वाराणसी से मानव तस्करी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। चौबेपुर क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी का कथित तौर पर अपहरण कर उसे तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। इसके बाद शादी कराने के नाम पर बुलंदशहर के एक युवक को एक लाख रुपये में सौंप दिया गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के वाराणसी से मानव तस्करी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। चौबेपुर क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी का कथित तौर पर अपहरण कर उसे तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। इसके बाद शादी कराने के नाम पर बुलंदशहर के एक युवक को एक लाख रुपये में सौंप दिया गया। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, लापरवाही बरतने के आरोप में चिरईगांव चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। UP News
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में चौबेपुर क्षेत्र के राहुल भारद्वाज, उसके चाचा शिवधनी, चाची मैना देवी, बुलंदशहर निवासी युवक तथा मथुरा निवासी नेम सिंह को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि राहुल ने ही नेम सिंह से संपर्क किया था। नेम सिंह ने शादी के लिए लड़की उपलब्ध कराने के बदले एक लाख रुपये देने की बात कही थी, जिसके बाद पूरी साजिश को अंजाम दिया गया। UP News
परिजनों के मुताबिक, किशोरी मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं है और उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका है। छह जून की सुबह वह घर से लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने चौबेपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की। बाद में 22 जून को पुलिस आयुक्त कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान भी शिकायत दी गई, लेकिन तब भी कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। UP News
तीन जुलाई को पीड़िता ने अपने चचेरे भाई को फोन कर बताया कि उसे शादी के लिए एक लाख रुपये में बेच दिया गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और पांच जुलाई को अपहरण, पॉक्सो एक्ट तथा मानव तस्करी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने लोकेशन के आधार पर किशोरी को बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता के बयान के अनुसार, पांच जून को राहुल और उसके एक साथी ने जबरन उसका अपहरण किया। इसके बाद उसे आरोपी की चाची के घर में तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। बाद में बुलंदशहर के एक 20 वर्षीय युवक से उसकी शादी करा दी गई। बताया जा रहा है कि युवक मजदूरी करता है, जबकि पूरा सौदा उसके मामा नेम सिंह ने तय किया था। UP News
किशोरी को सुरक्षित बरामद करने के बाद उसकी काउंसिलिंग कराई गई है। वहीं, शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने पर चिरईगांव चौकी प्रभारी महेश मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने स्पष्ट किया कि शादी के उद्देश्य से किसी बालिग या नाबालिग लड़की की खरीद-फरोख्त कानूनन मानव तस्करी की श्रेणी में आती है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में चौबेपुर, सारनाथ और चोलापुर क्षेत्रों में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। UP News
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