‘ओवैसी-ओवैसी’ बंद करो! अखिलेश अपने दम पर काफी हैं - शिवपाल यादव
इसी टिप्पणी के बाद यूपी की राजनीति में यह चर्चा तेज हुई कि क्या सपा, चुनावी गणित के लिहाज से AIMIM जैसे दलों के साथ नए समीकरण तलाश रही है खासकर तब, जब अतीत में सपा कई बार ओवैसी की पार्टी को वोट-कटवा कहकर निशाने पर लेती रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच समाजवादी पार्टी ने AIMIM के साथ संभावित गठबंधन की अटकलों पर सख्त रुख अपनाया है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने साफ शब्दों में कहा कि अखिलेश यादव को असदुद्दीन ओवैसी की जरूरत नहीं है और समाजवादी पार्टी को AIMIM से किसी तरह के गठबंधन की आवश्यकता नहीं। शिवपाल ने स्पष्ट किया कि 2027 को लेकर AIMIM से न तो कोई बातचीत हुई है, न ही कोई प्रस्ताव सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तैर रही अफवाहों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सपा यूपी की जमीन पर अपनी संगठनात्मक पकड़ और जनता के भरोसे चुनाव लड़ती है। उनका दावा है कि पार्टी पहले भी जनसमर्थन के दम पर सत्ता तक पहुंची है और इस बार भी उत्तर प्रदेश की जनता के साथ अपने बलबूते मैदान में उतरकर सरकार बनाने का माद्दा रखती है।
सांसद के बयान से उड़ी थीं चर्चाओं की धूल
दरअसल, हाल में सपा ने आगामी चुनावी रणनीति को लेकर उत्तर प्रदेश के मोर्चे पर अपने सांसदों के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर से जब मीडिया ने ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना पर सवाल किया, तो उन्होंने सीधे किसी दल का नाम लिए बिना यह संकेत दिया कि भाजपा को हराने के लिए जो भी साथ आना चाहे, उसका स्वागत है। इसी टिप्पणी के बाद यूपी की राजनीति में यह चर्चा तेज हुई कि क्या सपा, चुनावी गणित के लिहाज से AIMIM जैसे दलों के साथ नए समीकरण तलाश रही है खासकर तब, जब अतीत में सपा कई बार ओवैसी की पार्टी को वोट-कटवा कहकर निशाने पर लेती रही है।
2027 की तैयारियों में UP बना केंद्र
शिवपाल के ताजा बयान को उत्तर प्रदेश में सपा की चुनावी लाइन का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि पार्टी अपने मुख्य सामाजिक गठजोड़ को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना चाहती है। पार्टी के भीतर 2027 को लेकर रणनीतिक मंथन जारी है और अखिलेश यादव की ओर से PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को और धार देने की कवायद भी तेज बताई जा रही है। हालांकि, गठबंधन को लेकर चर्चाएं समय-समय पर उठती रही हैं, लेकिन शिवपाल यादव के इस बयान के बाद यूपी में AIMIM के साथ संभावित तालमेल की बातें फिलहाल ठंडी पड़ती दिख रही हैं। शिवपाल यादव ने दो टूक कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा किसी भ्रम या अफवाह के सहारे नहीं, बल्कि संगठन और जनाधार के दम पर चुनाव लड़ेगी। उनके मुताबिक पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट है 2027 में यूपी की सत्ता के लिए मजबूत दावेदारी और इसी दिशा में पार्टी जमीन पर काम कर रही है। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच समाजवादी पार्टी ने AIMIM के साथ संभावित गठबंधन की अटकलों पर सख्त रुख अपनाया है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने साफ शब्दों में कहा कि अखिलेश यादव को असदुद्दीन ओवैसी की जरूरत नहीं है और समाजवादी पार्टी को AIMIM से किसी तरह के गठबंधन की आवश्यकता नहीं। शिवपाल ने स्पष्ट किया कि 2027 को लेकर AIMIM से न तो कोई बातचीत हुई है, न ही कोई प्रस्ताव सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तैर रही अफवाहों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सपा यूपी की जमीन पर अपनी संगठनात्मक पकड़ और जनता के भरोसे चुनाव लड़ती है। उनका दावा है कि पार्टी पहले भी जनसमर्थन के दम पर सत्ता तक पहुंची है और इस बार भी उत्तर प्रदेश की जनता के साथ अपने बलबूते मैदान में उतरकर सरकार बनाने का माद्दा रखती है।
सांसद के बयान से उड़ी थीं चर्चाओं की धूल
दरअसल, हाल में सपा ने आगामी चुनावी रणनीति को लेकर उत्तर प्रदेश के मोर्चे पर अपने सांसदों के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर से जब मीडिया ने ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना पर सवाल किया, तो उन्होंने सीधे किसी दल का नाम लिए बिना यह संकेत दिया कि भाजपा को हराने के लिए जो भी साथ आना चाहे, उसका स्वागत है। इसी टिप्पणी के बाद यूपी की राजनीति में यह चर्चा तेज हुई कि क्या सपा, चुनावी गणित के लिहाज से AIMIM जैसे दलों के साथ नए समीकरण तलाश रही है खासकर तब, जब अतीत में सपा कई बार ओवैसी की पार्टी को वोट-कटवा कहकर निशाने पर लेती रही है।
2027 की तैयारियों में UP बना केंद्र
शिवपाल के ताजा बयान को उत्तर प्रदेश में सपा की चुनावी लाइन का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि पार्टी अपने मुख्य सामाजिक गठजोड़ को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना चाहती है। पार्टी के भीतर 2027 को लेकर रणनीतिक मंथन जारी है और अखिलेश यादव की ओर से PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को और धार देने की कवायद भी तेज बताई जा रही है। हालांकि, गठबंधन को लेकर चर्चाएं समय-समय पर उठती रही हैं, लेकिन शिवपाल यादव के इस बयान के बाद यूपी में AIMIM के साथ संभावित तालमेल की बातें फिलहाल ठंडी पड़ती दिख रही हैं। शिवपाल यादव ने दो टूक कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा किसी भ्रम या अफवाह के सहारे नहीं, बल्कि संगठन और जनाधार के दम पर चुनाव लड़ेगी। उनके मुताबिक पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट है 2027 में यूपी की सत्ता के लिए मजबूत दावेदारी और इसी दिशा में पार्टी जमीन पर काम कर रही है। UP News












