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प्रदेश सरकार ने वाराणसी रोप-वे सेवा के किराए की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यह रोप-वे दिल्ली मेट्रो से भी सस्ता साबित होगा।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी रोप-वे सेवा के किराए की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यह रोप-वे दिल्ली मेट्रो से भी सस्ता साबित होगा। न्यूनतम किराया 10 और अधिकतम 50 निर्धारित किया गया है। वहीं, काशी स्मार्ट पास धारकों को 20 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी, जिसके बाद विद्यापीठ से रथयात्रा तक का सफर मात्र 8 में पूरा किया जा सकेगा।
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जारी आदेश के अनुसार वाराणसी रोप-वे में कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा और गोदौलिया चौक स्टेशनों के बीच किराया दूरी के अनुसार निर्धारित किया गया है। कैंट से गोदौलिया चौक तक पूरी यात्रा के लिए यात्रियों को 50 चुकाने होंगे, जबकि विद्यापीठ से रथयात्रा के बीच यात्रा का किराया 10 रखा गया है। सरकार का दावा है कि किराए की यह संरचना आम यात्रियों को सस्ती, तेज और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
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किराए की तुलना दिल्ली मेट्रो से की जा रही है, जहां वर्तमान में न्यूनतम किराया 11 और अधिकतम 64 है। इस आधार पर वाराणसी रोप-वे को 10 से 20 प्रतिशत तक सस्ता बताया जा रहा है। हालांकि, दूरी के हिसाब से विश्लेषण करने पर कुछ रूटों पर यह अपेक्षाकृत महंगा भी पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों और नियमित यात्रियों के लिए काशी स्मार्ट पास की सुविधा दी जाएगी। इस पास के जरिए किराए पर 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। उदाहरण के तौर पर कैंट से गोदौलिया तक की यात्रा 40 में और विद्यापीठ से रथयात्रा की यात्रा केवल 8 में संभव होगी। शासनादेश के अनुसार रोप-वे किराए में हर वर्ष 1 अप्रैल को संशोधन किया जाएगा। इसमें 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाएगी, जिसे 5 के निकटतम गुणांक में समायोजित किया जाएगा। कैंट रोप-वे स्टेशन पर क्लॉक रूम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जहां यात्री शुरुआती दो घंटे तक अपना सामान नि:शुल्क रख सकेंगे। इसके बाद 15 किलोग्राम तक के सामान के लिए 50 प्रति घंटे शुल्क देना होगा।
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पर्यटन और समूह यात्राओं को ध्यान में रखते हुए प्रीमियम गोंडोला सेवा भी शुरू की जाएगी। इसका किराया 2000 प्रति यात्रा निर्धारित किया गया है, जबकि अग्रिम बुकिंग या समूह आरक्षण पर यह 1200 प्रति यात्रा तक उपलब्ध होगा। सरकार का मानना है कि यह सेवा वाराणसी के प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव को कम करेगी और यात्रियों को तेज, सुरक्षित तथा पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्प प्रदान करेगी।
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