वाराणसी में हिंदू युवा वाहिनी के प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह को अंतिम समय पर रद्द किए जाने के बाद तनाव की स्थिति बन गई। कमिश्नरी सभागार में रविवार शाम वाराणसी मंडल के पदाधिकारियों का कार्यक्रम होना था, लेकिन प्रशासन की ओर से इसे रद्द कर दिया गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार को हिंदू युवा वाहिनी के प्रस्तावित कार्यक्रम को अंतिम समय पर रद्द किए जाने के बाद तनाव की स्थिति बन गई। जिला मुख्यालय स्थित कमिश्नरी सभागार में संगठन के वाराणसी मंडल के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह प्रस्तावित था। कार्यक्रम रद्द होने की सूचना के बाद संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जिला मुख्यालय पर कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। मामले में संगठन के भीतर चल रहा विवाद भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, संगठन के दो गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर विवाद है। एक गुट ने दूसरे संगठन को फर्जी बताते हुए प्रस्तावित कार्यक्रम पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। हिंदू युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह राठौड़ ने कार्यक्रम रद्द किए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वह मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
वाराणसी के कमिश्नरी सभागार में रविवार शाम हिंदू युवा वाहिनी के वाराणसी मंडल के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह होना था। संगठन की ओर से कार्यक्रम की तैयारियां की गई थीं। हालांकि, कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही इसे रद्द कर दिया गया। कार्यक्रम रद्द होने की जानकारी मिलते ही जिला मुख्यालय पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई। कई थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर तैनात किया गया। देखते ही देखते पूरा परिसर भारी सुरक्षा घेरे में आ गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह राठौड़ का दावा है कि कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी और कमिश्नरी सभागार को संगठन की ओर से बुक कराया गया था। उन्होंने बुकिंग की रसीद होने की बात भी कही है। राठौड़ का आरोप है कि कार्यक्रम रद्द करने से संबंधित पत्र 11 सितंबर को जारी किया गया था, जबकि उस पर 13 सितंबर की तारीख में हस्ताक्षर किए गए। उनका कहना है कि रविवार सुबह उन्हें कार्यक्रम रद्द किए जाने की जानकारी दी गई। UP News :
कमिश्नरी सभागार में कार्यक्रम रद्द होने के बाद संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रविवार शाम करीब छह बजे सारनाथ थाना क्षेत्र स्थित एक निजी लॉन में पहुंचे। संगठन के अनुसार, यहां बाहर से वाराणसी पहुंचे पदाधिकारियों के साथ बैठक करने की योजना थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज कुमार त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पदाधिकारियों से कार्यक्रम के संबंध में जानकारी ली और अनुमति नहीं होने की बात कही।
संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस को बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विभिन्न शहरों से लोग वाराणसी पहुंच चुके हैं। उनका कहना था कि अब किसी बड़े कार्यक्रम के बजाय केवल आपसी बातचीत के लिए बैठक की जा रही है। हालांकि, पुलिस देर शाम तक निजी लॉन में मौजूद रही। पुलिस की मौजूदगी के बीच प्रस्तावित बैठक भी आयोजित नहीं हो सकी।
कार्यक्रम रद्द किए जाने के बाद हिंदू युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह राठौड़ ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाते हुए न्यायालय जाने की बात कही है। उनका कहना है कि संगठन ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्यक्रम की तैयारी की थी। फिलहाल प्रशासन की ओर से कार्यक्रम रद्द किए जाने के संबंध में विस्तृत कारण और दोनों गुटों के दावों पर स्थिति स्पष्ट किए जाने की प्रतीक्षा है। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में वाराणसी जिला मुख्यालय तथा संबंधित क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। UP News :
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