मुख्यमंत्री योगी ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और राजनीति की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य में शुद्ध, पारदर्शी और अपडेटेड मतदाता सूची लोकतंत्र की पहली शर्त है। ताकि यूपी यह संदेश दे सके कि यहां मतदाता सूची भी उतनी ही सशक्त है, जितना मजबूत इसका लोकतांत्रिक जनादेश।

UP News : उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR ) को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम गोरखपुर मंडल के जनप्रतिनिधियों और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों के सामने साफ-साफ हिदायत दी कि उत्तर प्रदेश की किसी भी विधानसभा में, किसी भी बूथ पर, एक भी पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से छूटना नहीं चाहिए और न ही कोई फर्जी या अपात्र नाम बचा रहना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चल रहा SIR अभियान महज चुनावी रस्म नहीं, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करने का बड़ा मिशन है। इसलिए उत्तर प्रदेश के हर सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर तक की पूरी बीजेपी टीम को इसमें अपना 100 फीसदी योगदान देना होगा, ताकि यूपी यह संदेश दे सके कि यहां मतदाता सूची भी उतनी ही सशक्त है, जितना मजबूत इसका लोकतांत्रिक जनादेश।
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी की दस सदस्यीय बूथ टोलियों को उत्तर प्रदेश की लोकतांत्रिक धड़कन संभालने की खास जिम्मेदारी दी। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि यूपी की हर विधानसभा और हर बूथ पर यह टीमें घर–घर दस्तक देकर मतदाताओं के SIR फॉर्म और गणना प्रपत्र बारीकी से जांचें। यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन लोगों का नाम उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट में होना चाहिए, उनका फॉर्म किसी भी हाल में छूटने न पाए और जो अपात्र, फर्जी या लंबे समय से दूसरे राज्यों या स्थानों पर शिफ्ट हो चुके हैं, ऐसे मतदाताओं के नाम समय रहते सूची से हटवाए जाएँ। मुख्यमंत्री योगी ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और राजनीति की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य में शुद्ध, पारदर्शी और अपडेटेड मतदाता सूची लोकतंत्र की पहली शर्त है। एसआईआर के ज़रिए बूथ–बूथ और घर–घर पहुँचकर यूपी में यह भरोसा मजबूत किया जाना चाहिए कि यहां का हर वैध मतदाता सूची में दर्ज है, और फर्जी मतदाता संस्कृति के लिए अब कोई जगह नहीं बची है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश के हर ज़िले में, खासकर ग्रामीण इलाकों में, महानगरों की तर्ज पर बूथ स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएँ, ताकि SIR अभियान कागज से निकलकर जमीन पर दिखे। इन शिविरों में बूथ टोली और बीएलओ मिलकर मतदाताओं के SIR फॉर्म और गणना प्रपत्र न सिर्फ जमा कराएँ, बल्कि मौके पर ही लोगों को यह भी समझाएँ कि फॉर्म सही और पूरा कैसे भरना है। जिन घरों तक बीएलओ पहले ही फॉर्म पहुँचाकर आए हैं, वहां से फॉर्म समय से वापस आए, इसकी जिम्मेदारी भी बूथ स्तर पर तय की जाए। सीएम योगी ने साफ कहा कि बीएलओ ने जितने फॉर्म बांटे हैं, उन्हें शत–प्रतिशत वापस दिलवाने में उत्तर प्रदेश संगठन को टीम भावना के साथ आगे आना होगा, क्योंकि यह काम सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पूरे यूपी के लिए एक बड़ी सांगठनिक जवाबदेही है।
योगी आदित्यनाथ ने साफ संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया अब सिर्फ फाइलों और कागज़ों में सिमटकर नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे पूरी तरह डिजिटल ताकत से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने बीजेपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि जो मतदाता अपने SIR फॉर्म भर चुके हैं, उनके विवरण को तुरंत ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपडेट कराया जाए, ताकि यूपी की वोटर लिस्ट सिर्फ आज के लिए नहीं, आने वाले सालों तक तकनीक के ज़रिए दुरुस्त रखी जा सके। जो लोग अब भी छूट गए हैं, उनके फॉर्म भरवाकर समय रहते डिजिटल एंट्री कराना भी संगठन की प्राथमिकता बने। सीएम ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश में पारदर्शी और अपडेटेड मतदाता सूची तैयार होना सिर्फ अगले चुनाव की जरूरत नहीं, बल्कि अच्छे शासन, सटीक योजना निर्माण और यूपी के भविष्य की मजबूत बुनियाद के लिए अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को सख्त चेतावनी भरे अंदाज़ में आगाह किया कि SIR अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश के किसी भी ज़िले और किसी भी बूथ पर मृतक मतदाताओं के नाम वोटर सूची में बने रहना अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि जो मतदाता अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनके नाम हटवाने के लिए जरूरी प्रपत्र तुरंत भरवाए जाएँ, ताकि यूपी की मतदाता सूची हकीकत के हिसाब से बिल्कुल साफ-सुथरी दिखाई दे। इसी तरह, जो लोग फर्जी पहचान, झूठे पते या बनावटी दस्तावेज़ों के सहारे मतदाता सूची में घुस आए हैं, ऐसे सभी नामों को चिन्हित कर तय समय सीमा के भीतर कठोर कार्रवाई कराई जाए। सीएम योगी ने साफ शब्दों में स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में फर्जी वोटिंग, डुप्लीकेट नाम और नकली मतदाताओं पर सख्त नजर रखना SIR अभियान का सबसे अहम और गैर-समझौता वाला हिस्सा है।
बैठक के आखिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर साफ संदेश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का हर जनप्रतिनिधि, हर पदाधिकारी और हर बूथ कार्यकर्ता यह बात गांठ बांध ले कि SIR महज़ निर्वाचन आयोग की कोई तकनीकी कसरत नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के लोकतांत्रिक भविष्य की रीढ़ है।
उन्होंने कहा कि अगर यूपी के हर बूथ पर मतदाता सूची एकदम शुद्ध, अपडेट और फर्ज़ीविहीन हो जाए, तो चुनावी पारदर्शिता अपने आप बढ़ेगी, फर्जी मतदान की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाएगी और उत्तर प्रदेश की जनता का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था पर और मजबूत खड़ा नज़र आएगा। योगी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि आने वाले दिनों में SIR को उत्तर प्रदेश के असली “घर–घर अभियान” में बदला जाए, ताकि पूरा यूपी एक स्वर में कह सके यहां अब कोई भी पात्र मतदाता वोट से वंचित नहीं रहेगा और कोई भी फर्जी नाम मतदाता सूची में छिपकर नहीं बैठेगा। UP News