बाद बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जा सकती है। UP News
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