वाराणसी में भारत-रूस संबंधों की मजबूती और मोदी-पुतिन वार्ता की सफलता के लिए गंगा आरती की गई। व्यापार, सुरक्षा और ऊर्जा सहयोग बढ़ने की कामना की गई।

UP News: भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे भरोसेमंद रिश्तों को और मजबूती देने की कामना को लेकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मां गंगा की विशेष आरती और पूजन किया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र की ओर से सामने घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता की सफलता के लिए बाबा विश्वनाथ और मां गंगा से प्रार्थना की गई।
गंगा आरती के दौरान नमामि गंगे टीम के सदस्यों ने भारत और रूस के राष्ट्रीय ध्वज हाथों में लेकर दोनों देशों की मित्रता और आपसी सहयोग के लिए प्रार्थना की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तस्वीरें भी हाथों में ली गईं। कार्यक्रम में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की कामना की गई। आयोजकों ने कहा कि भारत और रूस के संबंध केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग की मजबूत नींव रही है।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात भारत-रूस संबंधों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पारंपरिक रिश्ते लंबे समय से कायम हैं और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में यह वार्ता आपसी सहयोग को नई दिशा देने का अवसर प्रदान कर सकती है। उन्होंने भारत-रूस के बीच व्यापार और निवेश, सुरक्षा सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। UP News:
राजेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाले BRICS सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित सदस्य और भागीदार देशों के प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान वैश्विक शासन, बहुपक्षवाद, नवाचार, स्थिरता और समावेशी विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की कूटनीतिक भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है।
राजेश शुक्ला ने कहा कि चीन और रूस के साथ संबंधों, पश्चिम एशिया के संकट तथा वैश्विक संस्थानों में सुधार जैसे विषयों पर भारत की भूमिका अहम है। इसके साथ ही कट्टरवाद, उग्रवाद, सीमा पार आतंकवाद और वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ साझा प्रयासों की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत-रूस वार्ता से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। मां गंगा से यही प्रार्थना है कि भारत और रूस के संबंध हर क्षेत्र में और मजबूत हों तथा दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत वैश्विक शांति, सुरक्षा और विकास के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आए। UP News:
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