उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात DSP ऋषिकांत शुक्ला उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस से निलंबित DSP ऋषिकांत शुक्ला 100 करोड़ रूपये से भी अधिक अवैध प्रोपर्टी का मालिक निकला है। आशंका जताई जा रही है कि निलंबित DSP ऋषिकांत शुक्ला

उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात DSP ऋषिकांत शुक्ला उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस से निलंबित DSP ऋषिकांत शुक्ला 100 करोड़ रूपये से भी अधिक अवैध प्रोपर्टी का मालिक निकला है। आशंका जताई जा रही है कि निलंबित DSP ऋषिकांत शुक्ला की अवैध कमाई की गणना और अधिक भी हो सकती है। इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू एक दोस्त के रूप में सामने आया है।
एक पुरानी कहावत है कि “दोस्त दोस्त ना रहा” यह पुरानी कहावत वर्ष-1964 में आई राजकुमार की प्रसिद्ध फिल्म संगम से आई है। उत्तर प्रदेश के निलंबित DSP ऋषिकांत शुक्ला के ऊपर सटीक बैठ रही है। आपको बता दें कि भ्रष्टाचार के मामले में ऋषिकांत शुक्ला की जांच उसके सबसे पक्के दोस्त रह चुके मनोहर शुक्ला की शिकायत पर शुरू हुई है। यह अलग बात है कि उसके दोस्त मनोहर शुक्ला को भी इतना अंदाजा नहीं था कि उसका DSP दोस्त इतना बड़ा भ्रष्ट अफसर निकलेगा कि वह उत्तर प्रदेश का सबसे भ्रष्ट पुलिस अधिकारी साबित हो जाएगा। इस दौरान निलंबित DSP ऋषिकांत शुक्ला ने अपने पुराने दोस्त तथा शिकायतकर्ता मनोहर शुक्ला को खतरनाक अपराधी तथा माफिया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला का रिश्तेदार तक बता दिया है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस के निलंबित DSP ऋषिकांत शुक्ला के भ्रष्टाचार की जांच कानपुर में रहने वाले मनोहर शुक्ला की शिकायत पर शुरू हुई। अपनी शिकायत में मनोहर शुक्ला ने आरोप लगाया था कि DSP ऋषिकांत शुक्ला करोड़ों रूपए की जमीन ना देने पर उसे एनकाउंटर में मार डालने की धमकी दे रहा है। इस शिकायत पर जांच शुरू हुई तो DSP ऋषिकांत शुक्ला के भ्रष्टाचार की बड़ी-बड़ी परतें खुलती चली गई। मनोहर शुक्ला को बड़ा अपराधी बताकर ऋषिपाल शुक्ला ने पासा पलटने का प्रयास किया किन्तु तब तक बहुत देर हो चुकी थी तथा DSP ऋषिकांत शुक्ला के भ्रष्टाचार के सारे मामले उजागर हो चुके थे। उत्तर प्रदेश पुलिस के बड़े-बड़े अफसर भी DSP के भ्रष्टाचार के कारनामों से अचरज में पड़े हुए हैं।
निलंबित DSP ऋषिकांत शुक्ला के द्वारा मनोहर शुक्ला को बड़ा अपराधी बताने के बाद मनोहर शुक्ला ने बड़ा खुलासा किया है। उसने अनेक तस्वीर तथा मोबाइल के स्क्रीन शॉट जारी करते हुए बताया कि वह ऋषिकांत शुक्ला के घर के हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में शामिल होते थे। उन्होंने दावा किया कि DSP के बच्चे का जन्मदिन रॉयल क्लिप होटल में हुआ था और उसका डेढ़ लाख रुपए का बिल भी मैंने ही चुकाया था। मनोहर शुक्ला ने बताया कि वह एक समय में श्रीकांत शुक्ला के पूरे परिवार के बहुत खास थे। उन्होंने ऋषिकांत शुक्ला की पत्नी के फोन कॉल के स्क्रीनशॉट भी जारी किए, जिससे यह साबित होता है कि DSP का परिवार उनके संपर्क में था।
उत्तर प्रदेश पुलिस के निलंबित DSP के मामले में सबसे बड़ा नया खुलासा उसके बेटे की आलीशान शादी को लेकर हुआ है। निलंबित DSP ऋषिकांत शुक्ला के बेटे की शादी मार्च 2025 में कानपुर शहर इंटरसिटी रिसॉर्ट में हुई थी। उत्तर प्रदेश के इस रिसॉर्ट की कीमत 250 करोड़ रूपए से अधिक है। इस रिसॉर्ट की बुकिंग इतनी महंगी है कि इस रिसॉर्ट में केवल बड़े–बड़े धनपति ही शादी कर सकते हैं। बात यहीं पर खत्म नहीं होती। बात तब बहुत बड़ी हो जाती है जब पता चलता है कि निलंबित DSP के बेटे की शादी में उत्तर प्रदेश भाजपा के मंत्री, सांसद, विधायक तथा BJP के अध्यक्ष शामिल हुए थे।
पता चला है कि इस शाही शादी में भाजपा के 18 जिलों के अध्यक्ष बाराती बने थे। इतना ही नहीं चर्चित DSP के बेटे की इस शादी में भाजपा के नेता तथा उत्तर प्रदेश के बड़े–बड़े अफससर डांस करते हुए भी नजर आए थे। शादी में भाजपा के बड़े–बड़े नेताओं की मौजूदगी यह साबित करती है कि चर्चित DSP ऋषिकांत शुक्ला को भाजपा के नेताओं का खुला आर्शीवाद प्राप्त रहा है। इसी आर्शीवाद के दम पर वह सैकड़ों करोड़ रूपए की अवैध कमाई कर पाया।
उत्तर प्रदेश पुलिस में मात्र 28 साल नौकरी करके 100 करोड़ रूपए से भी अधिक कमा लेना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। उत्तर प्रदेश के चर्चित DSP ऋषिकांत शुक्ला ने 28 साल की सेवा में कई अहम पद संभाले। 8 साल दारोगा, 3 साल इंस्पेक्टर और 17 साल डीएसपी रहे। इस दौरान उनकी पोस्टिंग ऐसे जिलों में रही, जहां जमीन और बिल्डिंग कारोबार तेजी से बढ़ रहा था। इसी बीच उत्तर प्रदेश के इस चर्चित DSP ने अपनी संपत्ति का ऐसा साम्राज्य खड़ा किया कि जांच एजेंसियां भी हैरान हैं। उत्तर प्रदेश विजिलेंस और उत्तर प्रदेश पुलिस की SIT की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्ला और उनके परिवार के नाम करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज की गई है। आर्यनगर के पॉश इलाके में 11 दुकानों का स्वामित्व, आर नगर में चार मंजिला इमारतें, गेस्ट हाउस, रियल एस्टेट में निवेश और कई कंपनियों में हिस्सेदारी जैसी जानकारियां सामने आई हैं।