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उत्तर प्रदेश का एक बेटा अमेरिका में बड़ा कमाल कर रहा है। उत्तर प्रदेश के एक छोटे से परिवार से निकलकर यह बेटा दुनिया भर में मेमोरी चिप के मार्केट का हीरो बन गया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश का यह बेटा एक के बाद एक बड़ा कमाल कर रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश का एक बेटा अमेरिका में बड़ा कमाल कर रहा है। उत्तर प्रदेश के एक छोटे से परिवार से निकलकर यह बेटा दुनिया भर में मेमोरी चिप के मार्केट का हीरो बन गया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश का यह बेटा एक के बाद एक बड़ा कमाल कर रहा है। यह उत्तर प्रदेश के बेटे की ही ताकत है कि उसने अपनी लगन तथा मेहनत के दम पर अपनी कंपनी को अमेरिका की टॉप-10 कंपनियों की सूची में शामिल कराकर बड़ा इतिहास रच दिया है। उत्तर प्रदेश के इस बेटे पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है। UP News
उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर का रहने वाला संजय मेहरोत्रा वर्तमान में पूरी दुनिया में अपनी पहचान कायम कर चुका है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक साधारण से परिवार में जन्म लेने वाला संजय मेहरोत्रा इन दिनों मेमोरी चिप बनाने वाली प्रसिद्ध कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron Technology) का मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी कि CEO है। संजय मेहरोत्रा की सफलता की कहानी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर पूरी दुनिया में फैल चुकी है। उत्तर प्रदेश के बेटे संजय मेहरोत्रा ने बिट्स पिलानी से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके अमेरिका जाने का फैसला किया था। अमेरिका जाकर उत्तर प्रदेश का यह बेटा संजय मेहरोत्रा एक के बाद एक सफलता की सीढिय़ां चढ़ता चला गया। इसी सफलता की यात्रा में वह माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron Technology) जैसी दिग्गज कंपनी का CEO बना है। UP News
वर्ष-1976 में कानपुर शहर में जन्म लेने वाले संजय मेहरोत्रा की सफलता की यात्रा आसान तो बिल्कुल भी नहीं थी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके आगे की पढ़ाई के लिए वह अमेरिका जाना चाहता था। उसे उसकी योग्यता के आधार पर अमेरिका की तीन यूनिवर्सिटीज में दाखिला मिल गया था। तीन-तीन प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी के कन्फर्म दाखिले के बावजूद अमेरिका दूतावास ने संजय मेहरोत्रा का वीजा तीन बार रिजैक्ट किया। बार-बार वीजा रिजैक्ट होने के बावजूद उसने हार नहीं मानी। लगातार प्रयास के कारण उसे अमेरिका का वीजा आखिरकार मिल ही गया। इस प्रकार शुरू हुई उत्तर प्रदेश के बेटे की सफलता की कहानी अमेरिका में जाकर महान सफलता में बदल गई। UP News
उत्तर प्रदेश के बेटे संजय मेहरोत्रा के नेतृत्व में उनकी कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron Technology) ने हाल ही में सफलता की बड़ी छलांग लगाई है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट से पता चला है कि उत्तर प्रदेश के बेटे संजय मेहरोत्रा की कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron Technology) ने 1 ट्रिलियन डॉलर (95.71 लाख करोड़ रुपये) के मार्केट कैप के आंकड़े को पार कर लिया। इसके साथ ही माइक्रोन, वॉलमार्ट, बर्कशायर हैथवे और जेपी मॉर्गन चेस जैसे कद्दावर दिग्गजों को पीछे छोड़कर अमेरिका की टॉप 10 मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो गई है। UP News
उत्तर प्रदेश के रहने वाले संजय मेहरोत्रा अकेले नहीं हैं। उनकी इस कामयाबी ने कॉर्पोरेट अमेरिका के शीर्ष पर भारतीय मूल के दिग्गजों की एक असाधारण तिकड़ी को पूरा कर दिया है। दुनिया की तीन सबसे मूल्यवान टेक्नोलॉजी कंपनियां माइक्रोसॉफ्ट (सत्या नडेला), अल्फाबेट (सुंदर पिचाई) और माइक्रोन (संजय मेहरोत्रा) अब भारतीय मूल के उन अधिकारियों द्वारा चलाई जा रही हैं, जो कभी मिडिल क्लास परिवारों से एक साधारण इंजीनियर के रूप में, माता-पिता के त्याग और कुछ कर गुजरने की ललक के साथ अमेरिका पहुंचे थे। सत्या नडेला हैदराबाद में एक सिविल सर्वेंट (सरकारी अधिकारी) के घर पले-बढ़े। वहीं सुंदर पिचाई चेन्नई के एक साधारण से अपार्टमेंट में बड़े हुए, जहां कभी पूरे परिवार के पास सिर्फ एक रोटरी टेलीफोन हुआ करता था। संजय मेहरोत्रा कानपुर के एक ऐसे मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं जिसके पास खुद का फोन तक नहीं था। अमेरिका में पढ़ाई के शुरुआती दिनों में वे माता-पिता से बात करने के लिए पड़ोसी का फोन इस्तेमाल करते थे। पड़ोसी को फोन करने के बाद उनके माता-पिता को बुलाने भेजा जाता था। पिचाई और नडेला को विरासत में पहले से स्थापित सॉफ्टवेयर साम्राज्य मिले थे, लेकिन उत्तर प्रदेश के बेटे संजय मेहरोत्रा की उपलब्धि पूरी तरह औद्योगिक और कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है। मेमोरी चिप का बिजनेस काफी उतार-चढ़ाव वाला और भारी पूंजी निवेश की मांग करने वाला क्षेत्र है, जिस पर ऐतिहासिक रूप से सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसे एशियाई दिग्गजों का दबदबा रहा है। जब संजय मेहरोत्रा ने साल 2017 में माइक्रोन के CEO का पद संभाला, तब कंपनी की वैल्यूएशन महज 20 अरब डॉलर थी। आज डेटा सेंटर्स को पावर देने वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी चिप्स की एआई-ड्रिवन मांग के चलते माइक्रोन ट्रिलियन-डॉलर क्लब में पहुंच चुकी है। UP News
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