वाराणसी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो की फाइनल रिहर्सल पूरी हुई। राफेल, तेजस, सुखोई-30 और हेलीकॉप्टरों ने रोमांचक हवाई करतब दिखाए।

UP News : उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना की ताकत और हुनर का शानदार नजारा देखने को मिला। वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ की अंतिम रिहर्सल बुधवार को पूरी हुई। इस दौरान राफेल, सुखोई-30, स्वदेशी तेजस, मिराज-2000 और प्रचंड जैसे विमानों ने अपने हवाई कौशल का प्रदर्शन किया। हेलीकॉप्टरों की रोमांचक उड़ानों और तिरंगे के रंगों से सजे आसमान ने इस अभ्यास को खास बना दिया। इस एयर शो में आधुनिक सैन्य क्षमता के साथ काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को भी हवाई फॉर्मेशन के जरिए दर्शाने की तैयारी की गई है। कार्यक्रम में कुल 25 फॉर्मेशन प्रस्तुत किए जाने की योजना है। इनमें गंगा, भगवान शिव और काशी से जुड़े नामों के जरिए भारतीय परंपरा और वायुसेना के पराक्रम का अनूठा मेल दिखाई देगा।
अंतिम रिहर्सल की शुरुआत ‘काशी’ फॉर्मेशन से हुई। इसमें सूर्य किरण टीम के तीन विमानों ने वी आकार में उड़ान भरी और आसमान में तिरंगे की छटा बिखेरी। इसके बाद अलग-अलग फॉर्मेशन के जरिए लड़ाकू विमानों की गति, संतुलन और समन्वय का प्रदर्शन किया गया। ‘केदार’ फॉर्मेशन में राफेल ने कम ऊंचाई पर एरोबेटिक करतब दिखाए। ‘हनुमान’ फॉर्मेशन में सुखोई-30 ने उड़ान कौशल का प्रदर्शन किया, जबकि ‘सारनाथ’ फॉर्मेशन में हावर्ड विमान शामिल रहा। ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन में राफेल और ‘विश्वनाथ’ में सुखोई-30 की उड़ान ने अभ्यास को खास बनाया। स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने ‘अस्सी’ फॉर्मेशन में कम ऊंचाई पर एरोबेटिक करतब दिखाए। वहीं, ‘पशुपति’ फॉर्मेशन में जगुआर विमानों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनों के जरिए दर्शकों को भारतीय वायुसेना के अलग-अलग विमानों की विशेषताओं से रूबरू कराने की तैयारी की गई। UP News
रिहर्सल में केवल लड़ाकू विमान ही नहीं, बल्कि हेलीकॉप्टरों ने भी अपनी क्षमता दिखाई। ‘वरुणा’ फॉर्मेशन में हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे कमांडो को नीचे उतारने का प्रदर्शन किया गया। यह अभ्यास विशेष परिस्थितियों में सैनिकों की तैनाती और अभियान संबंधी कौशल को दर्शाता है। ‘ओमकार’ फॉर्मेशन में MI-17 हेलीकॉप्टरों ने वी आकार में उड़ान भरी। ‘भागीरथी’ फॉर्मेशन में हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों और अपाचे ने डायमंड आकार बनाया। वहीं, ‘त्रिदेव’ फॉर्मेशन में नौसेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने संयुक्त उड़ान भरकर आपसी समन्वय का संदेश दिया। UP News
‘महादेव’ फॉर्मेशन में हवा में ईंधन भरने वाले आईएल-78 विमान के साथ लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी। यह फॉर्मेशन लंबी दूरी के अभियानों में हवाई ईंधन भरने की अहमियत को दर्शाता है। ‘प्रचंड’ फॉर्मेशन में छह लड़ाकू विमानों ने एरोहेड आकार में उड़ान भरकर सामूहिक हवाई संचालन का प्रदर्शन किया। अंतिम ‘दशाश्व’ फॉर्मेशन में C-17 ग्लोबमास्टर के साथ सूर्य किरण टीम के नौ हॉक विमानों ने फ्लाई-पास्ट किया। इस दौरान बड़े परिवहन विमान और एरोबेटिक टीम की संयुक्त प्रस्तुति ने पूरे अभ्यास को खास बनाया। UP News
‘विंग्स ओवर गंगा’ की रिहर्सल में काशी से जुड़े ‘काशी’, ‘केदार’, ‘महादेव’, ‘विश्वनाथ’ और ‘नीलकंठ’ जैसे नामों ने कार्यक्रम को स्थानीय सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा। गंगा के ऊपर विमानों की उड़ान और तिरंगे के रंगों ने इस आयोजन को देशभक्ति के भाव से भी जोड़ा। अंतिम रिहर्सल पूरी होने के साथ एयर शो की तैयारियां एक अहम चरण में पहुंच गई हैं। प्रस्तावित 25 फॉर्मेशन के जरिए भारतीय वायुसेना की आधुनिक तकनीक, स्वदेशी विमानन क्षमता और विभिन्न इकाइयों के समन्वय को प्रदर्शित किया जाएगा। UP News
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