उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत प्रदेश के किसानों को 60 प्रतिशत सब्सिडी देकर सोलर पम्प लगाने की व्यवस्था की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत प्रदेश सरकार 40,521 सोलर पंप 60 फीसदी सब्सिडी पर मुहैया कराएगी।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के किसानों को मालामाल करने की बड़ी योजना चला रही है। चिंता की बात यह हो सकती है कि इस योजना की अंतिम तिथि नजदीक आ गई है। उत्तर प्रदेश का जो भी किसान मालामाल करने वाली इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठाना चाहता है उसे 15 जनवरी तक इस योजना के लिए आवेदन करना होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना की अंतिम तारीख 15 जनवरी 2026 घोषित कर रखी है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के किसानों के लिए मुफ्त पानी तथा मुफ्त बिजली की एक अनोखी योजना घोषित कर रखी है। यह योजना उन किसानों के लिए है जो खेती की सिंचाई के लिए मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश की इस योजना से किसानों का बिजली का खर्च भी जीरो हो जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत प्रदेश के किसानों को 60 प्रतिशत सब्सिडी देकर सोलर पम्प लगाने की व्यवस्था की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत प्रदेश सरकार 40,521 सोलर पंप 60 फीसदी सब्सिडी पर मुहैया कराएगी। यानी किसानों को केवल थोड़ी-सी राशि चुकानी होगी, बाकी पूरा खर्च सरकार खुद उठाएगी। उत्तर प्रदेश में सौर पंप योजना मुख्य रूप से केंद्र सरकार की PM-KUSU योजना के तहत चलती है, जिसमें किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाने पर सब्सिडी मिलती है। उत्तर प्रदेश के किसान 15 जनवरी 2026 तक इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने इस योजना की पूरी जानकारी दी है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इस बार सोलर पंप आवंटन पूरी तरह ‘पहले आओ-पहले पाओ’ आधार पर होगा। जो किसान समय पर आवेदन करेगा और उसके दस्तावेज पूरे होंगे, उसे प्राथमिकता मिलेगी। सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि हर जिले के किसानों को बराबर मौका मिले, इसलिए हर जिले के लिए पंपों की तय संख्या तय कर दी गई है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आवेदन करते समय 5,000 रुपये की टोकन मनी जमा करना होगा। यह राशि पंजीकरण की पुष्टि के तौर पर ली जाएगी, ताकि आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी रहे और फर्जी आवेदन न हों। विभाग की मानें तो इससे असली और जरूरतमंद किसानों तक योजना का लाभ आसानी से पहुंच सकेगा। सरकार का मानना है कि इस योजना से किसानों को कई बड़े फायदे होंगे। सरकार की तरफ से 60 फीसदी तक सब्सिडी मिलेगी जिससे खर्च काफी कम होगा। इसके अलावा सोलर पंप लगने के बाद बिजली बिल या डीजल पर एक रुपये भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। वहीं सिंचाई समय पर हो सकेगी जिससे फसल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी. वहीं गांवों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा. किसान अपनी जमीन और जरूरत के हिसाब से अलग-अलग क्षमता वाले पंप चुन सकेंगे. कई किसान पहले ही ऐसे सोलर पंप लगाकर फायदा उठा रहे हैं. उनका कहना है कि इससे खेती का खर्च कम हो जाता है और पानी की समस्या लगभग खत्म हो जाती है।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की आमदनी बढ़े और खेती को आधुनिक, टिकाऊ और पर्यावरण–अनुकूल बनाया जाए. बिजली की कमी और डीजल की बढ़ती कीमतें लंबे समय से किसानों की चिंता रही हैं. ऐसे में सोलर पंप एक स्थायी और कम–खर्च वाला विकल्प साबित होंगे. बहुत जल्द इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे. कृषि विभाग अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन लिंक जारी करेगा. प्रक्रिया बिल्कुल आसान रखी गई है।
आवेदन मंजूरी होने के बाद विभाग की टीम खेत पर जाकर पंप लगाने की प्रक्रिया शुरू करेगी.
इस बात का ध्यान रखें कि कृषि विभाग की तरफ से यह निर्देश दिए गए हैं कि 2 एचपी के लिए 4 इंच, 3 व 5 एचपी के लिए छह इंच व 7.5 एचपी व 10 एचपी के लिए 8 इंच की बोरिंग अनिवार्य है जो किसान को खुद करानी होगी। यहां यह बताना भी जरूरी है कि उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत वैरीफिकेशन के समय बोरिंग नहीं होने पर टोकन मनी जब्त हो जाएगी और आवेदन भी निरस्त कर दिया जाएगा। UP News