उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से X (ट्विटर) पर जारी जानकारी के मुताबिक, फिरोजाबाद के शिकोहाबाद ब्लॉक में ग्राम पंचायत वासुदेवमई के अंतर्गत उरमुरा किरार अब हरिनगर के नाम से जाना जाएगा, जबकि हरदोई के भरावन विकासखंड की ग्राम पंचायत हाजीपुर का नाम बदलकर सियारामपुर कर दिया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की आहट के बीच योगी सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की दो ग्राम पंचायतों/गांवों के नाम परिवर्तन को मंजूरी दे दी। हरदोई और फिरोजाबाद से भेजे गए प्रस्तावों पर मुहर लगाते हुए सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से सार्वजनिक भी कर दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से X (ट्विटर) पर जारी जानकारी के मुताबिक, फिरोजाबाद के शिकोहाबाद ब्लॉक में ग्राम पंचायत वासुदेवमई के अंतर्गत उरमुरा किरार अब हरिनगर के नाम से जाना जाएगा, जबकि हरदोई के भरावन विकासखंड की ग्राम पंचायत हाजीपुर का नाम बदलकर सियारामपुर कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में नाम परिवर्तन की कड़ी यहीं नहीं रुकी है। करीब एक महीने पहले हरदोई जिले के नाम को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हुई थी। डीएम कार्यालय की ओर से जारी पत्र में हरदोई का नाम प्रहलाद नगरी किए जाने के प्रस्ताव पर लोकसभा-विधानसभा के जनप्रतिनिधियों और जिला पंचायत अध्यक्ष से सुझाव व अभिमत मांगा गया था। बताया गया कि यह पहल प्रहलाद नगरी जनकल्याण समिति के अध्यक्ष शिवम द्विवेदी के आग्रह के बाद शुरू हुई। डीएम अनुनय झा ने जनप्रतिनिधियों से स्पष्ट कहा था कि वे अपने विचार लिखित रूप में उपलब्ध कराएं, ताकि सभी सुझावों को एक साथ संकलित कर उत्तर प्रदेश शासन को अंतिम निर्णय के लिए भेजा जा सके।
उत्तर प्रदेश में संस्कृति और विरासत को पहचान के रूप में सामने लाने की दिशा में योगी सरकार ने राजधानी लखनऊ के लिए एक नई और भव्य योजना पर काम तेज कर दिया है। सरकार प्रमुख प्रवेश मार्गों पर सात थीम-बेस्ड प्रवेश द्वार बनाने की तैयारी में है, ताकि लखनऊ में कदम रखते ही लोगों को उत्तर प्रदेश की आस्था, सभ्यता और सांस्कृतिक परंपरा की पहली झलक मिल सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार देर शाम शहरी विकास एवं आवास विभाग की बैठक में इस परियोजना के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राजधानी में प्रवेश करने वाला हर व्यक्ति पहली नजर में ही यूपी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत महसूस करे इसीलिए प्रवेश द्वारों में पारंपरिक भारतीय वास्तुकला और शिल्प का व्यापक इस्तेमाल किया जाए। योगी सरकार की योजना के मुताबिक ये सातों प्रवेश द्वार सिर्फ गेट नहीं होंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश की आस्था, इतिहास और सभ्यता की अलग-अलग कहानियों के प्रतीक बनकर राजधानी के रास्तों पर खड़े दिखेंगे। प्रस्तावित नक्शे के अनुसार प्रयागराज मार्ग (रायबरेली रोड) पर बनने वाला ‘संगम द्वार’ त्रिवेणी संगम और कुंभ परंपरा की झलक देगा। वाराणसी मार्ग (सुल्तानपुर रोड) पर नंदी-गंगा द्वार काशी विश्वनाथ की आध्यात्मिक ऊर्जा और गंगा-संस्कृति का संकेत बनेगा। वहीं अयोध्या मार्ग (बाराबंकी रोड) पर प्रस्तावित ‘सूर्य द्वार’ भगवान राम और सूर्यवंश की परंपरा को रेखांकित करेगा। इसी क्रम में सीतापुर रोड पर नैमिषारण्य से जुड़े संदर्भ में व्यास द्वार, हरदोई रोड पर हस्तिनापुर की स्मृति को जोड़ते हुए धर्म द्वार, आगरा रोड पर मथुरा-ब्रज की पहचान के रूप में कृष्ण द्वार और उन्नाव रोड (झांसी मार्ग) पर बुंदेलखंड की वीर-परंपरा को दर्शाता ‘शौर्य द्वार’ प्रस्तावित है। UP News