एक नवविवाहित महिला के पति और ससुराल पक्ष ने शादी के समय दहेज के रूप में मोटरसाइकिल और नकद की मांग की। जब ये मांग पूरी नहीं हुई, तो महिला को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी और अंतत: उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के बांदा में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने समाज में चर्चा का विषय बना दिया है। एक नवविवाहित महिला के पति और ससुराल पक्ष ने शादी के समय दहेज के रूप में मोटरसाइकिल और नकद की मांग की। जब ये मांग पूरी नहीं हुई, तो महिला को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी और अंतत: उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया गया।
महिला के अनुसार, शादी के तुरंत बाद ही ससुराल पक्ष ने उसे 2 लाख नकद और एक हीरो होंडा बाइक देने के लिए दबाव डाला।
दहेज न मिलने पर उसकी मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार प्रताड़ना की गई। महिला की शिकायत के अनुसार, जब उसने और उसके परिवार ने यह मांग पूरी नहीं की, तो पति ने तीन तलाक कहकर उसे तलाक दे दिया। इसके बाद ससुराल ने कहा कि अगर महिला घर लौटना चाहती है, तो पहले हलाला कराए, यानी उसे किसी अन्य पुरुष से विवाह करना होगा और फिर अपने पति से दोबारा शादी करनी होगी।
हलाला एक विवादास्पद प्रथा है, जिसमें तलाक के बाद महिला को अपने पूर्व पति से पुनर्विवाह करने के लिए किसी अन्य पुरुष से शादी करनी पड़ती है। इसे समाज और न्यायपालिका दोनों जगह आलोचना का सामना करना पड़ा है। महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में दहेज उत्पीड़न, मारपीट और मानसिक दबाव के आरोप शामिल हैं। पुलिस ने पति और उसके परिवार के चार अन्य सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का स्पष्ट उदाहरण है। तलाक के साथ हलाला की शर्त को थोपना कानूनी और नैतिक रूप से गलत है। पुलिस द्वारा मामला दर्ज करना इस बात का संकेत है कि ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।