UP News: आरोप है कि एक व्यापारी की GST फाइल और टैक्स रिफंड से जुड़े काम के निस्तारण के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाया और चेतगंज स्थित एक रेस्टोरेंट में कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया।

सरकारी सेवा के आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुकीं वाराणसी की GST डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह अचानक एक विजिलेंस कार्रवाई को लेकर चर्चा में आ गईं। रिटायरमेंट से करीब चार महीने पहले विजिलेंस टीम ने उन्हें 50 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक व्यापारी की GST फाइल और टैक्स रिफंड से जुड़े काम के निस्तारण के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाया और चेतगंज स्थित एक रेस्टोरेंट में कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया।
जानकारी के मुताबिक, मला वाराणसी के चेतगंज क्षेत्र का है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बजरडीहा निवासी अजय कुमार मौर्य एक कंपनी के निदेशक हैं। उन्होंने विजिलेंस विभाग में शिकायत की थी कि उनकी कंपनी से जुड़े GST रिटर्न और फाइल निस्तारण के लिए उनसे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले की जांच की और इसके बाद कार्रवाई की योजना बनाई। टीम ने शिकायतकर्ता के जरिए एक जाल तैयार किया जिसके बाद GST डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह को चेतगंज स्थित एक रेस्टोरेंट में बुलाया गया। जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और अंबिका सिंह को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई शाम करीब 6 बजे की गई। गिरफ्तारी के बाद मामले की जानकारी सामने आते ही GST विभाग में भी हलचल तेज हो गई।
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अंबिका सिंह की गिरफ्तारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनका कार्यकाल अब अंतिम चरण में था। जानकारी के मुताबिक, वह करीब चार महीने बाद रिटायर होने वाली थीं। लंबे सरकारी करियर के आखिरी समय में हुई इस विजिलेंस कार्रवाई ने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है। हालांकि, आरोपों की पूरी सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि GST रिटर्न और फाइल से जुड़े काम को आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। इसी शिकायत के आधार पर विजिलेंस ने कार्रवाई की।
इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में विजिलेंस टीम द्वारा कार्रवाई किए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद वाराणसी में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, वायरल वीडियो और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही पूरी तरह हो सकेगी।
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