उत्तर प्रदेश का निर्वाचन विभाग घर-घर तक कर्मचारी भेजकर गायब हुए मतदाताओं का पता लगाने के काम में जुट गया है। उत्तर प्रदेश के निर्वाचन विभाग ने प्रदेश में SIR की समय-सीमा को बढ़ाने की मांग चुनाव आयोग से की है।

UP News : उत्तर प्रदेश के लिए यह बहुत बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश की बड़ी खबर यह है कि उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ (2 करोड़ 93 लाख) मतदाता गायब हो गए हैं। उत्तर प्रदेश में यह चौंकाने वाला आंकड़ा मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण अभियान यानि SIR के दौरान सामने आया है। उत्तर प्रदेश का निर्वाचन विभाग घर-घर तक कर्मचारी भेजकर गायब हुए मतदाताओं का पता लगाने के काम में जुट गया है। उत्तर प्रदेश के निर्वाचन विभाग ने प्रदेश में SIR की समय-सीमा को बढ़ाने की मांग चुनाव आयोग से की है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में जोर-शोर से SIR चलाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश का निर्वाचन विभाग, सरकारी अधिकारी तथा कर्मचारी, सभी राजनीतिक दल यहां तक कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी SIR की प्रक्रिया में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। SIR के दौरान पता चला है कि उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 93 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनके घरों पर SIR का फार्म भेजा गया था किन्तु इन लोगों ने SIR का फार्म भरकर जमा नहीं किया है। इन मतदाताओं को निर्वाचन आयोग गायब मतदाता मानकर इनकी तलाश में जुट गया है। दरअसल SIR के जो गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, उनमें मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाता हैं। इनका सत्यापन BLO और BLA की मदद से होगा। बूथवार ऐसे लोगों की सूची इन्हें सौंप दी जाएगी। पहले ऐसे मतदाताओं की संख्या 4.50 करोड़ थी और फिर अभियान चलाकर सत्यापन किया तो संख्या घटकर 2 करोड़ 93 लाख रह गई। दूसरी ओर फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में शामिल होने के लिए अभियान चलाया जाएगा। ऐसे युवा जो एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, उन्हें इसमें शामिल करने के लिए फॉर्म भरवाए जाएंगे। SIR के साथ ही यह अभियान भी चलाने की तैयारी की जा रही है।
वर्तमान मतदाता सूची और वर्ष 2003 की मतदाता सूची की मैपिंग का कार्य किया जा रहा है। अभी तक 70 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है। अमरोहा, बिजनौर व महोबा में 90 प्रतिशत तक मतदाताओं की मैपिंग वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट से की जा चुकी है। ऐसे में इन जिलों के अनुभव का लाभ लेकर पूरे प्रदेश में 90 प्रतिशत तक मतदाताओं की मैपिंग करने का लक्ष्य तय किया गया है। जिससे केवल 10 प्रतिशत मतदाताओं को ही साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए नोटिस भेजी जा सके।
उत्तर प्रदेश के निर्वाचन विभाग ने चुनाव आयोग से SIR की तारीख बढ़ाने की मांग की है। यह दूसरा अवसर है जब गणना प्रपत्र भरकर जमा करने की समय-सीमा को आगे बढ़ाने की बात हो रही है। पहले यह तारीख चार दिसंबर तक ही थी और इसे एक हफ्ते बढ़ाकर 11 दिसंबर किया गया था। कुछ जिलों से SIR में गणना प्रपत्र भरने की समय-सीमा को बढ़ाने की फिर मांग आई है। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया है। UP News