न्यू नोएडा शहर को बसाने का काम उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा प्राधिकरण को पहले ही सौंप दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश के न्यू नोएडा शहर को बसाने की पूरी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार जल्दी ही न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए ली जाने वाली जमीन का रेट

उत्तर प्रदेश में जल्दी ही दुनिया के दो सबसे सुन्दर शहर बसाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में बसने वाले दो बेहद सुन्दर शहरों को बसाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश की दिल्ली से लगने वाली सीमा पर स्थित नोएडा शहर की तर्ज पर न्यू नोएडा शहर तथा ग्रेटर नोएडा शहर की तर्ज पर न्यू ग्रेटर नोएडा शहर को बसाने के काम को उत्तर प्रदेश की सरकार ने अपनी प्राथमिकता वाली सूची में शामिल कर लिया है।
उत्तर प्रदेश में बसने वाले न्यू नोएडा शहर की बात करें तो न्यू नोएडा शहर केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सबसे सुन्दर शहरों से भी अधिक सुन्दर शहर के रूप में बसाया जाएगा। उत्तर प्रदेश के दादरी नगर से लेकर बुलंदशहर जिले के सिकन्द्राबाद नगर तक बसने वाले न्यू नोएडा शहर को बसाने का काम उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा प्राधिकरण को पहले ही सौंप दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश के न्यू नोएडा शहर को बसाने की पूरी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार जल्दी ही न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए ली जाने वाली जमीन का रेट भी निर्धारित करने वाली है।
न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए मास्टर प्लान-2041 बनाया गया है। नोएडा प्राधिकरण ने मास्टर प्लान-2041 को उत्तर प्रदेश सरकार से पास करवा लिया है। मास्टर प्लान-2041 के अनुसार न्यू नोएडा शहर को 21 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बसाया जाएगा। यह पूरा क्षेत्र दादरी तथा सिकन्द्राबाद तहसीलों के 87 गांवों में फैला हुआ क्षेत्र होगा। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) डॉ. लोकेश एम ने बताया कि न्यू नोएडा शहर को भविष्य के सबसे सुन्दर शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि न्यू नोएडा शहर के लिए मास्टर प्लान 2041 बनाया गया है। इसका 8811 हेक्टेयर एरिया औद्योगिक होगा। माना जा रहा है कि इस शहर की कुल आबादी 6 लाख होगी तथा रेजिडेंशियल एरिया दो हजार हेक्टेयर से ज्यादा होगा। लैंड पूल के जरिये जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। न्यू नोएडा शहर में लोगों के रहने के लिए चार कैटेगरी और तीन टाइप के मकान बनाए जाएंगे। इसमें 18.1 हेक्टेयर में ईडब्ल्यूएस, 40.8 हेक्टेयर में एलआइजी, 29.9 हेक्टेयर में एमआइजी और 1.8 हेक्टेयर में एचआइजी फ्लैट होंगे। जिसमें टाइप-1 ,2 और 3 तरह के मकान बनाए जाएंगे। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी CEO डॉ. लोकेश एम ने कहा कि मास्टर प्लान के अनुसार न्यू नोएडा शहर में काम काज किया जाना है। प्रथम चरण में औद्योगिक विकास के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर कवायद चल रही है। मैन पावर कम होने की वजह से गति थोड़ी धीमी है। जल्दी ही न्यू नोएडा शहर को बसाने का काम तेज किया जाएगा।
न्यू नोएडा शहर में सबसे अधिक क्षेत्रफल औद्योगिक यूज के लिए रखा गया है। न्यू नोएडा शहर में 8811 हेक्टेयर क्षेत्रफल उद्योग लगाने के लिए निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही 2477 हेक्टेयर रेजिडेंशियल, 905.97 हेक्टेयर कॉमर्शियल, 198.85 क्षेत्रफल यूटिलिटी के लिए 1682.15 हेक्टेयर संस्थागत, 3173.84 क्षेत्रफल ग्रीन पार्क तथा ओपन एरिया के रूप में रखा गया है। इसी प्रकार न्यू नोएडा शहर में सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 420.60 हेक्टेयर क्षेत्र का प्रावधान किया गया है। 150.65 हेक्टेयर जमीन का प्रावधान वाटर बॉडी के रूप में किया गया है। साथ ही 8282.59 क्षेत्रफल ट्रैफिक तथा ट्रांसपोटेशन के लिए निर्धारित किया गया है।
उत्तर प्रदेश में न्यू नोएडा शहर के साथ ही एक और सबसे सुन्दर शहर बसाया जाएगा। उत्तर प्रदेश के दूसरे सबसे सुन्दर शहर का नाम होगा न्यू ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने न्यू ग्रेटर नोएडा शहर बसाने की घोषणा की है। यह नया शहर ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के 140 गांवों के किसानों की जमीन पर बसाया जाएगा। ग्रेटर नोएडा शहर को 117 गांवों की जमीन पर बसाया गया था। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा नया शहर बसाने के लिए मास्टर प्लान 2041 बना लिया गया है। हाल ही में बनाए गए मास्टर प्लान 2041 के मुताबिक ग्रेटर नोएडा तथा न्यू ग्रेटर नोएडा की आबादी मिलाकर कम से कम 40 लाख हो जाएगी। न्यू ग्रेटर नोएडा शहर को बसाते समय उन सभी चीजों का ध्यान रखा जाएगा जिनके कारण ग्रेटर नोएडा शहर में कुछ खामियां रह गई थी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने दावा किया है कि न्यू ग्रेटर नोएडा शहर दुनिया के पांच सबसे सुंदर शहरों जैसाह ही सुंदर शहर बसेगा।
न्यू ग्रेटर नोएडा शहर को बसाते समय से ही बिजली की आपूर्ति का काम निजी क्षेत्र की बिजली कंपनी को सौंपा जाएगां ग्रेटर नोएडा में पहले से ही बिजली की आपूर्ति कर रही एनपीसीएल से बात करके उसके अधिकारियों को बता दिया गया है कि न्यू ग्रेटर नोएडा शहर में बिजली की आपूर्ति का काम उन्हें ही संभालना है। शहर का बेसिक इंन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करते समय ही पूरे शहर के लिए बिजली की अंडरग्राउंड लाइन डाल दी जाएगी। न्यू ग्रेटर नोएडा शहर में बिजली का कोई भी तार ऊपर दिखाई नहीं देगा। बिजली के सभी तार अंडरग्राउंड डाले जाएंगे। न्यू ग्रेटर नोएडा शहर बस जाने पर ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 55970 हेक्टेयर हेा जाएगा। न्यू ग्रेटर नोएउा में गौतमबुद्धनगर तथा बुलंदशहर जिले के 140 गांव शामिल किए जाएंगे। आपको दुनिया के उन पांच शहरों के नाम बता देते हैं, जिन्हें दुनिया के सबसे सुंदर शहरों के रुप में गिना जाता है। एक सर्वे के मुताबिक दुनिया का सबसे सुंदर शहर सिंगापुर है। दूसरे स्थान पर वैनिस शहर है। तीसरे स्थान पर पैरिस को गिना जाता है। चौथे स्थान पर पराग शहर का नंबर आता है तथा पांचवां सबसे सुंदर ब्राजील का रिया डिे जेनेरियो को माना जाता है। दुनिया में घुमने वाले लोग इन पांच सुंदर शहरों को देखना जरुर पसंद करते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की माने तो न्यू ग्रेटर नोएडा शहर दुनिया के इन पांचों शहरों को अपनी सुंदरता से टक्कर देते हुए नजर आएंगे।