उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित एयर शो की तैयारियां तेज हैं। । राफेल, तेजस और सुखोई सहित लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और भारी परिवहन विमानों के प्रदर्शन की तैयारी बताई जा रही है। । 19 अक्टूबर से विमानों की रिहर्सल शुरू होने की जानकारी है। पढ़े पूरी खबर।

UP News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में सोमवार सुबह आसमान लड़ाकू विमानों की गर्जना से गूंज उठा। खिली धूप के बीच अचानक तेज आवाज सुनकर लोगों ने आसमान की ओर देखा तो भारतीय वायुसेना के विमान उड़ान भरते नजर आए। राफेल, तेजस और सुखोई की आवाज ने लोगों का ध्यान खींचा। दरअसल, वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित एयर शो की तैयारियों के तहत 19 अक्टूबर से विमानों की रिहर्सल शुरू हो गई है। आयोजन को अंतिम रूप देने के लिए भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। UP News
एयर शो के लिए गंगा किनारे नमो घाट और नदी के उस पार रेती पर दर्शकों के खड़े होने के स्थान चिह्नित किए गए हैं। आयोजन चरणबद्ध तरीके से होगा। पहले चरण में वायुसेना के लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर आसमान में करतब दिखाएंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश-विदेश के मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। मित्र देशों के राजदूतों को भी निमंत्रण भेजे जाने की जानकारी है। तीन दिनों तक शहर में वीआईपी और वीवीआईपी मेहमानों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। UP News
रिहर्सल के दौरान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्मित तेजस लड़ाकू विमान की उड़ान देखने को मिली। प्रस्तावित एयर शो में राफेल, तेजस और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों के साथ ध्रुव और प्रचंड हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन की भी तैयारी बताई जा रही है। इसके अलावा मिग और मिराज लड़ाकू विमानों, अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टरों तथा सी-17 ग्लोबमास्टर और सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस जैसे भारी परिवहन विमानों को भी शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, विमानों की अंतिम सूची की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही कार्यक्रम का पूरा विवरण स्पष्ट होगा। UP News
प्रस्तावित एयर शो में हवा में उड़ते विमान में ईंधन भरने यानी एरियल रिफ्यूलिंग का प्रदर्शन भी शामिल किए जाने की जानकारी है। यह सैन्य विमानन की जटिल प्रक्रिया है, जिसमें उड़ान के दौरान एक विमान से दूसरे विमान में ईंधन स्थानांतरित किया जाता है। यह प्रदर्शन काफी ऊंचाई पर होने के कारण जमीन से स्पष्ट रूप से देख पाना मुश्किल हो सकता है। इसके बावजूद यह एयर शो के खास आकर्षणों में शामिल हो सकता है। UP News
22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित एयर शो को देखते हुए दर्शकों के लिए स्थान निर्धारित करने, सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। गंगा के दोनों किनारों पर दर्शकों की संभावित भीड़ को देखते हुए यातायात और भीड़ प्रबंधन भी महत्वपूर्ण रहेगा। UP News
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