वाराणसी में पटाखे बनाने के दौरान हुए विस्फोट के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। छापेमारी में 2500 किलो से अधिक रासायनिक पदार्थ और 30 क्विंटल पटाखे बरामद किए गए। दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया और गिरफ्तारी भी की।

UP News : वाराणसी में पटाखे बनाने और उनके अवैध भंडारण को लेकर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। सारनाथ के पैगंबरपुर में मकान में पटाखे बनाने के दौरान हुए विस्फोट के बाद पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ और पटाखे बरामद किए हैं। कार्रवाई में 2500 किलो से अधिक रासायनिक पदार्थ और करीब 30 क्विंटल पटाखे जब्त किए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
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वाराणसी के काशी जोन की कोतवाली पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गोला दीनानाथ इलाके के एक मकान में छापेमारी की। पुलिस को मकान के दो कमरों में 50 से अधिक बोरियों में भरे रासायनिक पदार्थ मिले। इनका कुल वजन 2500 किलो से अधिक बताया गया है। एसीपी विजय प्रताप सिंह के मुताबिक, बरामद सामग्री में बेरियम कार्बोनेट, बेरियम नाइट्रेट, चारकोल पाउडर, एल्युमिनियम और पोटेशियम समेत अन्य रसायन शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन पदार्थों का इस्तेमाल पटाखे और सुतली बम बनाने में किया जाता है। पुलिस ने गोदाम के मालिक और चेतगंज निवासी राजेश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ कहां से लाए गए थे और इनका इस्तेमाल कहां किया जाना था। UP News :
इसी दौरान वरुणा जोन की कैंट थाना पुलिस ने एसओजी-2 के साथ सेंट्रल जेल रोड स्थित कुंज विहार कॉलोनी में एक मकान पर छापा मारा। यहां से करीब 30 क्विंटल पटाखे बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, मकान में पटाखों का भंडारण किया गया था और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। पुलिस ने मकान मालिक राहुल गुप्ता को गिरफ्तार कर पटाखों को जब्त कर लिया है। UP News :
दीपावली नजदीक आने के साथ ही पटाखों की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस अवैध भंडारण और कारोबार पर निगरानी बढ़ा रही है। शहर के पितरकुंडा, दालमंडी, बेनियाबाग, मदनपुरा, पांडेयपुर और लहरतारा जैसे इलाकों में भी अवैध कारोबार की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई से बचने के लिए कुछ कारोबारी ग्रामीण इलाकों की ओर रुख कर सकते हैं। ऐसे में सिंधोरा, पिंडरा, बड़ागांव और रिंग रोड के आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है। मकान में पटाखे बनाने के दौरान हुए विस्फोट के बाद सामने आई इन बरामदगियों ने अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस बरामद रसायनों के स्रोत, उनके संभावित इस्तेमाल और इस कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। UP News :
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