इस फैसले ने यह साबित कर दिया है कि सवर्ण समाज UGC का जो विरोध कर रहा था वह विरोध सही था। सवर्ण समाज के अलग-अलग बयानों में एक बात बहुत कामन है। वह बात यह है कि सभी बयानों में UGC के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की खुलकर तारीफ की गई है।

UP News : UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद सबसे पहली प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश से आई है। उत्तर प्रदेश के सवर्ण समाज ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर हर्ष की लहर फैल गई है। उत्तर प्रदेश में UGC के विरोध का सबसे बड़ा चेहरा रहे PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक फैसला करार दिया है।
उत्तर प्रदेश में सक्रिय ब्राह्मण समाज, ठाकुर समाज तथा वैश्य समाज के संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। सवर्ण समाज के अलग-अलग संगठनों ने बयान जारी करके कहा है कि UGC के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक फैसला है। इस फैसले ने यह साबित कर दिया है कि सवर्ण समाज UGC का जो विरोध कर रहा था वह विरोध सही था। सवर्ण समाज के अलग-अलग बयानों में एक बात बहुत कामन है। वह बात यह है कि सभी बयानों में UGC के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की खुलकर तारीफ की गई है।
आपको बता दें कि बृहस्पतिवार 29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में UGC के मुद्दे पर सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। अपने फैसले ने सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हमें जातिविहीन समाज की ओर बढऩा चाहिए। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि क्या हम उल्टी दिशा में जा रहे। जिन्हें सुरक्षा चाहिए, उनके लिए व्यवस्था हो। UGC के नए नियम पर कमेटी बनाई जा सकती है। UGC इक्विटी रेगुलेशन के खिलाफ याचिकाएं मृत्युंजय तिवारी, एडवोकेट विनीत जिंदल और राहुल दीवान ने दायर की हैं। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि ये नियम सामान्य वर्गों के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा देते हैं। UP News