उत्तर प्रदेश सरकार ने 392 करोड़ की लागत से गोरखपुर में एक विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने की मंजूरी दे दी है। यह उत्तर प्रदेश का चौथा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम होगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक और सपना अब साकार होने जा रहा है। गोरखपुर शहर, जो पहले से ही अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है, अब एक नई खेल पहचान बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 392 करोड़ की लागत से गोरखपुर में एक विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने की मंजूरी दे दी है। यह उत्तर प्रदेश का चौथा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम होगा।
स्टेडियम का निर्माण ईपीसी मोड पर होगा। सरकार ने नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी (एनसीसी) को यह प्रोजेक्ट सौंपा है। कंपनी को अगले दो महीने में शिलान्यास करने और दो साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। प्रमुख सचिव (नियोजन) आलोक कुमार के अनुसार, गोरखपुर स्टेडियम सिर्फ खेल का केंद्र नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बनेगा।
यह स्टेडियम पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
* बैठने की क्षमता: 30,000 दर्शक
* मुख्य मैदान व प्रैक्टिस पिचें: कुल 11 पिचें
* पाकिंर्ग: 1,500 कारों के लिए विशालकाय पार्किंग एरिया
* मुख्य परिसर: 45 एकड़
* अन्य सुविधाएँ: 5 एकड़ में एडमिनिस्ट्रेशन, ट्रेनिंग व अन्य सुविधाआधुनिक तकनीकी और इंफ्रास्ट्रक्चर
वाराणसी के इंटरनेशनल स्टेडियम में जहाँ काशी विश्वनाथ मंदिर की झलक दिखाई देती है, वहीं गोरखपुर के इस स्टेडियम में गोरखनाथ मंदिर की वास्तुकला और आध्यात्मिकता झलकेगी। मुख्य द्वार, स्टैंड्स और बाहरी डिजाइन में नाथ पंथ की परंपरा, योगिक कला, और गोरक्षपीठ की भव्यता को प्रतिबिंबित किया जाएगा। यह डिजाइन न सिर्फ स्टेडियम को अलग पहचान देगा, बल्कि यह पूर्वांचल की सांस्कृतिक आत्मा को भी दर्शाएगा।
आर्थिक और सामाजिक लाभ
गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के बनने से पूर्वांचल के युवाओं और स्थानीय खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिलेगा। क्रिकेट और अन्य खेलों को बढ़ावा मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी से शहर को पर्यटन में बढ़ावा मिलेगा। होटल, ट्रांसपोर्ट, बिजनेस और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही, गोरखपुर उत्तर प्रदेश के उन चुनिंदा शहरों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच आयोजित किए जा सकेंगयोगी सरकार की खेल नीति का परिणाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार पूर्वांचल को विकास और खेल दोनों में आगे लाने के प्रयास कर रहे हैं। उनकी एक जिला, एक खेल नीति के तहत हर जिले में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती दी जा रही है। गोरखपुर स्टेडियम उसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। खेल निदेशक डॉ. आर.पी. सिंह ने कहा कि गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को 2 साल के भीतर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम स्वयं इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि यह समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।ए