वाराणसी के शिवाला में सीवर से बालू की बोरियां मिलने पर सियासी घमासान तेज हो गया है। अजय राय ने मौके का निरीक्षण कर CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की।

UP News : उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के शिवाला इलाके में सीवर लाइन से बालू से भरी बोरियां मिलने का मामला अब राजनीतिक तकरार का मुद्दा बन गया है। नगर निगम की ओर से मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। इसी बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय सोमवार को शिवाला पहुंचे और मौके का निरीक्षण करते हुए मामले की जांच को लेकर सवाल उठाए। अजय राय ने मेनहोल का जायजा लेने के बाद मांग की कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सार्वजनिक की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सीवर में बालू की बोरियां किसने डाली थीं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई में कथित देरी को लेकर भी सवाल उठाए।
वाराणसी के शिवाला, नगवा और सरायनंदन समेत करीब आधा दर्जन वार्डों में सीवर लाइनों की सफाई के दौरान बालू से भरी बोरियां, पत्थर, लकड़ी का बुरादा, प्लाई और प्लास्टिक जैसी सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई थी। शिवाला क्षेत्र में सफाई के दौरान करीब 12 बोरी बालू निकाले जाने की बात भी नगर निगम की ओर से बताई गई थी। मुख्य सीवर लाइन में अवरोध के कारण आसपास के इलाकों में सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या सामने आई थी। नगर निगम ने इसे गंभीर मामला मानते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और सीसीटीवी फुटेज की मदद से संबंधित लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की।
शिवाला पहुंचकर अजय राय ने कहा कि जिस स्थान पर मेनहोल है, उसके आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और उनका संचालन त्रिनेत्र कमांड सेंटर से होता है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि बोरियां सीवर में किसने डालीं, यह पता लगाने में इतना समय क्यों लग रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि सीसीटीवी फुटेज सामने लाई जाए, जिससे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सके। इससे पहले भी वह सीवर में बोरियां मिलने के मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की मांग कर चुके हैं।
अजय राय के मुताबिक जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता की शिकायत पर 12 सितंबर को भेलूपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस या विपक्ष का कोई व्यक्ति इस मामले में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अजय राय ने यह भी कहा कि वह जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। अजय राय ने आरोप लगाया कि सरकार और भाजपा से जुड़े लोग अपनी नाकामी छिपाने के लिए विपक्ष को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सीवर में बोरियां डलवाने में भाजपा से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों में नगर निगम और पुलिस की जांच जारी होने की बात सामने आई है। इसलिए मामले में किसी व्यक्ति या राजनीतिक संगठन की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अजय राय ने वाराणसी में सीवर और जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहर में बुनियादी सुविधाओं को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं, लेकिन सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की घटनाएं व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। वहीं, नगर निगम का कहना है कि सीवर लाइनों की सफाई और जलभराव दूर करने का काम किया जा रहा है तथा मामले में सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच पुलिस और संबंधित विभाग की ओर से की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सीवर लाइन में बालू की बोरियां और अन्य सामग्री किसने डाली थी।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं और सीवर लाइन में अवरोध पैदा करने का उद्देश्य क्या था। UP News :
विज्ञापन