सीएम ने निर्देश दिए कि घर-घर सत्यापन कर वास्तविक मतदाताओं के नाम जोड़ें, गलत/फर्जी प्रविष्टियों की पहचान करें और हर वार्ड-मोहल्ले तक संवाद मजबूत करें, ताकि यूपी की मतदाता सूची “क्लीन, क्लियर और क्रेडिबल” बने।

UP News : उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में हुई समीक्षा बैठक के दौरान कड़ा रुख अपनाया। मतदाता सूची में बढ़ते ‘लापता मतदाताओं’ को उन्होंने उत्तर प्रदेश की चुनावी विश्वसनीयता के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि यह अभियान फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा अब काम सीधे बूथ की जमीन पर दिखना चाहिए। सीएम ने निर्देश दिए कि घर-घर सत्यापन कर वास्तविक मतदाताओं के नाम जोड़ें, गलत/फर्जी प्रविष्टियों की पहचान करें और हर वार्ड-मोहल्ले तक संवाद मजबूत करें, ताकि यूपी की मतदाता सूची “क्लीन, क्लियर और क्रेडिबल” बने।
कलेक्ट्रेट सभागार में आजमगढ़ मंडल के अफसरों और जनप्रतिनिधियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची की “ग्राउंड रिपोर्ट” पर बारीकी से मंथन किया। बैठक के बाद सामने आए संकेतों के मुताबिक, कुछ इलाकों में असामान्य रूप से बढ़ी ‘लापता’ मतदाताओं की संख्या पर सीएम ने गंभीर चिंता जताई और इसे लोकतंत्र की जड़ों से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने दो टूक कहा कि मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर ढिलाई या खानापूर्ति नहीं चलेगी। हर संदिग्ध प्रविष्टि की जांच बूथ स्तर तक जाकर होगी, ताकि उत्तर प्रदेश की चुनावी व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को साफ निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश में SIR अभियान का असली मैदान “घर-घर और बूथ-टू-बूथ” ही है—यहीं से तय होगा कि कोई पात्र मतदाता सूची से छूटे नहीं। उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों के नाम किसी वजह से कट गए या दर्ज नहीं हो पाए, उन्हें प्राथमिकता के साथ जोड़ा जाए। साथ ही, मृत मतदाताओं की पहचान कर नाम हटाने, फर्जी/अपात्र प्रविष्टियों की समय रहते जांच कर सुधार करने और जिले से बाहर रहने वाले वास्तविक मतदाताओं के रिकॉर्ड को सही तरीके से अपडेट कराने पर भी विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने हर बूथ पर संपर्क-तंत्र और सत्यापन की व्यवस्था मजबूत करने को अभियान की “रीढ़” बताते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं चलेगी। बैठक में ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की मौजूदगी में जनप्रतिनिधियों ने बताया कि समीक्षा में मंडल के विकास कार्यों की प्रगति के साथ SIR की स्थिति पर भी बराबर फोकस रहा लक्ष्य एक ही तय हुआ: यूपी के हर वास्तविक मतदाता तक पहुंच।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे उत्तर प्रदेश में SIR के मकसद को आम भाषा में, सीधे और भरोसे के साथ लोगों तक पहुंचाएंताकि यह संदेश साफ जाए कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण किसी एक प्रक्रिया की नहीं, बल्कि लोकतंत्र की शुद्धता की गारंटी है। उन्होंने कहा कि समय पर सत्यापन, त्वरित सुधार और पूरी पारदर्शिता ही वह ढाल है, जो चुनावी व्यवस्था को मजबूत बनाती है। सीएम ने जोर दिया कि यूपी के हर बूथ पर संवाद की “चेन” टूटनी नहीं चाहिए—जागरूकता अभियान, घर-घर संपर्क और स्थानीय स्तर पर समझाइश के जरिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना इस अभियान की सबसे बड़ी जरूरत है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं से मिलने वाले फीडबैक को अभियान की “सबसे मजबूत कड़ी” बताते हुए कहा कि फील्ड से आने वाला अनुभव ही तय करता है कि SIR जमीन पर कितना असरदार है। उन्होंने संकेत दिए कि उत्तर प्रदेश में यह कवायद अब रूटीन प्रक्रिया नहीं, बल्कि मिशन मोड में चलेगी—जहां निरंतर संवाद, मजबूत समन्वय और तेज कार्रवाई ही प्राथमिकता होगी। सीएम का जोर था कि हर स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर सत्यापन और सुधार लगातार होते रहें, ताकि मतदाता सूची अधिक सटीक, भरोसेमंद बने और यूपी के वास्तविक मतदाताओं की सही तस्वीर सामने आ सके। UP News