सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने की मांग की। सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शिवाला में सीवर को जानबूझकर जाम किया गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के भेलूपुर थाना क्षेत्र के शिवाला में सीवर जाम होने का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने की मांग की। सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शिवाला में सीवर को जानबूझकर जाम किया गया, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण काशी की छवि भी प्रभावित हुई। UP News
सपा कार्यकर्ताओं ने वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सीवर को जाम करने के लिए उसमें बालू से भरी बोरियां डाली गई थीं। सपा नेताओं का कहना है कि यदि जांच में सीवर के भीतर बालू की बोरियां डाले जाने की बात सामने आती है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। UP News
सपा नेता राजू यादव के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
सपा नेताओं का कहना है कि सीवर जाम होने की घटना सामान्य तकनीकी समस्या नहीं थी, बल्कि इसके पीछे जानबूझकर की गई कार्रवाई की आशंका है। इसी वजह से उन्होंने प्रशासन से मजिस्ट्रियल जांच कराकर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की है। UP News
शिवाला में सीवर जाम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस वीडियो को अपने एक्स अकाउंट पर साझा किया था। इसके बाद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मामले की जांच की मांग तेज कर दी। सपा नेता राजू यादव ने मेयर अशोक तिवारी पर जानबूझकर काशी की छवि खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सीवर जाम होने के पीछे वास्तविक कारण क्या था। सपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि जांच के दौरान सीवर जाम करने के कारणों, मौके पर डाली गई सामग्री और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाए। अब इस मामले में प्रशासन की जांच और संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। UP News
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